इंसानी लोभ के चलते खत्म हो रही है जिंदगी हरियाली की--ज्योति बाबा

इंसानी लोभ के चलते खत्म हो रही है जिंदगी हरियाली की--ज्योति बाबा


 ----पूर्वजों की संस्कृत को पुनर्जीवित करने‌ के लिए  हर साल 10 पौधे रोपे


पारिवारिक उत्सवों" को भी यादगार बनाने के लिए करें पौधारोपण
न्यूज आफ फतेहपुर
कानपुर 29 नवंबर 
 दुनिया मे 27 फुटबॉल मैदान जितना जंगल प्रति मिनट तबाह हो रहा है एक एकड़ में लगे पेड़ उतनी कार्बन सोखने में सक्षम है जितना एक कार 26000 मील चलने में उत्सर्जित करती है साथ ही वह हानिकारक गैसों को भी कैद कर लेते हैं उपरोक्त बात सोसायटी योग ज्योति इंडिया के तत्वाधान में नशा हटाओ बेटी बचाओ कोरोना मिटाओ अभियान के तहत महाराणा मंदिर रावतपुर में आयोजित वर्चुअल संगोष्ठी शीर्षक इंसानी लोभ के चलते खत्म होती हरियाली में अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्त अभियान के प्रमुख योग गुरू ज्योति बाबा ने कही,बाबा श्री ने जोर देकर कहा कि पेड़-पौधे धूप की अल्ट्रावायलेट किरणों के असर को 50 फ़ीसदी तक कम कर देते हैं यह किरणें त्वचा कैंसर के लिए जिम्मेदार होती हैं ऐसे में घर के आस-पास बगीचे और स्कूलों में पेड़ लगाने से बच्चे धूप की हानिकारक किरणों से सुरक्षित रहते हैं एक सामान्य पेड़ साल भर में 12 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड को सोख लेता है और चार व्यक्तियों को आवश्यक साल भर की ऑक्सीजन देता है। बाबा श्री ने कहा कि प्रदूषण को खत्म करने में रामबाण का काम अमलतास,नीम,शीशम,बॉस पीपल मौलश्री,आम जामुन,अर्जुन,सागवान और इमली के पेड़ प्रमुख हैं इसी प्रदूषण व नशा के घालमेल के कारण लोगों में नपुंसकता व ठंडlपन गंभीर रूप से बढ़ चुका है जिससे परिवार में माधुर्य खत्म होकर हिंसा बढ़ रही है l संगोष्ठी का संचालन अनिल सैनी एडवोकेट व धन्यवाद महंत राम अवतार दास ने दिया l अन्य भाग लेने वाले प्रमुख दीप कुमार मिश्रा सीए,राकेश चौरसिया,आलोक मेहरोत्रा, मंजू चौरसिया,संध्या,स्वामी गीता इत्यादि थी ।