एम.डी बनारस चाहे जैसा भेजें पैगाम किंतु विद्युत वितरण खंड प्रथम में व्याप्त भ्रष्टाचार पर नहीं लग रही है लगाम

 एम.डी बनारस चाहे जैसा भेजें पैगाम किंतु विद्युत वितरण खंड प्रथम में व्याप्त भ्रष्टाचार पर नहीं लग रही है लगाम



विद्युत वितरण खंड प्रथम ने भ्रष्टाचार में कर रखी है महारथ हासिल


भ्रष्टाचार का महारथी है मेन, नाम है उसका उमेश सेन


फतेहपुर। शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करने का पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के इमानदार एम.डी बनारस सरोज कुमार ने सभी अधीक्षण अभियंताओं के साथ-साथ अधिशासी अभियंताओं को पैगाम भेजकर चेतावनी देते हुए कहा है कि भ्रष्टाचार किसी भी कीमत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इसके लिए जरूरी है कि पूरे जोन के उपरोक्त अधिकारी अपने आचरण में बदलाव ले आए अन्यथा परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। एमडी बनारस के पैगाम का पालन पूरे जोन में भले ही हो रहा हो किंतु इस जनपद का विद्युत वितरण खंड प्रथम पूरी तरह से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है। इसका जीता जागता उदाहरण भिटौरा विकासखंड के रूपपुर मजरे टांडा का है।

जनपद के भिटौरा विकासखंड के रूपपुर मजरे टांडा निवासी शिव सजीवन पुत्र बच्चू ने सन 2018 में सामान्य योजना के तहत विद्युत कनेक्शन के लिए आवेदन किया था और इस योजना का लाभ लेने के लिए उसने 25/9/ 2018  को विभाग में 28497 रुपए जमा कर रशीद भी प्राप्त कर लिया था। विभाग में पैसा जमा करने के बाद विभाग द्वारा उसका कनेक्शन शो करने के साथ-साथ बिल भी चालू कर दिया। विद्युत वितरण खंड प्रथम में लाइन आर्डर की सीट पर बैठा भ्रष्टाचार का महारथी उमेश सेन ने उसका लाइन ऑर्डर तैयार कर लिया और उपभोक्ता से अधिकारी से अनुमति प्रदान करने के नाम पर रिश्वत की मांग की। बाबू द्वारा मांगी गई रिश्वत को उपभोक्ता ने जब देने से इंकार कर दिया तो सीट पर बैठा बाबू आग बबूला हो गया तथा लाइन आर्डर को सीट के पीछे बनी खिड़की से पढ़कर नीचे फेंक दिया। मरता क्या न करता वाली कहावत यहां पर पूरी तरह से चरितार्थ हो रही है। पीड़ित उपभोक्ता भी बिना समय गवाएं नीचे उतरकर उस खिड़की के पास जा पहुंचा जहां पर उपरोक्त बाबू ने लाइन ऑर्डर फाड़ कर फेंका था। उपभोक्ता ने फटे हुए लायन आर्डर को उठा लिया तथा उसको चिपकाने के बाद लाइन ऑर्डर लेकर वापस घर चला गया। उपभोक्ता ने विभाग के बाबू के द्वारा किए गए कृत्य की दास्तान उसने केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति को सुनाई। बाबू के कृत्य की दास्तान सुनने के बाद केंद्रीय मंत्री का पारा सातवें आसमान में पहुंच गया और केंद्रीय मंत्री ने अधिशासी अभियंता को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल लाइन आर्डर करने के निर्देश दिए। केंद्रीय मंत्री के निर्देश पर लाइन आर्डर हो गया किंतु वह लाइन ऑर्डर कहां गया यह पूरी तरह से अपने आप में पहेली बनी हुई है। उपभोक्ता आज भी बाबू द्वारा फाड़ा गया लाइट ऑर्डर लिए घूम रहा है किंतु 9/2/2021 को जो लाइन ऑर्डर हुआ था वह तो उपभोक्ता को मिला ही नहीं है। अब सवाल इस बात का उठता है कि लाइन जो होने और बिलिंग होने के बाद लाइन आर्डर का कोई मकसद नहीं बनता है। या तो विभाग द्वारा लाइन क्यों नहीं की गई और ना ही उसकी बिलिंग की गई। बाहरहाल कुछ भी हो इस मामले की यदि गहराई से जांच कराई जाए तो सब कुछ साफ निकल आएगा।