ज्वेलर्स की दुकान में नकब लगाकर लाखों की चोरी

 ज्वेलर्स की दुकान में नकब लगाकर लाखों की चोरी



जहानाबाद(फतेहपुर)।उद्योग व्यापार मण्डल उत्तर प्रदेश की सम्बद्ध इकाई जहानाबाद व्यापार मण्डल के पदाधिकारी मनोज कुमार,प्रतिष्ठान अनिकेत कुमार मुरली ज्वैलर्स लालूगंज जहानाबाद रात लगभग 2 बजे दुकान की नकब काटकर चोरों ने दुकान में रखी 15 किलो चांदी व अन्य जेवरात नगद राशि चोरी करके ले गये,दुकान में लगा सी सी टी वी कैमरे में तीन चोरों सहित घटना की पुष्टि हो रही है कई लाखो की चोरी से व्यापारियों में दहशत की स्थित बनी है, जहानाबाद व्यापार मण्डल के कोषाध्यक्ष मयंक ओमर द्वारा उद्योग व्यापार मण्डल संस्थापक अध्यक्ष किशन मेहरोत्रा को सूचना प्राप्त हुई,जिस पर संस्थापक अध्यक्ष ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक को घटना की जानकारी से अवगत कराते घटना स्थल के निरीक्षण का निवेदन करते घटना के खुलासे, अपराधियो की गिरप्तारी, व चोरी गए माल की बरामदगी की मांग की,निवेदन किया व्यापारियों के यहां लगातार हो रही चोरियों से एक तरफ व्यापारियों में दहशत व्याप्त है,वही दूसरी तरफ रोष व आक्रोश पनप रहा है,उद्योग व्यापार मण्डल उत्तर प्रदेश व्यापारियों की रक्षा सुरक्षा हेतु पुलिस प्रशासन से मांग करता है व्यापारियों के यहां हुई समस्त घटनाओं का खुलासा किया जाए अपराधियो को दण्डित किया जाए,चोरी गए माल की बरामदगी हो,रक्षा व सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाए ताकि भविष्य में व्यापारियों के यहां घटना न हो सके।

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अब बुजुर्गों और माता पिता की देखभाल के लिए मिलेगा 10 हजार रुपये, मोदी सरकार बदलेगी नियम न्यूज़।माता-पिता और बुजुर्गों की देखरेख के लिए अब केंद्र सरकार नया नियम लाने जा रही है. दरअसल, मेंटनेंस और वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 पर मानसून सत्र में फैसला लिया जा सकता है. बता दें कि सोमवार से ही मानसून सत्र शुरू हो चुका है। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 केंद्र सरकार के एजेंडा में काफी समय से था. मानसून सत्र की शुरुआत में ही केंद्र सरकार इस बिल को लेना चाहती है. दिसंबर 2019 में पास कर दिया गया था ये नियम। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में पास कर दिया था। इस बिल का मकसद लोगों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को छोड़ने से रोकना है। विधेयक में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी जरूरतों, सुरक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ उनके भरण-पोषण और कल्याण का प्रावधान बनाया गया है। देश में कोविड-19 महामारी की दो विनाशकारी लहरों के मद्देनज़र आने वाला यह विधेयक मौजूदा सत्र में संसद द्वारा पास होने पर वरिष्ठ नागरिकों और अभिभावकों को अधिक पावर देगा. इस बिल को संसद में लाने से पहले कई बदलाव किये गये हैं. जानें इस नियम से संबंधित अहम जानकारी- वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में बच्चों का दायरा बढ़ाया गया है। इसमें बच्चे, पोतों (इसमें 18 साल से कम को शामिल नहीं किया गया है) को शामिल किया गया है. इस बिल में सौतेले बच्चे, गोद लिये बच्चे और नाबालिग बच्चों के कानूनी अभिभावकों को भी शामिल किया गया है। अगर ये बिल कानून बन जाता है तो 10,000 रुपये पेरेंट्स को मेंटेनेंस के तौर पर देने होंगे. सरकार ने स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग और पेरेंट्स की आय को ध्यान में रखते हुए, ये अमाउंट तय किया है। कानून में बायोलिजकल बच्चे, गोद लिये बच्चे और सौतेले माता पिता को भी शामिल किया गया है। मेंटेनेस का पैसा देने का समय भी 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दिया गया है।
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