मुख्य विकास अधिकारी ने पहले 1000 दिन'' परियोजना का दीप प्रज्वलित कर किया शुभारंभ

 मुख्य विकास अधिकारी ने पहले 1000 दिन'' परियोजना का  दीप प्रज्वलित कर किया शुभारंभ



फतेहपुर।विकास भवन सभागार में  मुख्य विकास अधिकारी सत्य प्रकाश ने "पहले 1000 दिन'' परियोजना का  दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि परियोजना आकांक्षी जनपद फतेहपुर में नीति आयोग और बर्नार्ड वैन लीयर फाउंडेशन (BVLF) के संयुक्त तत्वावधान में विक्रमशिला एजुकेशन रिसोर्स सोसाइटी (VERS) के द्वारा जनपद में कार्यान्वित की जा रही है । मई के महीने में, यह परियोजना कोरापुट, ओडिशा -एक और आकांक्षी जिले में शुरू की गई थी । फतेहपुर में इस परियोजना के शुभारंभ का उद्देश्य जिला प्रशासन, एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और पंचायती राज संस्थानों (पीआरआई ) सहित विभिन्न हितधारकों को कार्यक्रम के बारे में सूचित करना और समुदाय केंद्रित प्रयासों के माध्यम से इसके सफल कार्यान्वयन के लिए  सम्बंधित विभाग अपने -अपने दायित्वो को निवर्हन करके अपनी सकरात्मक भूमिका का परिचय दे। आगनवाड़ी कार्यकत्री बच्चों के शुरूआती विकास अपनी महत्वपूर्ण भूमिका  निभाकर बच्चों के मानसिक व शारिरिक विकास में अपना सकरात्मक सहयोग करके  पुण्य की भागी बने। बच्चों के शुरुआती विकास के बच्चों के माता- पिता , समुदाय के नागरिको को भी जगरूक किया जाय। अच्छा कार्य करने वाली  आँगन बॉडी कार्यकत्रियों को सम्मानित किया जाय।

इस परियोजना का उद्देश्य पहले 1000 दिनों में बच्चों की संवेदनशील देखभाल और प्रारंभिक सीखने के अवसरों को बढ़ाकर उनके समय विकास में सहयोग देना है । इसका लक्षय माता-पिता को संवेदनशील देखभाल से संबंधित विषयों पर सूचित करना और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं की क्षमता का निर्माण करना है । इसके अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता और सहायक नर्स मिडवाइफरी (एएनएम ) को "पेरेट कोच" के रूप विकसित किया जाएगा । अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता के रूप में काम करने वाले इन पेरेंट कोचों से परिवारों और समुदाय को संवेदनशील देखभाल के संदेश दिए जाएंगे । 

बाल विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा विभागों और बनार्ड वैन  लीयर फाउंडेशन के साथ अभिसरण में जिला कार्यक्रम कार्यालय के समर्थन से विक्रमशिला द्वारा कार्यक्रम को तीन चरणों में लागू किया जाएगा । "पहले 1000 दिन परियोजना के पहले चरण में 12 आंगनवाड़ी केंद्र और 4 सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी ) को मॉडल केंद्रों के रूप में विकसित किया जाना है । दूसरे चरण में, इस परियोजना में 200 आंगनवाड़ी केंद्र शामिल होंगे और इसके तीसरे चरण में जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में इस परियोजना का विस्तार किया जाएगा । फतेहपुर जिले के चयनित आंगनवाड़ी केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं आईसीडीएस संवर्ग और जिला प्रशासकों को प्रशिक्षण और नियमित परामर्श के माध्यम से सक्षम किया जाएगा । यह कार्यक्रम 2 आंगनवाड़ी केंद्रो और 2 पीएचसी में निर्मित पर्यावरण की गुणवत्ता में सुधार पर भी जोर देगा, जो पूरे जिले के लिए लाइटहाऊस के रूप में काम करेगा । 

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भी तेजी से मस्तिष्क विकास की उम्र के रूप में 0-3 वर्ष के बीच की अवधि के महत्व पर जोर देती है । बाल विकास के इन महत्वपूर्ण वर्षों में, माता - पिता और सेवा प्रदाताओं द्वारा उचित देखभाल और प्रारंभिक उद्दीपन, बच्चों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, रचनात्मक और संज्ञानात्मक विकास अथवा उनके समय विकास में मदद करती है । इस संदर्भ में , यह परियोजना माता - पिता और अन्य देखभालकर्ता की बच्चों के विकास में सहभागिता मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर बच्चों का भविष्य उज्जवल बनाने में मदद करे।उन्होंने कहा कि पहले 1000 दिन का कार्यक्रम बच्चों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है । उन्होंने जिला प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया । 

सुश्री रुश्दा मजीद, भारत प्रतिनिधि बीवीएलएफ ने कहा "बच्चे के जीवन के पहले 1000 दिन विकास की एक महत्वपूर्ण अवधि है, और इस अवधि के दौरान प्राप्त पालन पोषण और देखभाल का उनके समग्र विकास पर प्रभाव पड़ता है जो जीवन भर रहता है । माता-पिता, देखभालकर्ता और बच्चों के जीवन में अन्य हितधारकों के लिए इसके बारे में जागरूक होना महत्वपूर्ण है । इस लक्ष्य की ओर, हमें विक्रमशिला एजुकेशन रिसोर्स सोसाइटी के साथ तकनीकी भागीदार के रूप में महत्वाकांक्षी जिला कार्यक्रम पर नीति आयोग के सहयोग का हिस्सा बनकर खुशी हो रही है । साथ मिलकर हमारा लक्ष्य छोटे बच्चों के देखभालकर्ता को संवेदनशील देखभाल के तरीकों से अवगत कराना है, उनकी क्षमता का निर्माण और बच्चे के विकास और परिवार के अनुकूल स्थानों का निर्माण माध्यम से उत्तरदायी देखभाल करना है। विक्रमशिला एजुकेशन रिसोर्स सोसाइटी की वरिष्ठ प्रबंधक सुश्री नम्रता रावत ने कहा हम नीति आयोग और बर्नार्ड फाउंडेशन ( बीबीएलएफ ) के साथ इस प्रतिष्ठित साझेदारी का हिस्सा बनकर सम्मानित महसूस कर रहे हैं । "पहले 1000 दिन" परियोजना एक बच्चे के प्रति संवेदनशील वातावरण में देखभाल, उचित पालन पोषण, और प्रारंभिक सीखने के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए एक समुदाय आधारित दृष्टिकोण अपनाएगी । यह परियोजना पहले 1000 दिनों के महत्व को आगे बढ़ाते हुए 2-3 वर्षों पर भी केंद्रित है। फतेहपुर में प्रशासन और जिला अधिकारियों से जो समर्थन मिला है, वह आगे के हस्तक्षेप को सफल बनाने के लिए उत्साहजनक और आशाजनक रहा है । हमें उम्मीद है कि हम सभी हितधारकों के साथ मिलकर फतेहपुर को सभी आकांक्षी जनपदो के लिए एक लाइटहाउस जनपद बनाने के लिए काम करेंगे ।

 नीति आयोग के बारे में

 नीति आयोग भारत सरकार के शीर्ष सार्वजनिक नीति के लिए प्रबुद्ध मंडल के रूप में कार्य करता है, और एक नोडल एजेंसी है जो आर्थिक विकास को उत्प्रेरित करने और भारत के राज्य सरकारों को आर्थिक नीति - निर्माण की प्रक्रिया में शामिल करके सहकारी संवाद को बढ़ावा देने का काम करती है ।

 भारत सरकार के लिए रणनीतिक और दीर्घकालिक नीतियों और कार्यक्रमों को तैयार करने के अलावा, नीति आयोग केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को प्रासंगिक तकनीकी सलाह भी प्रदान करता है ।

 बर्नार्ड वैन लीयर फाउंडेशन के बारे में

 BvLF एक स्वतंत्र फाउंडेशन है जो दुनिया भर में बच्चा और उनकी देखभाल करने वाले लोगों के स्वास्थ्य और कल्याण में सुधार के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई को प्रेरित करने और सूचित करने के लिए काम कर रहा है । यह छोटे बच्चों और परिवारों के लिए प्रभावी सेवाओं के परीक्षण और बड़े पैमाने पर उनके कार्यान्वयन और प्रसारण करने के लिए सरकार, गैर सरकारी संगठनों को और व्यवसाय में भागीदारी को वित्तीय प्रदान करता है।

विक्रमशिला एजुकेशन रिसोर्स सोसाइटी के बारे में

 कोलकाता में स्थित विक्रमशिला एजुकेशन रिसोर्स सोसाइटी, समाज के कम संसाधन वाले और जोखिम वाले वर्गों के सभी बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है । प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास और शिक्षा, शिक्षाशास्त्र, पाठ्यचर्या विकास, शिक्षक विकास कार्यक्रम, बच्चों के पूरक (शिक्षा केंद्र और बाल संरक्षण में अपनी विभिन्न क्रिया अनुसंधान पहलों के माध्यम से विक्रमशिला भारत के विभिन्न राज्यों में काम कर रही है ।  इस अवसर पर  जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी जोगेंद्र सिंह यादव , डीपीओ- साहेब यादव के साथ आईसीडीएस, स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायती राज संस्थानों और गैर सरकारी संगठनों  के पदाधिकारियों सहित अन्य सम्बंधित उपस्थित रहे।

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