स्मार्टफोन बिक्री का नया रिकॉर्ड,भारतीयों ने सितंबर-अक्तूबर में खरीदे चार करोड़ से ज्यादा स्मार्टफोन

 स्मार्टफोन बिक्री का नया रिकॉर्ड,भारतीयों ने सितंबर-अक्तूबर में खरीदे चार करोड़ से ज्यादा स्मार्टफोन



(न्यूज़)।कोरोना महामारी ने एक तरफ जहां देश के कुछ क्षेत्रों को बेपटरी कर दिया हैैैै,वहीं कुछ क्षेत्राेेें में कारोबार के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं।इनमें स्मार्टफोन,लैपटॉप,वर्क फ्रॉम होम गैजेट की बिक्री आदि शामिल हैं।आपको यह जानकर हैरानी होगी कि भारतीयों ने स्मार्टफोन खरीदने के मामले में एक नया रिकॉर्ड बना दिया है।सितंबर-अक्तूबर में देश में 4 करोड़ 40 लाख स्मार्ट फोन खरीदे गए हैं।आईडीसी की रिपोर्ट के अनुसार 2020 की तीसरी तिमाही से ही भारत में स्मार्टफोन की मांग में उम्मीद से ज्यादा इजाफा देखने को मिला है।दरअसल कोरोना महामारी के चलते ऑन लाइन एजुकेशन वर्क फ्रॉम होम के चलते इन गैजेट की मांग में उछाल आया है।अक्तूबर 2020 में भारतीयों ने दो करोड़,10 लाख स्मार्टफोन खरीदे थे,जबकि इससे पहले सितंबर में दो करोड़ 30 लाख स्मार्टफोन की बिक्री हुई है।

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अब बुजुर्गों और माता पिता की देखभाल के लिए मिलेगा 10 हजार रुपये, मोदी सरकार बदलेगी नियम न्यूज़।माता-पिता और बुजुर्गों की देखरेख के लिए अब केंद्र सरकार नया नियम लाने जा रही है. दरअसल, मेंटनेंस और वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 पर मानसून सत्र में फैसला लिया जा सकता है. बता दें कि सोमवार से ही मानसून सत्र शुरू हो चुका है। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 केंद्र सरकार के एजेंडा में काफी समय से था. मानसून सत्र की शुरुआत में ही केंद्र सरकार इस बिल को लेना चाहती है. दिसंबर 2019 में पास कर दिया गया था ये नियम। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में पास कर दिया था। इस बिल का मकसद लोगों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को छोड़ने से रोकना है। विधेयक में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी जरूरतों, सुरक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ उनके भरण-पोषण और कल्याण का प्रावधान बनाया गया है। देश में कोविड-19 महामारी की दो विनाशकारी लहरों के मद्देनज़र आने वाला यह विधेयक मौजूदा सत्र में संसद द्वारा पास होने पर वरिष्ठ नागरिकों और अभिभावकों को अधिक पावर देगा. इस बिल को संसद में लाने से पहले कई बदलाव किये गये हैं. जानें इस नियम से संबंधित अहम जानकारी- वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में बच्चों का दायरा बढ़ाया गया है। इसमें बच्चे, पोतों (इसमें 18 साल से कम को शामिल नहीं किया गया है) को शामिल किया गया है. इस बिल में सौतेले बच्चे, गोद लिये बच्चे और नाबालिग बच्चों के कानूनी अभिभावकों को भी शामिल किया गया है। अगर ये बिल कानून बन जाता है तो 10,000 रुपये पेरेंट्स को मेंटेनेंस के तौर पर देने होंगे. सरकार ने स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग और पेरेंट्स की आय को ध्यान में रखते हुए, ये अमाउंट तय किया है। कानून में बायोलिजकल बच्चे, गोद लिये बच्चे और सौतेले माता पिता को भी शामिल किया गया है। मेंटेनेस का पैसा देने का समय भी 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दिया गया है।
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