छिवलहा व्यापार मंडल ने जिला अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

 छिवलहा व्यापार मंडल ने जिला अधिकारी को सौंपा ज्ञापन



फतेहपुर। कस्बा छिवलहा के ग्राम सभा रज्जीपुर मे यात्री आरामगृह,बरातशाला, व सार्वजनिक शौचालय के निर्माण के सम्बन्ध में व्यापार मंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है।                            ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम सभा रज्जीपुर छिवलहा  में लगभग 6 हजार से अधिक आबादी होने के बाबजूद कस्बे में गरीब व असहाय लोगो के लिए कोई भी सार्वजनिक बरातशाला नही है, और वर्तमान में शादी विवाह जैसे सामाजिक कार्य के लिए सरकारी विद्यालय में भी प्रशासन की तरफ से रोक लगी हुई है, जिसकी वजह से गरीब मजदूर व स्थानीय निवासियों को ऐसा कोई स्थान उपलब्ध न होने के कारण अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है, साथ ही मुख्य मार्ग छिवलहा हुसेनगंज के कस्बा छिवलहा में स्थित बस स्टैंड निर्धारित नही है, साथ ही अन्य आसपास के यात्रियों व कस्बावासियों के लिए यात्री सुविधाओं हेतु आरामगृह उपलब्ध न होने के कारण गर्मियों में तेज धूप व बारिश में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, साथ ही कस्बा छिवलहा में प्रत्येक मंगलवार व शुक्रवार के दिन सब्जी बाजार लगती है, जिसमे आसपास के किसान बूढे बच्चे व महिलाये सब्जी व अन्य सामान की खरीदारी करने आते है, कस्बे में सार्वजनिक शौचालय न होने के कारण सभी को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अतः ग्राम रज्जीपुर छिवलहा में उपरोक्त जगह पर सार्वजनिक बरातशाला ,सार्वजनिक शौचालय, व यात्री आरामगृह का आवंटन व निर्माण करवाने की कृपा करें ताकि कस्बे के बच्चो बूढो महिलाओ व कस्बेवासियों को असुविधा का सामना न करना पड़े, अतः निवेदन के साथ छिवलहा व्यापार मण्डल सम्बद्ध उद्योग व्यापार मण्डल उत्तर प्रदेश उपरोक्त मांग आपसे करता है इस मौके पर किशन मेहरोत्रा संस्थापक अध्यक्ष, अनिल वर्मा महासचिव  जियाउल हक अध्यक्ष छिवलहा, लखन लाल साहू , देवेन्द्र कुमार सोनी, मेराजुल हसन, पुष्कर गुप्ता, पवन गुप्ता राकेश गुप्ता श्याम चन्द्र मोदनवाल, जितेंद्र गुप्ता मोo यासीन, नीरज साहू, जुगलकिशोर केसरवानी महामंत्री धाता, अरुण कुमार केसरवानी, नीरज कुमार बाबूलाल केसरवानी मौजूद रहे।

Popular posts
अब बुजुर्गों और माता पिता की देखभाल के लिए मिलेगा 10 हजार रुपये, मोदी सरकार बदलेगी नियम न्यूज़।माता-पिता और बुजुर्गों की देखरेख के लिए अब केंद्र सरकार नया नियम लाने जा रही है. दरअसल, मेंटनेंस और वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 पर मानसून सत्र में फैसला लिया जा सकता है. बता दें कि सोमवार से ही मानसून सत्र शुरू हो चुका है। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 केंद्र सरकार के एजेंडा में काफी समय से था. मानसून सत्र की शुरुआत में ही केंद्र सरकार इस बिल को लेना चाहती है. दिसंबर 2019 में पास कर दिया गया था ये नियम। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में पास कर दिया था। इस बिल का मकसद लोगों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को छोड़ने से रोकना है। विधेयक में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी जरूरतों, सुरक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ उनके भरण-पोषण और कल्याण का प्रावधान बनाया गया है। देश में कोविड-19 महामारी की दो विनाशकारी लहरों के मद्देनज़र आने वाला यह विधेयक मौजूदा सत्र में संसद द्वारा पास होने पर वरिष्ठ नागरिकों और अभिभावकों को अधिक पावर देगा. इस बिल को संसद में लाने से पहले कई बदलाव किये गये हैं. जानें इस नियम से संबंधित अहम जानकारी- वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में बच्चों का दायरा बढ़ाया गया है। इसमें बच्चे, पोतों (इसमें 18 साल से कम को शामिल नहीं किया गया है) को शामिल किया गया है. इस बिल में सौतेले बच्चे, गोद लिये बच्चे और नाबालिग बच्चों के कानूनी अभिभावकों को भी शामिल किया गया है। अगर ये बिल कानून बन जाता है तो 10,000 रुपये पेरेंट्स को मेंटेनेंस के तौर पर देने होंगे. सरकार ने स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग और पेरेंट्स की आय को ध्यान में रखते हुए, ये अमाउंट तय किया है। कानून में बायोलिजकल बच्चे, गोद लिये बच्चे और सौतेले माता पिता को भी शामिल किया गया है। मेंटेनेस का पैसा देने का समय भी 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दिया गया है।
चित्र
तू मेरी गीता पढ़ले मैं पढ़ लू तेरी कुरान, आपस मे भाई चारा निभा के बनायेगे नया हिंदुस्तान
चित्र
पाल सामुदायिक उत्थान समिति की ब्लाक इस्तरीय संगठनात्मक बैठक हुई सम्पन्न
चित्र
कानपुर में ठेले पर पान, चाट और समोसे बेचने वाले 256 लोग निकले करोड़पति
चित्र
योगी सरकार लोगों को देने जा रही फ्री वाईफाई सुविधा
चित्र