प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कमासिन में एक वृहद मानसिक स्वास्थ्य शिविर का किया गया आयोजन

 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कमासिन में एक वृहद मानसिक स्वास्थ्य शिविर का किया गया आयोजन 



संवाददाता बाँदा - प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कमासिन में एक वृहद मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विजय कुमार तिवारी ने फीता काटकर किया । मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि मस्तिष्क हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है मस्तिष्क के माध्यम से ही संसार में हर व्यक्ति और वस्तु चल रही है। यदि जीवन में ज्यादा उतार-चढ़ाव होते हैं तो लोगों में मानसिक रोग उत्पन्न होने लगता है। यदि किसी प्रकार का कोई मानसिक रोग है तो उसे दिखाने में झिझक नहीं होनी चाहिए यह देखना चाहिए कि अगर कोई मानसिक रोगी है तो उनके साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए उनको मनोरोग चिकित्सक को दिखाना चाहिए व काउंसलिंग अवश्य कराना चाहिए।  प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ जितेंद्र सिंह ने आए हुए लोगों को बताया कि यह वृहद मानसिक स्वास्थ्य शिविर आप सभी के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी के दिशा निर्देश पर आज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कमासिन मैं हो रहा है ताकि आपको मानसिक रूप से स्वस्थ किया जा सके। मनोरोग चिकित्सक डॉ हरदयाल ने बताया कि शरीर एक सितार की तरह है जो सम स्थिति में ही सुर निकलते है वैसे ही हमारा शरीर है जो सम स्थिति में ही चलता है। उन्होंने आए हुए मानसिक रोगियों को परीक्षण कर उपचार किया। अनुश्रवण एवं मूल्यांकन अधिकारी नरेन्द्र कुमार मिश्रा ने लोगों को बताया कि उलझन घबराहट बेचैनी नींद ना आने पर मनोरोग चिकित्सक को दिखाएं जिससे सही इलाज मिल सके। क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ रिजवाना हाशमी ने आए हुए मानसिक रोगियों की काउंसलिंग की आशाओं को मानसिक रोग के लक्षण बताएं। साइकाइट्रिक नर्स त्रिभुवन नाथ ने लोगों की केस स्टडी की एवं दवा वितरित किया। केस रजिस्ट्री  असिस्टेंट अनुपम त्रिपाठी ने 147 लोगों का रजिस्ट्रेशन किया व सहायक अशोक कुमार ने लोगों को पंपलेट बांटकर जागरूक किया। शिविर में 62 मरीजों ने इलाज करवाया  जिसमें  साइकोसिस , मिर्गी,  इन्जाइंटी, सिर दर्द, उलझन, घबराहट, बेचैनी के लक्षण वाले । 

  सामान्य मरीजों को डॉ नरेश ने परीक्षण किया एवं बी पी एम संदीप गुप्ता व समस्त आशाओं का सहयोग प्राप्त हुआ। आए हुए दिव्यांग जनों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विजय कुमार तिवारी द्वारा फल वितरित किया गया और बताया गया कि शारीरिक रूप से स्वस्थ तभी रहेंगे जब आप मानसिक रूप से स्वस्थ रहेंगे इसलिए मानसिक जागरूकता बहुत आवश्यक है।