घर में घुसकर ₹22000 नगदी व जेवर सहित ढाई लाख की चोरी

घर में घुसकर ₹22000 नगदी व जेवर सहित ढाई लाख की चोरी
----- पुलिस ने चोरी के मामले की शुरू की जांच
बिंदकी फतेहपुर
रात में घर में घुसकर अज्ञात चोर ₹22000 नकद व जीवन सहित करीब ढाई लाख की संपत्ति चोरी कर ले गए चोरी की जानकारी हुई तो हार गया गृह स्वामी ने इस मामले की सूचना पुलिस को दी पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है
      जानकारी के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के जैनपुर गांव में रात को अध्यक्ष और गजेंद्र सिंह पटेल के घर में घुसे और ₹22000 नगद वह सोने की जंजीर अंगूठी मंगलसूत्र एवं चांदी की 4 जोड़ी पायल करीब एक दर्जन महंगी साड़ियां सहित करीब ढाई लाख की संपत्ति चोरी चले गए सुबह होने पर गृहस्वामी गजेंद्र सिंह पटेल तथा परिवार के अन्य सदस्यों की नींद खुली तो चोरी की जानकारी हुई इस पर हरदम मर गया मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ लगी रही सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची पुलिस ने चोरी की घटना की तहकीकात किया है गृहस्वामी गजेंद्र सिंह पटेल ने बताया कि रात को अज्ञात चोर उनके घर के आज की बाउंड्री फांद कर अंदर घुसे और जेवरात व कपड़े सहित ढाई लाख से अधिक की संपत्ति चोरी कर ले गए चोरी की इस घटना से हड़कंप मचा रहा लोगों में दहशत का माहौल देखा गया


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अब बुजुर्गों और माता पिता की देखभाल के लिए मिलेगा 10 हजार रुपये, मोदी सरकार बदलेगी नियम न्यूज़।माता-पिता और बुजुर्गों की देखरेख के लिए अब केंद्र सरकार नया नियम लाने जा रही है. दरअसल, मेंटनेंस और वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 पर मानसून सत्र में फैसला लिया जा सकता है. बता दें कि सोमवार से ही मानसून सत्र शुरू हो चुका है। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 केंद्र सरकार के एजेंडा में काफी समय से था. मानसून सत्र की शुरुआत में ही केंद्र सरकार इस बिल को लेना चाहती है. दिसंबर 2019 में पास कर दिया गया था ये नियम। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में पास कर दिया था। इस बिल का मकसद लोगों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को छोड़ने से रोकना है। विधेयक में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी जरूरतों, सुरक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ उनके भरण-पोषण और कल्याण का प्रावधान बनाया गया है। देश में कोविड-19 महामारी की दो विनाशकारी लहरों के मद्देनज़र आने वाला यह विधेयक मौजूदा सत्र में संसद द्वारा पास होने पर वरिष्ठ नागरिकों और अभिभावकों को अधिक पावर देगा. इस बिल को संसद में लाने से पहले कई बदलाव किये गये हैं. जानें इस नियम से संबंधित अहम जानकारी- वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में बच्चों का दायरा बढ़ाया गया है। इसमें बच्चे, पोतों (इसमें 18 साल से कम को शामिल नहीं किया गया है) को शामिल किया गया है. इस बिल में सौतेले बच्चे, गोद लिये बच्चे और नाबालिग बच्चों के कानूनी अभिभावकों को भी शामिल किया गया है। अगर ये बिल कानून बन जाता है तो 10,000 रुपये पेरेंट्स को मेंटेनेंस के तौर पर देने होंगे. सरकार ने स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग और पेरेंट्स की आय को ध्यान में रखते हुए, ये अमाउंट तय किया है। कानून में बायोलिजकल बच्चे, गोद लिये बच्चे और सौतेले माता पिता को भी शामिल किया गया है। मेंटेनेस का पैसा देने का समय भी 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दिया गया है।
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