प्रयोगात्मक परीक्षाओं का नियमित रूप से निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण होगा: सचिव दिव्यकांत शुक्ल

 प्रयोगात्मक परीक्षाओं का नियमित रूप से निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण होगा: सचिव दिव्यकांत शुक्ल



न्यूज़।यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की पहले चरण की प्रयोगात्मक परीक्षा शुरू हो गई हैं।परीक्षाओं को लेकर पूर्व में जारी किए गए दिशा-निर्देशो का कितना पालन किया जा रहा है।इस बारे में माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव दिव्य कांत शुल्क ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों, मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों और मंडलीय उप शिक्षा निदेशकों से रिपोर्ट तलब कर ली है।पहले चरण की प्रयोगात्मक परीक्षाएं 12 फरवरी को समाप्त हो रही है। सचिव ने प्रयोगात्मक परीक्षाओं के बारे में दिए गए निर्देशों की अनुपालन आख्या 13 फरवरी को शाम 6 बजे तक उपलब्ध कराने को कहा है।पूर्व में निर्देश जारी किए गए थे कि प्रयोगात्मक परीक्षा कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए गाइडलाइंस के अनुरूप सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में आयोजित की जाएगी। साथ ही प्रयोगात्मक परीक्षाओं का नियमित रूप से निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण होगा। सचिव की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि जिला विद्यालय निरीक्षकों, मंडलीय शिक्षा निदेशकों एवं मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को अपनी आख्या में जनपद एवं मंडल के नाम के साथ प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए कुल विद्यालयों की संख्या बतानी है।कितने विद्यालयों में परीक्षा हुई और कितने विद्यालयों में नहीं हुई,इसकी जानकारी भी देनी है।साथ ही परीक्षा होने का कारण स्पष्ट करना है। इसके लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक,उप शिक्षा निदेशक, जिला विद्यालय निरीक्षक और जनपद स्तर पर नामित अन्य अधिकारी/प्रधानाचार्य की ओर से परीक्षाओं के निरीक्षण रिपोर्ट देनी है।

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