संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम व एसपी ने फरियादियों की सुनी समस्याएं

संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम व एसपी ने फरियादियों की सुनी समस्याएं


----- 221 समस्याओं में से 17 का हुआ मौके पर निस्तारण


दिव्यांग नेता ने कहा कि दिव्यांगों को सरकारी आवास दिया जाए तथा मृतक के आश्रितों को पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए

गिरिराज शुक्ला

बिंदकी फतेहपुर,संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंची जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक ने फरियादियों की समस्याएं सुनी कुल 221 समस्याएं आएं जिनमें 17 समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया गया सबसे अधिक राजस्व विभाग की 129 समस्याएं रहे जबकि 204 समस्याएं अवशेष रह गई जिलाधिकारी ने मौजूद विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष उनके प्रतिनिधियों से कहा कि जो भी समस्याएं आती हैं उनका निस्तारण जल्द करा कर उन्हें अवगत भी कराने का काम करे

      मंगलवार को तहसील परिसर में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया पूर्वान्ह करीब 11:00 बजे जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे तथा पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल तहसील के सभागार कक्ष पहुंचे वहां पर पहले से ही फरियादियों की लंबी लाइन लगी थी इस मौके पर  अमर शहीद  चंद्रशेखर आजाद  कल्याण सहायता समिति के प्रबंधक जितेन मिश्रा अष्टावक्र ने एक प्रार्थना पत्र देते हुए  जिलाधिकारी से मांग की है कि  दिव्यांगों को सरकारी आवास दिए जाएं  तथा  दिव्यांगों के मृतक  आश्रितों को  पेंशन की व्यवस्था की जाए जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक ने कर्मचारियों को बुलाकर समस्याएं सुनना शुरू किया अपराह्न करीब 2:00 बजे तक संपूर्ण समाधान दिवस चलता रहा समाधान दिवस में कुल 221 समस्याएं हैं जिनमें सबसे अधिक राजस्व विभाग की 129 पुलिस विभाग की 34 विकास से संबंधित 27 समाज कल्याण विभाग की एक तथा अन्य 29 समस्याएं आएं जिनमें मौके पर 17 समस्याओं का अधिकारियों ने निस्तारण किया जबकि 204 समस्याएं और शेष रह गई इस मौके पर जिलाधिकारी अपूर्व दुबई में मौजूद अधिकारियों तथा कर्मचारियों को निर्देशित किया कि जो भी समस्याएं संपूर्ण समाधान दिवस में आ रही उन को गंभीरता से लें और जिन समस्याओं को हल करने के लिए उन्हें निर्देश दिया जाता है उनका मौके पर सत्यापन करने के बाद निस्तारित करें और उन्हें अवगत भी कराएं ताकि फरियादियों की समस्याएं अधिक से अधिक संख्या में और कम समय में हल की जा सके इस मौके पर उप जिलाधिकारी प्रियंका योगेंद्र सिंह मलिक तहसीलदार गणेश सिंह सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष या उनके प्रतिनिधि मौजूद रहे।