जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय नाव सुरक्षा एवं नाभिक कल्याण समिति का किया गया गठन

 जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय नाव सुरक्षा एवं नाभिक कल्याण समिति का किया गया गठन



फतेहपुर।नव सुरक्षा एवं नाविक कल्याण नीति-2020 के क्रियान्वयन के हेतु "नाव सुरक्षा एवं नाविक कल्याण समिति" के गठन के लिए विकास भवन सभागार में अपर जिलाधिकारी(वि0/ रा०) लालता प्रसाद शाक्य की अध्यक्षता सम्पन्न हुई। अपर जिलाधिकारी द्वारा सभी उपस्थित प्रतिभागियों के समक्ष शासनादेश एवं नाव सुरक्षा एवं नाविक कल्याण नीति-2020 के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान किया गया, जिसमें उनके द्वारा बताया गया कि मा0 उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के क्रम में उत्तर प्रदेश नाव सुरक्षा एवं नाविक कल्याण नीति-2020 प्रख्यापित की गयी है। जल में पैदा की जाने वाली फसलों यथा सिंघाडा, मखाना आदि की खेती में व्यक्तिगत रूप से प्रयोग होने वाली नावें इस नीति से आच्छादित नहीं होगी।

ज्नपद  में नौकाओं के संचालन, सुरक्षा और रख रखाव तथा नौका दुर्घटनाओं के प्रबन्धन व न्यूनीकरण एवं नाविक

कल्याण हेतु जनपद स्तर पर जिलाधिकारी संजीव सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय "नाव सुरक्षा एवं नाविक कल्याण समिति का गठन किया गया है।जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति मे पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्साधिकारी, ए.आर.टी.ओ., जिला

पंचायत राज अधिकारी, अधिशाषी अभियन्ता सिंचाई, जिला समाज कल्याण अधिकारी,जी0एम0डी0आई0सी0 (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम(उद्योग विभाग), अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका परिषद्  सहायक श्रम जिला समन्वयक कौशल विकास, शिवबरन निषाद, मछुआरा संघ के अध्यक्ष सदस्य हैं।समिति के सदस्य संयोजक अपरजिलाधिकारी (वि./रा.) हैं। तहसील, नगर निकाय एवं ग्राम पंचायत स्तर पर नाव सुरक्षा एवं नाविक कल्याण नीति-2020 के तहत नाविक कल्याण समिति का गठन अतिशीघ्र किये जाने

हेतु अपरजिलाधिकारी (वि०/रा०) द्वारा सम्बन्धित अधिकारियो को निर्देशित किया है।

उप जिलाधिकारी खागा प्रहलाद सिंह द्वारा बताया गया कि जनपद में देशी मानव चलित नौकाये प्रयोग में लायी जाती है

जिसके के कारण कतिपय स्थानों पर नौका दुर्घटनाएं होने की संभानाएं बनी रहती हैं। शिवबरन निषाद, अध्यक्ष मछुआरा संघ द्वारा बताया गया कि जनपद में नौका दुर्घटनाओं के अन्य कारणो मे जीर्ण-शीर्ण, क्षतिग्रस्त व पुरानी नौकाओं द्वारा अपनी भारवाही क्षमता से अधिक भार का नौवाहन किये जाने, नौका की भौतिक दशाओं, संरचनाओं व उनके परिचालन गतिविधियों के समुचित सत्यापन

का अभाव, नौका संचालकों का खराब या शून्य प्रशिक्षण, उनकी खतरनाक कार्यशैली नौ परिवहन सम्बंधी कानूनो का वास्तविक रूप से पालन न किये जाने आदि कारणों से दुर्घनायें घटित होने की संभावना अधिक प्रबल कर देती हैं, जनपद में यमुना नदी के किनारें गढ़ा ग्राम पंचायत में चैतमाह के नवरात्र में सिंह वाहिनी मेला का आयोजन किया जाता है. जिसमें नदी के उस पार से बड़ी मात्रा में

लोग मेला देखने आते हैं, जिसमें दुर्घटना होने की संभावना होती है। अपरजिलाधिकारी (वि0/रा०) द्वारा जनपद मे संचालित देशी मानव चालित (नान मेकेनाइज्ड) नौकाओं, घाटों, नाविकों, तैराकों, गोताखोरों आदि का 15 दिवसों के अंदर सर्वेक्षण के माध्यम से

चिन्हीकरण कर सूची तैयार करने, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 एन0एस0 मानको नाव पर रखे जाने वाले प्राथमिक चिकित्सा किट में सम्मिलित की जाने वाली औषधियों एवं सामग्री की सूची तैयार करने हेतु सम्बन्धित अधिकारियों का निर्देशित किया गया तथा सुरक्षा और रख-रखाव, नौका दुघर्टना प्रबन्धन से सम्बन्धित विभिन्न स्टेक होल्डर्स की जागरूकता एवं क्षमता वृद्धि एव बचाव उपकरणों/संसाधनों को सूचीबद्ध कर आनलाइन इन्वेंट्री आई०डी०आर०एन० मे फीड कराया जाने एवं किसी नौका

इमरजेंसी/दुघर्टना की स्थिति में की जाने वाली कार्यवाही के सम्बंध में विस्तृत एसओ०पी०/एक्सीडेंटल मैनेजमेंट प्लान तैयार

करने के सम्बन्ध दिशा निर्देश दिये गये । विकास व कल्याणकारी योजनाओं, वित्तीय व ऋण परियोजनाओ से नाविकों व गोताखोरों को प्राथमिकता से जोड़ने हेतु समाज कल्याण अधिकारी एवं सहायक श्रमायुक्त को निर्देशित किया गया। जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण के समन्वय से जून माह तक शासनादेश में दिये गये निर्देशानुसार यमुना नदी एव गंगा नदी से बाढ़ प्रभावित गांवों में

सर्वप्रथम पुलिस एन0डी0आर0एफ0/पी0ए0सी0/एस0डी0आर0एफ0 टीमों के सहयोग से नाविकों/ तैराकों एवं गोताखारों का प्रशिक्षण

एवं स्वयं सेवी संगठनों द्वारा नाव दुघर्टना प्रबन्धन व सुरक्षा हेतु स्कूल/कालेज/नदी तटवर्ती क्षेत्रो इत्यादि में जागरूकता कार्यक्रम

संचालित करने हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।

इस अवसर पर उप जिलाधिकारी बिन्दकी प्रियंका,उपजिलाधिकारी खागा प्रहलाद सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा0

एन०एस० मान, सी0ओ0 सिटी संजय कुमार सिंह, सहायक श्रमायुक्त सुविज्ञ सिंह, पी0टी0ओ0 जी०एन० मिश्रा, समाज कल्याण

अधिकारी के०एस० मिश्र, तहसीलदार सदर विदुषी सिंह, तहसीलदार बिन्दकी गणेश सिंह, जिला सूचना अधिकारी आर0एस0 वर्मा,जिला आपदा प्रबन्धन सलाहकार कृष्ण कुमार, शिवानंद ए0एम0-डी0आई0सी0, धर्मेन्द्र कुमार एस0डी0ओ0 सिंचाई विभाग, मुख्य राजस्व सहायक अनुराग सिंह, उमाशंकर आपदावाबू, अधिशाषी अधिकारी बिन्दकी निरूपमा प्रताप, अजय कुमार अधिशाषी अधिकारी किशनपुर, सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे ।

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