जिंदा हूँ तो जी लेने दो, चलती राहों में भी पी लेने दो.....ड्यूटी में भी पी लेने दो।

 जिंदा हूँ तो जी लेने दो, चलती राहों में भी पी लेने दो.....ड्यूटी में भी पी लेने दो।



संवाददाता बाँदा - जिंदा हूँ तो जी लेने दो, चलती राहों में भी पी लेने दो.....ड्यूटी में भी पी लेने दो।


बाँदा के बस स्टैंड के पास एक पुलिस कर्मी शराब के नशे में इस कदर धुत था कि वर्दी और ड्यूटी का भी ख्याल नही रहा। वह शराब के नशे में चल नही पा रहा था, उसे देख लोगों के जुबाँ से यही निकल रहा था ......कि जिंदा हूँ तो जी लेने दो, मुझे ड्यूटी में भी पी लेने दो। 

          वर्दी पहने इस पुलिस कर्मी को देखने के लिए भीड़ जमा हो गई। यह पुलिसकर्मी इतनी पी रखी थी चल पाने में भी असमर्थ था। जैसे ही खड़ा होता, लड़खड़ा कर गिर जा रहा था। शराब की शौकीन पुलिस न हो, ऐसा तो नही हो सकता लेकिन अगर यही पुलिस ड्यूटी के दौरान और वर्दी पहने हुए शराब से दूर रहें तो शायद लोगों की नजरों में पुलिस की प्रतिष्ठा और बढ़ सकती है।