राजकीय पॉलिटेक्निक में राष्ट्रीय मतदाता दिवस भी दिलाई गई शपथ

 राजकीय पॉलिटेक्निक  में राष्ट्रीय मतदाता दिवस भी दिलाई गई शपथ


बिंदकी फतेहपुर

राजकीय पॉलिटेक्निक बिंदकी  में राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ। संस्थान के सभी शिक्षक एवं छात्रों ने मतदाता दिवस पर देश की लोकतांत्रिक परंपराओं की मर्यादा को बनाए रखने तथा स्वतंत्र निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन को गरिमा रखते हुए निर्भीक होकर धर्म वर्ग जाति समुदाय भाषा अथवा अन्य किसी भी प्रलोभन से प्रभावित हुए। बिना अपने मताधिकार का प्रयोग करने का शपथ लिया।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य श्री ध्रुव नारायण विभाग अध्यक्ष श्री आलोक श्रीवास्तव एवं श्री राम बाबू कुशवाहा तथा प्रवक्ता श्री मनीष कुमार सिंह, श्री प्रफुल्ल चौहान, श्री सुजीत मौर्य, श्री रविंद्र प्रसाद, सुश्री रूपाली एवं अन्य उपस्थित रहे।

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अब बुजुर्गों और माता पिता की देखभाल के लिए मिलेगा 10 हजार रुपये, मोदी सरकार बदलेगी नियम न्यूज़।माता-पिता और बुजुर्गों की देखरेख के लिए अब केंद्र सरकार नया नियम लाने जा रही है. दरअसल, मेंटनेंस और वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 पर मानसून सत्र में फैसला लिया जा सकता है. बता दें कि सोमवार से ही मानसून सत्र शुरू हो चुका है। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 केंद्र सरकार के एजेंडा में काफी समय से था. मानसून सत्र की शुरुआत में ही केंद्र सरकार इस बिल को लेना चाहती है. दिसंबर 2019 में पास कर दिया गया था ये नियम। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में पास कर दिया था। इस बिल का मकसद लोगों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को छोड़ने से रोकना है। विधेयक में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी जरूरतों, सुरक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ उनके भरण-पोषण और कल्याण का प्रावधान बनाया गया है। देश में कोविड-19 महामारी की दो विनाशकारी लहरों के मद्देनज़र आने वाला यह विधेयक मौजूदा सत्र में संसद द्वारा पास होने पर वरिष्ठ नागरिकों और अभिभावकों को अधिक पावर देगा. इस बिल को संसद में लाने से पहले कई बदलाव किये गये हैं. जानें इस नियम से संबंधित अहम जानकारी- वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में बच्चों का दायरा बढ़ाया गया है। इसमें बच्चे, पोतों (इसमें 18 साल से कम को शामिल नहीं किया गया है) को शामिल किया गया है. इस बिल में सौतेले बच्चे, गोद लिये बच्चे और नाबालिग बच्चों के कानूनी अभिभावकों को भी शामिल किया गया है। अगर ये बिल कानून बन जाता है तो 10,000 रुपये पेरेंट्स को मेंटेनेंस के तौर पर देने होंगे. सरकार ने स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग और पेरेंट्स की आय को ध्यान में रखते हुए, ये अमाउंट तय किया है। कानून में बायोलिजकल बच्चे, गोद लिये बच्चे और सौतेले माता पिता को भी शामिल किया गया है। मेंटेनेस का पैसा देने का समय भी 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दिया गया है।
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