पत्रकार संघ ने किया आज सदस्यों का सपथ ग्रहण समारोह

 पत्रकार संघ ने किया आज सदस्यों का सपथ ग्रहण समारोह



जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने दिया पत्रकारों को बधाई


तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा शपथ ग्रहण समारोह


फतेहपुर,जिला पत्रकार एसोसिएशन संघ  की शपथ ग्रहण समारोह रामा श्यामा मैरिज हॉल में संपन्न हुई।

जिसमें मुख्य अतिथि जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे एवं पुलिस अधीक्षक

सतपाल अंतिल सहित सभी वरिष्ठ पत्रकार ने अतिथियों का सम्मान स्वागत किया और जिला पत्रकार एसोसिएशन संघ के अध्यक्ष अजय भदोरिया कोषाध्यक्ष जैकेस पांडे महामंत्री आशीष दीक्षित, हिंदुस्तान पत्रकार थरियांव के भीम सिंह यादव और दैनिक भास्कर के ब्यूरो चीफ विवेक मिश्रा के साथ सभी वरिष्ठ पत्रकार संघ ने सभी अतिथियों का स्वागत (बुकी, प्रतीक चिन्ह व डायरी पेन)देकर सम्मानित किया!

सभी वरिष्ठ पत्रकारों ने अपने हृदय से ईमानदारी निष्ठा पूर्ण अपने कर्तव्यों का पालन ईमानदारी से करने की शपथ ग्रहण की।

जिसमें की जिला मजिस्ट्रेट अपूर्वा ने सभी पत्रकार संघ का स्वागत अभिनंदन व अच्छे ढंग से कार्य करने की सराहना की

जिला पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने पत्रकार व प्रशासन को कंधे पर कंधा डालकर साथ चलने की बात कही और सभी पत्रकार बंधुओं का हौसला बढ़ाया जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष अजय भदोरिया के नेतृत्व में सभी अतिथियों को नाश्ता व भोजन भी ग्रहण करवाया गया सभी पत्रकार संघ आए हुए अतिथियों को ज्यादा से ज्यादा समय देने के लिए धन्यवाद कहा।

पूरे कार्यक्रम की अध्यक्षता आशीष सिंह उपाध्यक्ष तहसील पत्रकार संघ फतेहपुर के सौजन्य से संपन्न हुआ।

Popular posts
अब बुजुर्गों और माता पिता की देखभाल के लिए मिलेगा 10 हजार रुपये, मोदी सरकार बदलेगी नियम न्यूज़।माता-पिता और बुजुर्गों की देखरेख के लिए अब केंद्र सरकार नया नियम लाने जा रही है. दरअसल, मेंटनेंस और वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 पर मानसून सत्र में फैसला लिया जा सकता है. बता दें कि सोमवार से ही मानसून सत्र शुरू हो चुका है। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 केंद्र सरकार के एजेंडा में काफी समय से था. मानसून सत्र की शुरुआत में ही केंद्र सरकार इस बिल को लेना चाहती है. दिसंबर 2019 में पास कर दिया गया था ये नियम। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में पास कर दिया था। इस बिल का मकसद लोगों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को छोड़ने से रोकना है। विधेयक में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी जरूरतों, सुरक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ उनके भरण-पोषण और कल्याण का प्रावधान बनाया गया है। देश में कोविड-19 महामारी की दो विनाशकारी लहरों के मद्देनज़र आने वाला यह विधेयक मौजूदा सत्र में संसद द्वारा पास होने पर वरिष्ठ नागरिकों और अभिभावकों को अधिक पावर देगा. इस बिल को संसद में लाने से पहले कई बदलाव किये गये हैं. जानें इस नियम से संबंधित अहम जानकारी- वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में बच्चों का दायरा बढ़ाया गया है। इसमें बच्चे, पोतों (इसमें 18 साल से कम को शामिल नहीं किया गया है) को शामिल किया गया है. इस बिल में सौतेले बच्चे, गोद लिये बच्चे और नाबालिग बच्चों के कानूनी अभिभावकों को भी शामिल किया गया है। अगर ये बिल कानून बन जाता है तो 10,000 रुपये पेरेंट्स को मेंटेनेंस के तौर पर देने होंगे. सरकार ने स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग और पेरेंट्स की आय को ध्यान में रखते हुए, ये अमाउंट तय किया है। कानून में बायोलिजकल बच्चे, गोद लिये बच्चे और सौतेले माता पिता को भी शामिल किया गया है। मेंटेनेस का पैसा देने का समय भी 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दिया गया है।
चित्र
तू मेरी गीता पढ़ले मैं पढ़ लू तेरी कुरान, आपस मे भाई चारा निभा के बनायेगे नया हिंदुस्तान
चित्र
पाल सामुदायिक उत्थान समिति की ब्लाक इस्तरीय संगठनात्मक बैठक हुई सम्पन्न
चित्र
कानपुर में ठेले पर पान, चाट और समोसे बेचने वाले 256 लोग निकले करोड़पति
चित्र
योगी सरकार लोगों को देने जा रही फ्री वाईफाई सुविधा
चित्र