जिलाधिकारी बांदा की अध्यक्षता सम्भावित सूखे एवं बाढ को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्ट्रेट सभागार में की गई बैठक

 जिलाधिकारी बांदा की अध्यक्षता सम्भावित सूखे एवं बाढ को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्ट्रेट सभागार में की गई बैठक



रिपोर्ट - श्रीकांत श्रीवास्तव 

  


 बांदा - जिलाधिकारी बांदा अनुराग पटेल की अध्यक्षता में सम्भावित सूखे एवं बाढ को दृष्टिगत रखते हुए सूखे एवं बाढ से सम्बन्धित सभी तैयारियां पूर्व से सुनिश्चित किये जाने सम्बन्धी बैठक कलेक्टट सभागार में सम्पन्न हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि आगामी एक सप्ताह के अन्दर अगर वर्षा नही होती है, तो जनपद को सूखा ग्रस्त घोषित कर दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि जून माह में औसत वर्षा लगभाग 73.3 एम0एम0 होना चाहिए जिसके सापेक्ष माह जून, 2022 में औसत वर्षा 20.01 एम0एम0 हुई है एवं जुलाई माह में औसत वर्षा 300.7 एम0एम0 के सापेक्ष माह जुलाई, 2022 में 16 जुलाई तक औसत वर्षा 4.4 एम0एम0 हुई है।

जिलाधिकारी पटेल ने सूखे की स्थिति में होने वाली बीमारियों से बचाव हेतु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिये कि संक्रामक रोंगो एवं महामारियों से बचाव हेतु प्रतिरोधात्मक टीकाकरण की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि जीवन रक्षक दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखी जायें। उन्होंने समस्त अधिकारियों एवं जनपद वासियों से अपेक्षा किया कि 18 वर्ष से 45 आयु वर्ष के बीच जिन्होंने बूूस्टर डोज नही लिया है वे शीघ्र बूस्टर डोज लगवा लें। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि सूखे की कार्ययोजना की तैयारी शासनादेशों के अनुरूप कर ली जाए। लेखपालों द्वारा सूखे से प्रभावित क्षेत्र का आकलन सूखे से बचने के लिए कृषि प्रधान क्षेत्रों में चारागाह तथा दुग्ध उद्योग का विकास करने के लिए कृषकों को लेखपालों द्वारा प्रोत्साहित करना तथा सूखे से निपटने के लिए ऐसे फसलों को उपजाया जाना चाहिए जो शुष्क इलाकों में पैदा की जा सकें जिनमें पानी की आवश्यकता कम हो। जिलाधिकारी ने कहा कि कन्ट्रोल रूम की स्थापना की जाए। उन्होंने कहा कि अग्नि काण्ड की घटनाओं को रोकने के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए। जनपद में शुद्धपेय जल की व्यवस्था हेतु हैण्डपम्प, ट्यूबबेल, स्टैण्ड पोस्ट, कुआं, समरसेबल जो कुओं में स्थापित है तथा जो खराब दशा में हैं, उन्हें तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने अधिशाषी अधिकारी जल संस्थान को निर्देश दिये कि जो टैंकर खराब दशा में हैं उन्हें एक सप्ताह में ठीक कराकर अवगत कराया जाए तथा अधिशाषी अभियंता सिंचाई को निर्देशित किया कि जनपद के जो तालाब सूख गये एवं खाली पडे हुए हैं उन्हें एक सप्ताह के अन्दर नहरें चलवाकर भरवाना सुनिश्चित करें। अधिशाषी अभियंता राजकीय नलकूप को निर्देशित किया कि जनपद में 643 नलकूप हैं, जिनमें 11 खराब बतायें गये जिनकों तीन दिन में ठीक कराकर अवगत कराया जाए तथा यह भी निर्देशित किया कि समस्त नलकूपों के बगल में सोकपिट बनाया जाए तथा समस्त ग्राम पंचायतों में जिला पंचायत राज अधिकारी तथा समस्त खण्ड विकास अधिकारियों के द्वारा अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों में प्रधानों एवं सचिवों के माध्यम से हैण्डपम्पों के बगल में सोकपिट बनाया जाए जिससेे जमीन का वाटर लेबर न गिरने पाये। इसी प्रकार खटान एवं अम्लीकौर पाइप पेयजल परियोंजना की समीक्षा करते हुए अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे से जानकारी प्राप्त की कि कितने गाॅवों को उपरोक्त परियोजना से आच्छादित कराने की योजना है, तो बताया गया कि खटान पाइप पेयजल योजना के अन्तर्गत 374 में से 34 गाॅवों को 10 अगस्त, 2022 तक आच्छादित कराना है, इसी प्रकार अम्लीकौर में 01 लाख 43 हजार कनेक्शन होने हैं, जिसमें से 4850 कनेक्शन हो चुके हैं 443 लक्ष्य के सापेक्ष 16 गाॅवों में 10 हजार कनेक्शन 10 अगस्त, 2022 तक देने हैं, जिसमें से 7500 कनेक्शन को पानी मिल रहा है। सूखे की स्थिति में कमजोर एवं निर्धन व्यक्तियों को खद्यान की उपलब्धता हेतु खाद्य एवं रसद विभाग को निर्देश दिये गये कि खाद्यान की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। इसके साथ ही मिट्टी के तेल, डीजल आदि की भी समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को चारे-भूषे की व्यवस्था तथा पशुओं के बीमारी से बचाव हेतु टीकाकरण की व्यवस्था तथा यदि बाढ आती है तो पर्याप्त डाॅक्टरों की ड्यूटी लगायी जाए। कृषि कार्य हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित व्यवस्था के अनुसार विद्युत आपूर्ति करायी जाए।