आयुष्मान मरीजों को मिलने वाली सहूलियतों को लगा ग्रहण

 आयुष्मान मरीजों को मिलने वाली सहूलियतों को लगा ग्रहण



मरीज भटकते रहे मरीज़ कागजो में सिमट आयुष्मान कार्ड


(न्यूज़)।केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को जिला अस्पताल में पर्चा बनवाने और जांच में फायदा होने की चर्चा एक साल पहले बड़ी तेजी से हो रही थी। इसके लिए इमरजेंसी में आयुष्मान वार्ड के साथ ही ओपीडी में परामर्श के लिए भी अलग से पर्चा काउंटर बनाया जाना था लेकिन यह प्रस्ताव अभी तक ठंडे बस्ते में ही है।

आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को जिला अस्पताल में अभी तक अलग से कोई सुविधा नहीं दी जा रही है। अभी तक एक ही काउंटर से पर्चा बन रहे हैं और उन्हीं वार्डों में मरीजों को भर्ती करने की सुविधा दी जा रही है। इससे गोल्डन कार्ड धारक और सामान्य मरीजों में कोई अंतर नजर नहीं आ रहा है। बता दें कि एक साल पहले शासन ने गोल्डन कार्ड धारकों को अलग से इलाज की व्यवस्था की बात कही थी।

कोरोना महामारी के चलते लगे लाकडाउन के चलते सारा काम ठप पड़ गया था। अब सबकुछ पहले जैसा होने के बावजूद विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। जबकि अब तक इस प्रस्ताव पर काम शुरू हो जाना चाहिए था। अस्पताल की इमरजेंसी में अलग से आयुष्मान वार्ड शुरू कराए जाने की तैयारी थी। इतना ही नहीं गोल्डन कार्ड धारकों के लिए पर्चा काउंटर भी अलग बनाया जाना था। इससे गोल्डन कार्ड धारकों को लाभ मिलता लेकिन अभी तक इस ओर विभाग की कवायद अभी तक नहीं शुरु हो सकी है।