सघन मिशन इंद्रधनुष- 4.0 का पहला चरण सोमवार से

 सघन मिशन इंद्रधनुष- 4.0  

का पहला चरण सोमवार से 



गर्भवती और दो वर्ष तक के बच्चों को लगाए जाएंगे टीके


फतेहपुर। जनपद में सात मार्च से आरंभ हो रहे मिशन इंद्रधुनष अभियान के लिये स्वास्थ्य विभाग की तैयारी तेज हो गयी हैं। नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के दौरान जिले में टीकाकरण से छूटे हुए दो वर्ष तक के बच्चों एवं गर्भवती को टीके लगाने के लिए जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों(सीएचसी) पर आशा कार्यकत्रियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 

       सीएमओ कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुये सीएमओ डा0 राजेंद्र सिंह ने बताया कि शासन से प्राप्त दिशा निर्देश के क्रम में सात मार्च से सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान 4.0 प्रारंभ होगा। इसके अंतर्गत शून्य से दो वर्ष तक के बच्चों एवं टीडी टीके से वंचित रही गर्भवती को प्रतिरक्षित किया जाएगा।  उन्होंने बताया कि जिले में 2648 गर्भवती महिलाओं और 2 वर्ष तक के 8080 बच्चों को सघन मिशन इंद्रधनुष के अंतर्गत टीकाकरण किया जायेगा। सघन मिशन इंद्रधनुष के लिये 2323 केंद्र बनाये गये है। उन्होंने बताया कि टीकाकरण से कोई भी बच्चा और गर्भवती छूटने न पाए, शत प्रतिशत टीकाकरण कराएं। अभियान में पोलियो, तपेदिक, खसरा, डिप्थीरिया, टिटनेस, डायरिया तथा हेपिटाइटिस.बी को रोकने के लिए सात टीके लगाए जाते हैं। इस अभियान के अंतर्गत यह टीका चिह्नित किए गए बच्चों और महिलाओं को घर-घर जाकर निशुल्क लगाया जाएगा। उन्होंने कहा अब कोविड-19 का संक्रमण कम हो गया है, इसी को देखते हुए सघन मिशन इंद्रधनुष के तहत टीकाकरण भी शुरू किया जाएगा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा0 इश्तियाक ने बताया कि सीएमओ कार्यालय में मिशन इंन्द्रधनुष 4.0 के लिए बनाये गये माइक्रोप्लान की समीक्षा भी की जा चुकी है। पहला चरण सात मार्च से 14 मार्च तक चलेगा। इसके बाद दूसरा चरण चार अप्रैल से तथा तीसरा चरण दो मई से होगा। दस मार्च को चुनाव की गणना के कारण यह प्रोग्राम नहीं चलेगा। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही जनपद में बीस मार्च से पल्स पोलियो कार्यक्रम चलना हे। 20 मार्च को बूथ दिवस होगा। 21 से 25 मार्च तक घर घर अभियान चलाया जायेगा। 


इनसेट --

क्या है सघन मिशन इंद्रधनुष

सघन मिशन इंद्रधनुष दरअसल विशेष टीकाकरण अभियान है। शून्य से दो वर्ष तक के बच्चे और गर्भवती जो नियमित टीकाकरण से छूट जाते हैं, विशेष अभियान चलाकर उन्हें टीके लगाए जाते हैं। इस अभियान का नाम इंद्रधनुष इसलिए रखा गया है क्योंकि इंद्रधनुष में सात रंग होते हैं और इस अभियान के दौरान सात बीमारियों से प्रतिरक्षित करने के लिए टीके लगाए जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह टीकाकरण निशुल्क किया जाता है। इस अभियान के अंतर्गत बच्चों को सात खतरनाक बीमारियों-0 तपेदिक, पोलियो, हेपेटाइटिस.बी, डिप्थीरियाए काली खांसी, टिटनेस और खसरा से बचाव के लिए टीके लगाए जाएंगे। इसके अलावा अभियान में गर्भवती को टीडी का टीका लगाया  जाएगा


आजादी के अमृत महोत्सव के तहत इस बार मनेगा महिला दिवस


आज से एक हफ्ते तक आयोजित होंगे विविध कार्यक्रम

उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को जनपद स्तर पर किया जाएगा सम्मानित


सोशल मीडिया कैम्पेन के जरिए महिला सशक्तिकरण के प्रयासों का होगा व्यापक प्रचार-प्रसार 


फतेहपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) इस बार आजादी के अमृत महोत्सव के तहत मनाया जाएगा । इसके उपलक्ष्य में पाँच से 11 मार्च तक जनपद स्तर पर विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे । इसके तहत स्थानीय स्तर पर सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाली पंचायत व नगरीय स्थानीय स्वशासन की महिला प्रतिनिधियों को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा महिलाओं की उपलब्धियों, लैंगिक आधारित भेदभाव व हिंसा को खत्म करने संबंधी प्रयासों तथा महिला सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे कार्यों का सोशल मीडिया कैम्पेन के जरिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोग उनसे प्रेरणा ले सकें।महिला कल्याण निदेशक मनोज कुमार राय ने इस बारे में सूबे के जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर एक सप्ताह के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के बारे में आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। सप्ताह के पहले दो दिन पाँच व छह मार्च को ‘ब्रेक द बायस’ इवेंट का आयोजन किया जाएगा । इसके तहत सोशल मीडिया कैम्पेन के जरिए प्रदेश की ऐसी महिलाओं की कहानियों को आमजन तक पहुंचाया जाएगा जो समाज की रूढ़ियों व पूर्वाग्रहों से संघर्ष कर खुद सफल जीवनयापन कर रहीं हैं और दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी हैं। सात मार्च को ‘वूमन ऑफ टुमारो’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसके तहत किशोरियों व महिलाओं के साथ उनकी शिक्षा व स्वावलंबन की चुनौतियों पर चर्चा आयोजित की जाएगी । यह कार्यक्रम ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में विद्यालय, कालेज, विश्वविद्यालय, आंगनबाड़ी, महिला शरणालय, बालिका गृहों व संरक्षण गृहों आदि के स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। 

 अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आठ मार्च को मेगा इवेंट ‘अनंता’ का आयोजन किया जाएगा । इसके माध्यम से समाज में बदलाव के लिए प्रयासरत महिलाओं, जैसे- एंटरप्रेन्योरर, उद्यमी, समाजसेवी व समाज की रूढ़ियों व पूर्वाग्रहों से संघर्ष कर सफल जीवनयापन करने वाली महिलाओं की प्रेरक कहानियों को जनपद स्तर पर टीवी, रेडियो, एफएम, कम्युनिटी रेडियो, टाक शो, गोष्ठियों, अखबार आदि के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। जनपद स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन कर ग्रामीण व शहरी क्षेत्र की ऐसी महिलाओं को सम्मानित भी किया जाएगा । नौ मार्च को ‘गो पर्पल’ सोशल मीडिया कैम्पेन चलाया जाएगा । इसके तहत विभिन्न विभागों में कार्यरत अधिकारियों के साथ-साथ कोई भी व्यक्ति महिलाओं के प्रति सम्मान दर्शाने व लैंगिक समानता में अपनी भागीदारी निभाने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर पर्पल (बैगनी) कपड़ों, कैप, आर्म रिस्ट बैंड के साथ वाली फ़ोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट करेंगे। महिला कल्याण विभाग के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को इस गतिविधि में अनिवार्य रूप से भाग लेना है । इसके लिए गो पर्पल हैशटैग का इस्तेमाल किया जा सकता है । 10 मार्च को ‘हेल्थ वाच’ कार्यक्रम के जरिए महिलाओं व किशोरियों की प्रमुख स्वास्थ्यगत समस्याओं और माहवारी स्वच्छता प्रबंधन पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे । इसी क्रम में 11 मार्च को ‘सुरक्षा वारियर्स’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा । इसके माध्यम से सभी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में पंचायती राज, स्वास्थ्य, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार, ग्रामीण विकास, पुलिस व महिला कल्याण विभाग के समन्वय से परिसरों, ग्रामों, कस्बों, मोहल्लों, रास्तों, क्षेत्र विशेष में महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा के लिहाज से ‘जोखिम वाले स्थलों’ की पहचान की जाएगी और उसके बारे में संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा । इसके अलावा इन्हीं क्षेत्रों से सुरक्षा वारियर्स के रूप में लोगों की पहचान भी की जाएगी ।