विश्व हिंदू परिषद एवं गौ रक्षा समिति द्वारा नरैनी रोड पर स्थित वृद्ध आश्रम मैं सभी वृद्धों को फल वितरित किए गए

 विश्व हिंदू परिषद एवं गौ रक्षा समिति द्वारा नरैनी रोड पर स्थित वृद्ध आश्रम मैं सभी वृद्धों को फल वितरित किए गए



संवाददाता बाँदा :- आज विश्व हिंदू महासंघ गौ रक्षा समिति के छेड़ी गई मुहिम के तहत  और नगर में जागरूक हुए लोग नगरवासी गौरव मिश्रा  जन्मदिन  के अवसर पर नरैनी रोड पर स्थित वृद्ध आश्रम में जाकर सभी वृद्धों को फल वितरण किया गया और अनाथालय में जाकर अनाथ बच्चों को फल वितरण किया गया गौ रक्षा समिति के जिला अध्यक्ष महेश कुमार प्रजापति ने बताया विश्व हिंदू महासंघ गौ रक्षा समिति के द्वारा छेड़ी गई मुहिम  में बांदा नगर के नगर वासी जागरूक होकर अपने बच्चों का जन्मदिन वृद्ध आश्रम और अनाथालय में जाकर  जन्मदिन बनाने कार्यक्रम आयोजन होने लगे हैं 

और बांदा जनपद में आए हुए नवनियुक्त सीएमओ साहब का विश्व हिंदू महासंघ गौ रक्षा समिति  के जिला अध्यक्ष महेश कुमार प्रजापति की अगुवाई में विश्व हिंदू महासंघ की पराक्रम पत्रिका भेंट कर एवं गौमाता का प्रतीक भेंटकर सभी गौ रक्षा समिति के पदाधिकारियों के द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया इस मौके में उपस्थित वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र कुमार मिश्रा  जिला उपाध्यक्ष इंद्रजीत राजपूत जिला मंत्री आलोक प्रजापति जिला मंत्री राहुल राजपूत कार्यालय जिला प्रभारी महेश गुप्ता बड़ोखर ब्लॉक मंत्री कमलेश पाल नगर प्रभारी श्री शिव मंगल प्रजापति नगर अध्यक्ष शिवा गुप्ता नगर मीडिया प्रभारी रजनीश प्रजापतिआदि कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे

Popular posts
अब बुजुर्गों और माता पिता की देखभाल के लिए मिलेगा 10 हजार रुपये, मोदी सरकार बदलेगी नियम न्यूज़।माता-पिता और बुजुर्गों की देखरेख के लिए अब केंद्र सरकार नया नियम लाने जा रही है. दरअसल, मेंटनेंस और वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 पर मानसून सत्र में फैसला लिया जा सकता है. बता दें कि सोमवार से ही मानसून सत्र शुरू हो चुका है। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 केंद्र सरकार के एजेंडा में काफी समय से था. मानसून सत्र की शुरुआत में ही केंद्र सरकार इस बिल को लेना चाहती है. दिसंबर 2019 में पास कर दिया गया था ये नियम। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में पास कर दिया था। इस बिल का मकसद लोगों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को छोड़ने से रोकना है। विधेयक में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी जरूरतों, सुरक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ उनके भरण-पोषण और कल्याण का प्रावधान बनाया गया है। देश में कोविड-19 महामारी की दो विनाशकारी लहरों के मद्देनज़र आने वाला यह विधेयक मौजूदा सत्र में संसद द्वारा पास होने पर वरिष्ठ नागरिकों और अभिभावकों को अधिक पावर देगा. इस बिल को संसद में लाने से पहले कई बदलाव किये गये हैं. जानें इस नियम से संबंधित अहम जानकारी- वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में बच्चों का दायरा बढ़ाया गया है। इसमें बच्चे, पोतों (इसमें 18 साल से कम को शामिल नहीं किया गया है) को शामिल किया गया है. इस बिल में सौतेले बच्चे, गोद लिये बच्चे और नाबालिग बच्चों के कानूनी अभिभावकों को भी शामिल किया गया है। अगर ये बिल कानून बन जाता है तो 10,000 रुपये पेरेंट्स को मेंटेनेंस के तौर पर देने होंगे. सरकार ने स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग और पेरेंट्स की आय को ध्यान में रखते हुए, ये अमाउंट तय किया है। कानून में बायोलिजकल बच्चे, गोद लिये बच्चे और सौतेले माता पिता को भी शामिल किया गया है। मेंटेनेस का पैसा देने का समय भी 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दिया गया है।
चित्र
तू मेरी गीता पढ़ले मैं पढ़ लू तेरी कुरान, आपस मे भाई चारा निभा के बनायेगे नया हिंदुस्तान
चित्र
पाल सामुदायिक उत्थान समिति की ब्लाक इस्तरीय संगठनात्मक बैठक हुई सम्पन्न
चित्र
कानपुर में ठेले पर पान, चाट और समोसे बेचने वाले 256 लोग निकले करोड़पति
चित्र
योगी सरकार लोगों को देने जा रही फ्री वाईफाई सुविधा
चित्र