उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष का व्यापारियों ने किया स्वागत

 उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष का व्यापारियों ने किया स्वागत



फतेहपुर।उद्योग व्यापार मण्डल उत्तर प्रदेश की सम्बद्ध इकाई प्रदेश युवा व्यापार मण्डल के प्रदेश अध्यक्ष हर्षित खत्री का जनपद आगमन पर नीलकंठ पैलेस पटेलनगर में कोर कमेटी के पदाधिकारियों द्वारा पुष्पहार पहनाकर प्रतीक चिन्ह देते स्वागत अभिनन्दन किया गया, युवा प्रदेश अध्यक्ष हर्षित खत्री ने कहा शीघ्र ही प्रदेश के समस्त जनपदों में युवा इकाई का गठन कर लिया जाएगा, युवा पीढ़ी युवा शक्ति को एकत्रीकरण करते युवा वर्ग को सशक्तिकरण करते संगठन को शक्तिशाली बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है     संस्थापक अध्यक्ष किशन मेहरोत्रा  ने पदाधिकारियो के साथ युवा प्रदेश अध्यक्ष हर्षित खत्री  का फूल मालाओं से स्वागत करते उत्साह वर्धन किया,व टीम सदस्यों से कहा प्रदेश जिला नगर, तहसील, कस्बा, ग्राम, ब्लाक, ट्रेड, इकाइयों का शीघ्र निर्माण पूर्ण करें, संगठन को विस्तारित करे, स्वागत करने वालो में महासचिव अनिल वर्मा, जिलाध्यक्ष इलेक्ट्रॉनिक इलेक्ट्रिकल संगठन मोo अंजुम,सह महामंत्री चन्द्र प्रकाश बब्लू गुप्ता, उपाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्रा उपस्थित रहे।

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अब बुजुर्गों और माता पिता की देखभाल के लिए मिलेगा 10 हजार रुपये, मोदी सरकार बदलेगी नियम न्यूज़।माता-पिता और बुजुर्गों की देखरेख के लिए अब केंद्र सरकार नया नियम लाने जा रही है. दरअसल, मेंटनेंस और वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 पर मानसून सत्र में फैसला लिया जा सकता है. बता दें कि सोमवार से ही मानसून सत्र शुरू हो चुका है। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 केंद्र सरकार के एजेंडा में काफी समय से था. मानसून सत्र की शुरुआत में ही केंद्र सरकार इस बिल को लेना चाहती है. दिसंबर 2019 में पास कर दिया गया था ये नियम। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में पास कर दिया था। इस बिल का मकसद लोगों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को छोड़ने से रोकना है। विधेयक में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी जरूरतों, सुरक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ उनके भरण-पोषण और कल्याण का प्रावधान बनाया गया है। देश में कोविड-19 महामारी की दो विनाशकारी लहरों के मद्देनज़र आने वाला यह विधेयक मौजूदा सत्र में संसद द्वारा पास होने पर वरिष्ठ नागरिकों और अभिभावकों को अधिक पावर देगा. इस बिल को संसद में लाने से पहले कई बदलाव किये गये हैं. जानें इस नियम से संबंधित अहम जानकारी- वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में बच्चों का दायरा बढ़ाया गया है। इसमें बच्चे, पोतों (इसमें 18 साल से कम को शामिल नहीं किया गया है) को शामिल किया गया है. इस बिल में सौतेले बच्चे, गोद लिये बच्चे और नाबालिग बच्चों के कानूनी अभिभावकों को भी शामिल किया गया है। अगर ये बिल कानून बन जाता है तो 10,000 रुपये पेरेंट्स को मेंटेनेंस के तौर पर देने होंगे. सरकार ने स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग और पेरेंट्स की आय को ध्यान में रखते हुए, ये अमाउंट तय किया है। कानून में बायोलिजकल बच्चे, गोद लिये बच्चे और सौतेले माता पिता को भी शामिल किया गया है। मेंटेनेस का पैसा देने का समय भी 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दिया गया है।
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