मधुमक्खियों के हमले से 2 बच्चों समेत चार लोग घायल

 मधुमक्खियों के हमले से 2 बच्चों समेत चार लोग घायल


---- सीएचसी में कराया गया भर्ती

बिंदकी फतेहपुर

बाग में अचानक मधुमक्खियों ने हमला कर दिया जिसके चलते 2 बच्चों समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया मधुमक्खियों के हमले के बाद हड़कंप मचा रहा किसी तरह लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई

     जानकारी के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के कोरवा गांव में पास के ही एक बाग में अचानक मधुमक्खियों का झुंड मंडराने लगा जिसकी चपेट में अंसार उम्र 50 वर्ष उनके बड़े भाई इस्तेखार उम्र 70 वर्ष तथा गांव के नियाज अहमद का 8 वर्षीय पुत्र उमर तथा 10 वर्षीय पुत्र अनस घायल हो गए। मधुमक्खियों द्वारा किए गए हमले के बाद हड़कंप मचा रहा चारों लोगों ने किसी तरह इधर-उधर भाग कर जान बचाई गंभीर रूप से घायल दोनों बच्चों समेत चारों लोगों को ग्रामीण और परिजन इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिंदकी लाए परिजनों ने बताया कि सभी लोग गांव के समीप ही एक भाग में गए थे तभी अचानक एक पेड़ में बैठी मधुमक्खियां उड़ने लगी जिनके चपेट में सभी लोग आ गए और घायल हो गए

Popular posts
अब बुजुर्गों और माता पिता की देखभाल के लिए मिलेगा 10 हजार रुपये, मोदी सरकार बदलेगी नियम न्यूज़।माता-पिता और बुजुर्गों की देखरेख के लिए अब केंद्र सरकार नया नियम लाने जा रही है. दरअसल, मेंटनेंस और वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 पर मानसून सत्र में फैसला लिया जा सकता है. बता दें कि सोमवार से ही मानसून सत्र शुरू हो चुका है। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 केंद्र सरकार के एजेंडा में काफी समय से था. मानसून सत्र की शुरुआत में ही केंद्र सरकार इस बिल को लेना चाहती है. दिसंबर 2019 में पास कर दिया गया था ये नियम। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में पास कर दिया था। इस बिल का मकसद लोगों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को छोड़ने से रोकना है। विधेयक में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी जरूरतों, सुरक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ उनके भरण-पोषण और कल्याण का प्रावधान बनाया गया है। देश में कोविड-19 महामारी की दो विनाशकारी लहरों के मद्देनज़र आने वाला यह विधेयक मौजूदा सत्र में संसद द्वारा पास होने पर वरिष्ठ नागरिकों और अभिभावकों को अधिक पावर देगा. इस बिल को संसद में लाने से पहले कई बदलाव किये गये हैं. जानें इस नियम से संबंधित अहम जानकारी- वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में बच्चों का दायरा बढ़ाया गया है। इसमें बच्चे, पोतों (इसमें 18 साल से कम को शामिल नहीं किया गया है) को शामिल किया गया है. इस बिल में सौतेले बच्चे, गोद लिये बच्चे और नाबालिग बच्चों के कानूनी अभिभावकों को भी शामिल किया गया है। अगर ये बिल कानून बन जाता है तो 10,000 रुपये पेरेंट्स को मेंटेनेंस के तौर पर देने होंगे. सरकार ने स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग और पेरेंट्स की आय को ध्यान में रखते हुए, ये अमाउंट तय किया है। कानून में बायोलिजकल बच्चे, गोद लिये बच्चे और सौतेले माता पिता को भी शामिल किया गया है। मेंटेनेस का पैसा देने का समय भी 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दिया गया है।
चित्र
तू मेरी गीता पढ़ले मैं पढ़ लू तेरी कुरान, आपस मे भाई चारा निभा के बनायेगे नया हिंदुस्तान
चित्र
पाल सामुदायिक उत्थान समिति की ब्लाक इस्तरीय संगठनात्मक बैठक हुई सम्पन्न
चित्र
कानपुर में ठेले पर पान, चाट और समोसे बेचने वाले 256 लोग निकले करोड़पति
चित्र
योगी सरकार लोगों को देने जा रही फ्री वाईफाई सुविधा
चित्र