तीन दिवसीय राम लीला का आज शुभारंभ हुआ नारद मोह से

 तीन दिवसीय राम लीला का आज शुभारंभ हुआ नारद मोह से


गिरिराज शुक्ला

बिंदकी फतेहपुर

ग्राम सराय महमूदपुर में तीन दिवसीय रामलीला का आयोजन शनिवार को लेटश्व़र रामलीला समिति द्वारा किया गया।  लीला में किरदारों ने नारद मोह, राम जन्म  लीला का मंचन किया तो भक्त  देख कर भाव विभोर हो गए।

विकासखंड देवमई क्षेत्र के गांव सराय महमूदपुर में रामलीला जगत के सुविख्यात प्राप्त कलाकारों ने नारद मोह की लीला का मंचन किया लीला में दिखाया गया कि नारद मुनि हिमगिरि गुफा पर ब्रह्म की साधना कर रहे थे। तभी देवताओं के राजा इंद्र का सिंघासन डोला तो उसने अपने दूत कामदेव को देवलोक से मृत्यु लोक में जा कर देखने को कहा दूत ने देवर्षि नारद को  गुफा में साधना करते देखा तो इंद्र से जाकर बताया,  इंद्र ने  नारद की साधना को भंग करने के लिए काम देव और रंभा, उर्वशी, मेनका, तिलोतमा, अप्सराओं को हिमगिरि गुफा में भेजा। कामदेव और अप्सराएं नारद मुनि की साधना को भंग करने में विफल रहे। और कामदेव ने नारद मुनि से छमा मांगी। काम विजेता होने पर नारद को अहंकार हो गया और वो कैलाश पर्वत में पहुंचकर भगवान शंकर और  बाद में ब्रम्हा जी से मिलकर  बताया कि मैं काम विजेता हों गया। उन्होंने विष्णु के पास जाने को कहा अंहकार के वशीभूत नारद मुनि छीर सागर में विष्णु के पास पहुंचे और उनसे पूरी बात बताई। भगवान विष्णु ने राजा सीलनिधि के घर विश्व़ मोहिनी नाम की कन्या को प्रगट कर माया का जाल बिछाया जिसमें नारद मुनि फस गए। नारद ने विश्व़ मोहिनी से विवाह रचाने के लिए विष्णु से सुंदर स्वरुप मांगा तो उन्होंने ने वानर रूप दें दिया। इसके बाद विष्णु ने विश्व़ मोहिनी  कन्या को अपने अन्दर समाहित कर लिया। देवर्शी नारद ने क्रोध में आकर विष्णु को श्राप दिया कि जो वानर स्वरुप अपने मुझे दिया है, यही वानर जब आप मृत्यु लोक में राम औतार में जन्म लेंगे तो आपकी मदद करेंगे। इसके पूर्व श्री राम जन्म की लीला का मंचन किया गया।

इस मौके पर राजू मिश्रा, रोहित पांडेय, विकास तिवारी, आषतोश पांडेय, शोभित मिश्रा, महेश पांडेय, हर्षित पांडेय आदि मौजूद रहे।