प्रशासन के सख्त तेवर को देखते हुए बाँदा टांडा मार्ग के कार्य मे आई तेजी

 प्रशासन के सख्त तेवर को देखते हुए बाँदा टांडा मार्ग के कार्य मे आई तेजी



एन एच ए आई के द्वारा बनाये गए घटिया रेलवे ओवर ब्रिज को तोड़ने का का काम शुरू


फतेहपुर।बांदा-टांडा मार्ग पर दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर एनएचएआई द्वारा बनाए गए घटिया रेलवे ओवरब्रिज को तोड़ने का काम शुरू हो गया है। इस ओवरब्रिज की बीम पिलर से छह महीने में ही अलग हो गई थी।एनएचएआई टीम की जांच में ओवरब्रिज निर्माण घटिया पाया गया था। यह पिछले ढाई साल से बंद पड़ा था।एनएचएआई में प्रक्रिया तेज हुई और ओवरब्रिज तोड़ने का काम शुक्रवार से शुरू हो गया। बांदा-टांडा मार्ग पर एनएचएआई ने शहरी क्षेत्र के बाहर से 11 किमी के बाईपास का निर्माण कराया। 424 करोड़ रुपये से यह बाईपास जनवरी 2018 में बनकर तैयार हुआ और वाहनों का आवागमन शुरू हो गया।

यहां से बांदा, महोबा की ओर से मौरंग और गिट्टी लेकर आने वाले ट्रकों का संचालन होता है। एनएचएआई ने शाह-बहुआ के बीच में जिंदपुर गांव के टोल प्लाजा बनाकर वाहनों से टैक्स वसूली भी शुरू कर दी।छह महीना यानि जून 2018 को बाईपास पर बनाया गया। ओवरब्रिज जवाब दे गया। पिलर से ओवरब्रिज की बीम अलग हो गई और भारी दरार पड़ने से यातायात बंद करा दिया गया।

ढाई साल से बांदा मार्ग के वाहन शहर के अंदर नई तहसील मार्ग से निकाले जा रहे हैं। फिर भी जिंदपुर टोल पर वाहनों से टैक्स वसूली हो रही है।बांदा-टांडा मार्ग पर रोज करीब साढ़े तीन सौ वाहनों का आवागमन होता है। इसमें 250 वाहन ऐसे हैं, जो मौरंग, गिट्टी लोड करके निकलते हैं। शहर के अंदर लोड वाहनों के निकलने से सड़क दो-तीन महीने में ध्वस्त हो जाती है। साथ ही ट्रैफिक बढ़ने से शहर के लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं।दिल्ली-हावड़ा रेल रूट पर बने घटिया ओवरब्रिज के बीच का हिस्सा रेलवे से अनुमति मिलने के बाद टूटना शुरू होगा। एनएचएआई ने रेलवे को पत्र भेज कर अनुमति मांगी है। अधिकारियों का कहना है कि महीना भर में अनुमति मिलने की संभावना है।ओवरब्रिज तोड़ने का काम शुरू करा दिया गया है। रेलवे से अनुमति मिलने के बाद एक महीना में ओवरब्रिज तोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। दोबारा ओवरब्रिज बनाने के लिए रेलवे से नक्शा मांगा गया है। इसके बाद ओवरब्रिज का निर्माण शुरू कराया जाएगा।