बदमाशों के साथ पुलिस की हुई ठांय-ठांय,पब्लिक ने नही सुनी आवाज

 बदमाशों के साथ पुलिस की हुई ठांय-ठांय,पब्लिक ने नही सुनी आवाज



अफसरों ने भी दी क्लीन चिट इलाकाई हैरान

मुठभेड़ वाले स्थान में रहता आवागमन

धाता पुलिस जी जांबाजी बन सकती गले की हड्डी

फतेहपुर - रविवार की भोर पहर पुलिस की थ्री नार थ्री और बदमाशो के कट्टे की फायरिंग होती रही लेकिन इलाके के लोग फायरिंग की इन आवाजों को नही सुन पाए और पुलिस की मुठभेड़ हो गयी पुलिस ने वाहन चोर गैंग के तीन शातिरों को दौरान मुठभेड़ पकड़ भी लिया उसके बाद पुलिस ने चोरी की दो बाईक और तीनों के पास से देशी तमंचा एक मोबाइल बरामद करके मुठभेड़ की कहानी की जो स्क्रिप्ट लिखी उसकी इबारत से पुलिस के आला अफसर भी हामी भरने में पीछे नही रहे लेकिन इस कहानी को इलाके के लोग मनगढ़ंत बता रहे है।

मौजूदा समय मे पंचायती चुनाव की आहट और हाकिम की नजरों में खास बनने के लिए जिले के थानेदार एक से बढ़कर एक करिश्मा करने में लगे हुए है इसी क्रम में धाता थाने की पुलिस भी अपने आप को कमजोर क्यो साबित करे तो इसके लिए एक ऐसी कहानी रच दी जो पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन रही है हालांकि की हाईटेक हो चुकी पुलिस अब ऐसी गलती नही करती की उसकी व उसके अफसरों की बिना वजह किरकिरी हो लेकिन धाता पुलिस तो सबसे अलग निकल गई और उसी अंदाज में मुठभेड़ कर गई जैसे आज से दस साल पहले नहर पुलिया के पास हुई मुठभेड़ का जिक्र पुलिस के प्रेस नोटों में हुआ करता था लेकिन जब पुलिस हाईटेक हुई तो ऐसी मुठभेड़ें भी बंद हो गई लेकिन अब एक बार फिर जिले की धाता पुलिस ने कहानी रच दी जो किसी के गले नही उतर रही है पूरे दिन आज पुलिस की यह मुठभेड़ पुलिस महकमे में भले ही चर्चा विषय न रही हो लेकिन आम नागरिकों के बीच मुठभेड़ की लेकर तमाम सवाल खड़े हो गए 


धाता पुलिस की मुठभेड़ की उस कहानी पर गौर किया जाए जो उसने जारी प्रेस नोट मे बताई है तो पुलिस गश्त में थी तभी जरिये मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस ने थाना क्षेत्र के हिनोता बाईपास के पास थी तभी बदमाशो ने पुलिस बल पर फायरिंग कर दी बदमाशो की इस फायरिंग पर पुलिस ने भी जवाबी कार्यवाही की  और दौड़ाकर बदमाशो को पकड़ लिया तीन बदमाश पुलिस के हाथ लग गए मो इरफान और पप्पू निवासी इजरा थाना सुल्तानपुर घोष और इरसाद निवासी ऊंचाहार को अरेस्ट कर लिया इनके पास से तीन देशी तमंचे दो चोरी की बाईक एक चोरी का मोबाइल बरामद हुआ उस तरह पुलिस की यह यह मुठभेड़ की कहानी की स्क्रिप्ट बकायदे लिख गयी और पुलिस के आला अफसरों ने इस पर अपनी मोहर भी लगा दी खागा सीओ ने बाकायदा इस पुलिस मुठभेड़ की पुष्टि की।लेकिन इलाके में ग्रामीणों ने पुलिस की इस मुठभेड़ की कहानी में फायरिंग तक कि आवाजे नही सुनी भोर के पहर हुई इस मुठभेड़ को जिस स्थान पर बताया जा रहै है वहाँ लोगो का पर्याप्त आवागमन भी बना रहता है दिलचस्प बात तो यह है कि बदमाशों के पास तीन तमंचे देशी थे और 6 कारतूस तीनो ने बारी बारी से एक एक बार फायर किया और पुलिस को तीन खोखे मिल गए और तीन ही जिंदा कारतूस भी मिल गए आला अफसर भी ऐसे वर्क आउट को क्लीन चिट दे चुके है लेकिन खाकी पर आम जनता का भरोसा कितना होगा इस पर सवालिया निशान लगता जा रहा है।