खंड विकास अधिकारी व प्रधान की मिलीभगत से नहीं मिल पा रहा पात्रों को आवास

 खंड विकास अधिकारी व प्रधान की मिलीभगत से नहीं मिल पा रहा पात्रों को आवास



फतेहपुर।जिलाधिकारी द्वारा मामले को संज्ञान में लेते हुए जिला स्तर की जांच कमेटी गठित कर कार्रवाई करने के दिये निर्देश। जिलाधिकारी द्वारा खुली बैठक कर निष्पक्ष जांच करने के दिए गए निर्देश 10 दिन बीत गए ना की गई जांच ना खुली बैठक।

खुली बैठक में खुलेगी सभी अधिकारियों की पोल भ्रष्टाचार से लिप्त अधिकारियों पर गिर सकती है गाज सांठगांठ ना होने पर दर्जनों गरीब ,निर्धन, असहाय ,को बनाया गया अपात्र सन 2001 से 2010 के बीच में एक ही परिवार में दो बार आवास का लाभ दिया जा चुका है। इस बार फिर लंबी सांठगांठ कर उच्च अधिकारियों द्वारा आवास देने में प्रयास रत्न हैं।गुलाबी चॉकलेट मे मस्त विभागी अधिकारी अपात्रो के हौसले बुलंद सबूत जुटाने में जुटा ग्रामीण जांच के नाम पर सिर्फ हवा हवाई ग्रामीण कर रहे विरोध।मुख्यमंत्री पोर्टल पर लगी आख्या को बनाया मजाक

बीते दिनों घंटों चली वार्ता जिस पर खंड विकास अधिकारी द्वारा मामले को संज्ञान में लेते हुये बताया की पूर्व में लगी आख्या को सही बताया साथ ही सचिव हेमंत सिंह को सूची में पुनः नाम शामिल करने पर कड़ी फटकार लगाई और तत्काल सूची से नाम हटाने के निर्देश दिए थे। इस संबंध में जब ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजेंद्र कुमार से बात की गई तो अपना पल्ला झाड़ते हुये व सचिव पर आरोप लगाते हुए बताया गया कि इस आवास को मै पहले ही मना किया था लेकिन मेरी बात ना मानकर सिक्रेटरी से सांठगांठ कर आवास को फाइनल सूची में शामिल कर किस्त आवंटन करने की प्रक्रिया शुरू कर दिया था मेरी किसी प्रकार की कोई सहमत नहीं है। विजयीपुर ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत खेमकरनपुर बसई का ताजा मामला जहा पर ग्राम प्रधान व सचिव की साठगांठ के आगे निर्धन व असहाय को पात्रता सूची से रखा दूर अपात्रों से सांठगांठ कर प्रधानमंत्री आवास और दिया जा रहा लाभ। जानकारी के अनुसार बताया जाता है कि कई व्यक्तितो को 2-3 बार आवास मिलने के बाद भी प्रधान व सचिव से सांठगांठ कर आवासों की सूची में नाम हुआ शामिल शिकायत करने में शामिल ग्रामीण धीरेंद्र कुमार ,रामप्रकाश, संजय, कैलाश, हरिश्चंद्र ,दिनेश, चंद्ररानी,कौशल्या,सुरेमा देवी, पुष्पा देवी,मनोरमा देवी, फूलमती, ज्ञानमती,जग्गी, जमुना देवी,जियालाल,सुमित्रा देवी आदि ग्रामीण आवासों से वंचित किए गए। 3-3 बार बने आवास के बाद बने पात्र अंजू W/O रामकिशोर 

अवास आई डी -133829972

 बताते चलें कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की जांच सचिव हेमंत  सिंह द्वारा  की गई जांच  में पाया गया की अंजू पत्नी रामकिशोर व इनकी माता को भी पूर्व में कई आवासों से लाभान्वित किए जा चुके हैं जिसकीआख्या प्रेषित पूरे मामले में रोजगार सेवक व सचिव लीपापोती करने में जुटे हैं।

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