दो अलग-अलग स्थानों में एक किशोर समेत दो लोगों ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

 दो अलग-अलग स्थानों में एक किशोर समेत दो लोगों ने फांसी लगाकर की आत्महत्या


----- परिजनों में मचा हड़कंप रो-रोकर हुए बेहाल

बिंदकी फतेहपुर

दो अलग-अलग स्थानों में एक किशोर समेत दो लोगों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली एक युवक ने घरेलू विवाद के चलते गांव के समीप एक पेड़ में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली वहीं दूसरी ओर संदिग्ध अवस्था में एक किशोर का शव गांव के समीप अमरूद के पेड़ में लटका मिला

      जानकारी के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के जहान पुर गांव निवासी योगेंद्र पासवान उम्र 40 वर्ष पुत्र भुल्ली पासवान ने गांव के ही समीप एक पेड़ में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया युवक देर शाम से घर से लापता था रात भर लोगों ने खोजबीन की लेकिन युवक का कोई पता नहीं चला सुबह लोगों ने युवक का शव गांव के समीप एक पेड़ में फांसी के फंदे पर लटका देखा तो हड़कंप मच गया मौके पर भारी भीड़ लगी रही सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। उधर दूसरी ओर बरैठर बुजुर्ग गांव में संदिग्ध अवस्था में राकेश सोनकर के 14 वर्षीय पुत्र सत्यम सोनकर का सव गांव के समीप ही एक अमरूद के पेड़ की डाल पर लटका मिला लोगों ने देखा तो हड़कंप मच गया मौके पर भारी भीड़ लगी रही हालांकि परिजनों तथा ग्रामीणों ने बिना पुलिस को सूचना दिए शव का अंतिम संस्कार कर दिया बताया जाता है कि गोली खेलने को लेकर भाइयों के बीच ही विवाद हुआ था जिससे नाराज होकर किशोर ने आत्महत्या कर लिया किशोर की मौत के बाद परिजन रो-रोकर बेहाल हो रहे थे पूरे गांव में शोक का माहौल था सभी लोग दुर्घटना में शोक व्यक्त कर रहे थे

Popular posts
अब बुजुर्गों और माता पिता की देखभाल के लिए मिलेगा 10 हजार रुपये, मोदी सरकार बदलेगी नियम न्यूज़।माता-पिता और बुजुर्गों की देखरेख के लिए अब केंद्र सरकार नया नियम लाने जा रही है. दरअसल, मेंटनेंस और वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 पर मानसून सत्र में फैसला लिया जा सकता है. बता दें कि सोमवार से ही मानसून सत्र शुरू हो चुका है। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 केंद्र सरकार के एजेंडा में काफी समय से था. मानसून सत्र की शुरुआत में ही केंद्र सरकार इस बिल को लेना चाहती है. दिसंबर 2019 में पास कर दिया गया था ये नियम। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में पास कर दिया था। इस बिल का मकसद लोगों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को छोड़ने से रोकना है। विधेयक में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी जरूरतों, सुरक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ उनके भरण-पोषण और कल्याण का प्रावधान बनाया गया है। देश में कोविड-19 महामारी की दो विनाशकारी लहरों के मद्देनज़र आने वाला यह विधेयक मौजूदा सत्र में संसद द्वारा पास होने पर वरिष्ठ नागरिकों और अभिभावकों को अधिक पावर देगा. इस बिल को संसद में लाने से पहले कई बदलाव किये गये हैं. जानें इस नियम से संबंधित अहम जानकारी- वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में बच्चों का दायरा बढ़ाया गया है। इसमें बच्चे, पोतों (इसमें 18 साल से कम को शामिल नहीं किया गया है) को शामिल किया गया है. इस बिल में सौतेले बच्चे, गोद लिये बच्चे और नाबालिग बच्चों के कानूनी अभिभावकों को भी शामिल किया गया है। अगर ये बिल कानून बन जाता है तो 10,000 रुपये पेरेंट्स को मेंटेनेंस के तौर पर देने होंगे. सरकार ने स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग और पेरेंट्स की आय को ध्यान में रखते हुए, ये अमाउंट तय किया है। कानून में बायोलिजकल बच्चे, गोद लिये बच्चे और सौतेले माता पिता को भी शामिल किया गया है। मेंटेनेस का पैसा देने का समय भी 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दिया गया है।
चित्र
तू मेरी गीता पढ़ले मैं पढ़ लू तेरी कुरान, आपस मे भाई चारा निभा के बनायेगे नया हिंदुस्तान
चित्र
पाल सामुदायिक उत्थान समिति की ब्लाक इस्तरीय संगठनात्मक बैठक हुई सम्पन्न
चित्र
कानपुर में ठेले पर पान, चाट और समोसे बेचने वाले 256 लोग निकले करोड़पति
चित्र
योगी सरकार लोगों को देने जा रही फ्री वाईफाई सुविधा
चित्र