सीएमओ ने कोविड हॉस्पिटल के ऑक्सीजन प्लांट का किया निरीक्षण

 सीएमओ ने कोविड हॉस्पिटल के ऑक्सीजन प्लांट का किया निरीक्षण


 दिए आवश्यक दिशा निर्देश

बिंदकी फतेहपुर।मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बने कोविड हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण किया खासकर ऑक्सीजन प्लांट को देखा तथा लगाई गई पाइप लाइनों को भी देखा तथा मौजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए

        गुरुवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी राजेंद्र सिंह नगर के तहसील रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचे उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बने कोविड हॉस्पिटल का निरीक्षण किया खासकर बन रहे ऑक्सीजन प्लांट को देखा इसके अलावा हॉस्पिटल के वार्डो में लगे ऑक्सीजन पाइप लाइन को भी देखा तथा वार्डों के अंदर की गई व्यवस्था का भी निरीक्षण किया उन्होंने कहा की कोरोनावायरस की तीसरी लहर की आने की संभावना को देखते हुए व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त की गई है ताकि कोई परेशानी ना हो पाए उन्होंने कहा जल्द ही आप सीजन प्लांट चालू हो जाएगा और कोरोना से संबंधित यदि किसी भी मरीज को ऑक्सीजन लेवल कम होता है तो उसे यहां पर तुरंत आग सीजन उपलब्ध कराई जाएगी ताकि उसके जीवन की रक्षा की जा सके इस मौके पर डिप्टी सीएमओ एसपी जौहरी डॉ आर के सिंह डॉक्टर बी पी सिंह नोडल प्रभारी डॉ धर्मेंद्र सिंह से तमाम लोग मौजूद रहे

Popular posts
अब बुजुर्गों और माता पिता की देखभाल के लिए मिलेगा 10 हजार रुपये, मोदी सरकार बदलेगी नियम न्यूज़।माता-पिता और बुजुर्गों की देखरेख के लिए अब केंद्र सरकार नया नियम लाने जा रही है. दरअसल, मेंटनेंस और वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 पर मानसून सत्र में फैसला लिया जा सकता है. बता दें कि सोमवार से ही मानसून सत्र शुरू हो चुका है। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 केंद्र सरकार के एजेंडा में काफी समय से था. मानसून सत्र की शुरुआत में ही केंद्र सरकार इस बिल को लेना चाहती है. दिसंबर 2019 में पास कर दिया गया था ये नियम। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में पास कर दिया था। इस बिल का मकसद लोगों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को छोड़ने से रोकना है। विधेयक में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी जरूरतों, सुरक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ उनके भरण-पोषण और कल्याण का प्रावधान बनाया गया है। देश में कोविड-19 महामारी की दो विनाशकारी लहरों के मद्देनज़र आने वाला यह विधेयक मौजूदा सत्र में संसद द्वारा पास होने पर वरिष्ठ नागरिकों और अभिभावकों को अधिक पावर देगा. इस बिल को संसद में लाने से पहले कई बदलाव किये गये हैं. जानें इस नियम से संबंधित अहम जानकारी- वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में बच्चों का दायरा बढ़ाया गया है। इसमें बच्चे, पोतों (इसमें 18 साल से कम को शामिल नहीं किया गया है) को शामिल किया गया है. इस बिल में सौतेले बच्चे, गोद लिये बच्चे और नाबालिग बच्चों के कानूनी अभिभावकों को भी शामिल किया गया है। अगर ये बिल कानून बन जाता है तो 10,000 रुपये पेरेंट्स को मेंटेनेंस के तौर पर देने होंगे. सरकार ने स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग और पेरेंट्स की आय को ध्यान में रखते हुए, ये अमाउंट तय किया है। कानून में बायोलिजकल बच्चे, गोद लिये बच्चे और सौतेले माता पिता को भी शामिल किया गया है। मेंटेनेस का पैसा देने का समय भी 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दिया गया है।
चित्र
तू मेरी गीता पढ़ले मैं पढ़ लू तेरी कुरान, आपस मे भाई चारा निभा के बनायेगे नया हिंदुस्तान
चित्र
पाल सामुदायिक उत्थान समिति की ब्लाक इस्तरीय संगठनात्मक बैठक हुई सम्पन्न
चित्र
कानपुर में ठेले पर पान, चाट और समोसे बेचने वाले 256 लोग निकले करोड़पति
चित्र
योगी सरकार लोगों को देने जा रही फ्री वाईफाई सुविधा
चित्र