भाजपा जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में नव वर्ष मिलन समारोह का किया गया आयोजन

 भाजपा जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में नव वर्ष मिलन समारोह का किया गया आयोजन



फतेहपुर। भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में भाजपा जिला अध्यक्ष आशीष मिश्रा के नेतृत्व में नववर्ष मिलन समारोह आयोजित किया गया। जिसमें फतेहपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष नागेंद्र प्रताप सिंह, जिला पत्रकार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह भदोरिया,वसीम अख्तर, गोविंद दुबे, करुणा सिंधु चतुर्वेदी, दिलीप सिंह, श्रवण श्रीवास्तव, प्रमोद श्रीवास्तव,सीबी सिंह त्यागी,रईसुद्दीन ने मंच की शोभा बढ़ाई। तो जिला अध्यक्ष आशीष मिश्रा ने नववर्ष मिलन समारोह में सभी का माल्यार्पण कर स्वागत किया इस अवसर पर अपने संबोधन में बोलते हुए जिलाध्यक्ष ने कहा कि बीता वर्ष कोरोना काल में बीत गया लेकिन अब इस नए वर्ष में हम सब मिलकर फिर से पूरी ऊर्जा के साथ कार्य करें और फतेहपुर को विकास के पथ पर अग्रसर करें इस दौरान कार्यक्रम का संचालन भाजपा जिला महामंत्री चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव ने किया तो कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकार बंधु मौजूद रहे जिसमें प्रेम लाल साहू, देवेंद्र वर्मा, अवनीश सिंह, राजेश सिंह भदौरिया,मलय पांडेय, जितेंद्र विश्वकर्मा, विवेक श्रीवास्तव, प्रवीण सिंह,नितेश श्रीवास्तव,धीरेंद्र श्रीवास्तव,हरीश शुक्ला, शोएब खान, जरेयाब, डॉ इलियास, मुमताज अहमद, करनसिंह चौहान, शमशाद खान,शाहिद अली, गुफरान नकवी, जतिन द्विवेदी अतुल मौर्य मुकेश कुमार योगेंद्र मोर्य,अरुण कुमार,जगन्नाथ, सिराज अल्वी, इरफान काजमी, सुनील मौर्या,उमेश मौर्य,संदीप केसरवानी,रामचंद्र सैनी, पारुल सिंह, रमेश सिंह यादव, अपर्णा सिंह गौतम, ज्ञानेंद्र सिंह, मनोज मिश्रा,उदय सिंह,नीरज सिंह, पुष्पराज सिंह, अभिजीत भारतीय सहित तमाम अन्य लोग मौजूद रहे।

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अब बुजुर्गों और माता पिता की देखभाल के लिए मिलेगा 10 हजार रुपये, मोदी सरकार बदलेगी नियम न्यूज़।माता-पिता और बुजुर्गों की देखरेख के लिए अब केंद्र सरकार नया नियम लाने जा रही है. दरअसल, मेंटनेंस और वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 पर मानसून सत्र में फैसला लिया जा सकता है. बता दें कि सोमवार से ही मानसून सत्र शुरू हो चुका है। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 केंद्र सरकार के एजेंडा में काफी समय से था. मानसून सत्र की शुरुआत में ही केंद्र सरकार इस बिल को लेना चाहती है. दिसंबर 2019 में पास कर दिया गया था ये नियम। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में पास कर दिया था। इस बिल का मकसद लोगों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को छोड़ने से रोकना है। विधेयक में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी जरूरतों, सुरक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ उनके भरण-पोषण और कल्याण का प्रावधान बनाया गया है। देश में कोविड-19 महामारी की दो विनाशकारी लहरों के मद्देनज़र आने वाला यह विधेयक मौजूदा सत्र में संसद द्वारा पास होने पर वरिष्ठ नागरिकों और अभिभावकों को अधिक पावर देगा. इस बिल को संसद में लाने से पहले कई बदलाव किये गये हैं. जानें इस नियम से संबंधित अहम जानकारी- वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में बच्चों का दायरा बढ़ाया गया है। इसमें बच्चे, पोतों (इसमें 18 साल से कम को शामिल नहीं किया गया है) को शामिल किया गया है. इस बिल में सौतेले बच्चे, गोद लिये बच्चे और नाबालिग बच्चों के कानूनी अभिभावकों को भी शामिल किया गया है। अगर ये बिल कानून बन जाता है तो 10,000 रुपये पेरेंट्स को मेंटेनेंस के तौर पर देने होंगे. सरकार ने स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग और पेरेंट्स की आय को ध्यान में रखते हुए, ये अमाउंट तय किया है। कानून में बायोलिजकल बच्चे, गोद लिये बच्चे और सौतेले माता पिता को भी शामिल किया गया है। मेंटेनेस का पैसा देने का समय भी 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दिया गया है।
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