छिछनी काण्ड : प्रशासन ने दिखाया रंग, खबर चलाने पर पत्रकारों पर मुकदमा

छिछनी काण्ड : प्रशासन ने दिखाया रंग, खबर चलाने पर पत्रकारों पर मुकदमा


फतेहपुर प्रेस क्लब ने आपात बैठक बुलाकर की निंदा, सीएम, डीएम व एसपी से दर्ज कराया कड़ा विरोध


फतेहपुर। जनपद के कुछ मीडिया कर्मियों पर प्रशासन द्वारा एफआईआर दर्ज़ कराए जाने के मामले को फतेहपुर प्रेस क्लब ने गंभीरता से लेते हुए आपात बैठक बुलाई, जिसमें घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए शासन- प्रशासन को ज्ञापन भेजकर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। साथ ही तुरन्त एफआईआर रद्द किए जाने की पुरजोर मांग की गई है।
सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत जिला अधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक आदि को संबोधित ज्ञापन में कहा गया है कि पिछ्ले दिनो जनपद के असोथर थाना अन्तर्गत छिछनी गांव में दो नाबालिक, दलित किशोरियों की तालाब में डूबकर हुई संदिग्थ मौत के मामले में कुछ मीडिया कर्मियो पर समाचार संकलन को लेकर असोथर थाने में एफआईआर दर्ज़ कराई गई है, जो अत्यन्त खेदजनक है। यह अभिव्यक्ति की आजादी और प्रेस की स्वतंत्रता पर एक तरह से प्रहार है। "फतेहपुर प्रेस क्लब" पुलिस की इस बेजा कार्यवाही की कड़े शब्दों में निंदा करता है।
जनपद के पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से अपेक्षा है कि इस अति गंभीर मामले का संज्ञान लेकर इस एफआईआर को तत्काल रद्द कराए और ऐसी व्यवस्था करें कि भविष्य में भी ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस मामले के साथ साथ पूर्व में भी पत्रकारों पर मुक़दमा आदि की कार्यवाई को लेकर पुलिस का नज़रिया अत्यन्त खेदजनक रहा है, ऐसा प्रतीत होता है कि जनपद के पत्रकारों की सकारात्मक सोच और सहयोग पूर्ण मानसिकता को प्रशासन ख़ासकर पुलिस विभाग ने उनकी कमजोरी मान लिया है, जो उचित नहीं है। प्रशासन इस मामले में अगर अपना नज़रिया बदलते हुए मुक़दमा वापस नहीं लेता तो पत्रकारों से सहयोग की अपेक्षा ना करें। जिसके लिए प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा।ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि अतिशीघ्र मीडिया कर्मियों पर दर्ज़ मामले वापस नहीं लिये गये तो जिले के पत्रकार लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात कहेंगे और जरूरत पडगी तो पत्रकार समुदाय धरना देगा, प्रदर्शन करेगा किंतु पत्रकारों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
आक्रोशित पत्रकारों की अगुवाई कर रहे प्रेस क्लब अध्यक्ष नागेन्द्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि किन्हीं भी परिस्थितियों में पत्रकारों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आवश्यकता पड़ी तो इसके लिए लखनऊ, दिल्ली तक जाएंगे। प्रेस क्लब पत्रकारों के मान सम्मान की रक्षा के लिए संकल्प बद्ध है और अगर शासन प्रशासन इसी तरह मीडिया की आवाज दबाने के उद्देश्य से पत्रकारों पर मुकदमे थोपता रहा तो इसके परिणाम गंभीर होंगे। बैठक एवं ज्ञापन देने वालों में वरिष्ठ पत्रकार मनोज मिश्रा, गोविन्द दुबे, महेश सिंह, प्रमोद श्रीवास्तव, हरीश शुक्ला, विनोद मिश्रा, नीतेश श्रीवास्तव, संदीप केसरवानी, राजेश सिंह, मनोज शुक्ला, दीपक अग्निहोत्री, शरद शुक्ला, योगेन्द्र पटेल, पन्ना लाल अग्रवाल, राम सुजान सिंह, शोएब खान, शमशाद सलमानी, विवेक श्रीवास्तव, शाहिद अली, रमेश यादव, दीपू मौर्य, सुनील मौर्य, जतिन, सूर्या, सिराज अहमद, पप्पू यादव, ज़र्रेयाब खान, धीरेन्द्र सिंह, अमित कुमार, उस्मान खान, चमन इरफ़ान, अमन दोसर आदि पत्रकार एवं छायाकार बंधु मौजूद रहे।