AAP के 20 विधायकों की सदस्यता कराई थी रद्द, अब BJP ने बनाया मीडिया पैनलिस्ट, जानिए कौन हैं प्रशांत पटेल उमराव

AAP के 20 विधायकों की सदस्यता कराई थी रद्द, अब BJP ने बनाया मीडिया पैनलिस्ट, जानिए कौन हैं प्रशांत पटेल उमराव


न्यूज़।AAP के 20 विधायकों की सदस्यता कराई थी रद्द, अब BJP ने बनाया मीडिया पैनलिस्ट, जानिए कौन हैं प्रशांत पटेल उमरावलाभ के पद के मामले में दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द कराकर चर्चा में आए सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत पटेल उमराव  को यूपी बीजेपी ने बड़ी जिम्मेदारी दी है. भाजपा चीफ स्वतंत्र देव सिंह ने प्रशांत पटेल को पार्टी का मीडिया पैनलिस्ट (Media Penalist) घोषित किया है. स्वतंत्र देव देव सिंह ने गुरूवार को प्रशांत पटेल समेत 12 को मीडिया पैनलिस्ट बनाने का ऐलान किया है. मीडिया पैनलिस्ट टीम में प्रदेश के 9 अलग-अलग जिलों से जगह दी गई हैं. वहीं वरिष्ठ पत्रकार अवनीश त्यागी को प्रदेश प्रवक्ता नियुक्त किया है.



12 सदस्यों की मीडिया पैनलिस्ट टीम में ये हैं शामिल


जौनपुर- ओमप्रकाश सिंह मथुरा- राजेश चौधरी कानपुर- राघवेन्द्र सिंह लखनऊ- संजीव सिंह जौनपुर- डा. कौशल मिश्रा गाजियाबाद- अमृता नोएडा- प्रशांत कुमार उमराव श्रावस्ती- शरतेन्दु त्रिवेदी शरद आगरा- दीपक बघेल बरेली- दीपक सोनकर मऊ- कृष्ण मोहन पांडेय नोएडा- एस.एन. सिंह



कौन हैं प्रशांत पटेल उमराव ?


32 वर्षीय प्रशांत पटेल उमराव यूपी के फतेहपुर जिले के जहानाबाद के पटेल नगर शाहजहांपुर आईमा के रहने वाले हैं. मिडिल क्लास परिवार से आने वाले प्रशांत आईएएस बनना चाहते थे. उन्होंने नोएडा से एमबीए करने के बाद कानून की पढ़ाई की थी और फिर वकालत शुरू की. उन्होंने पहले कॉर्पोरेट लॉ में हाथ आजमाया लेकिन यहां का कल्चर उन्हें समझ में नहीं आया, जिसके बाद उन्होंने खुद का काम शुरू किया. वे दिल्ली शिफ्ट हुए और फैमिली-क्रिमिनल केसों को देखने लगे. प्रशांत पटेल पहली बार चर्चा में तब जब इन्होंने ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले में आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द करवाई थी. ऐसा भारत के इतिहास में पहली बार हुआ था जब एक साथ किसी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य घोषित किया हो.



आमिर-कन्हैया की भी बढ़ाई थी मुश्किलें


प्रशांत पटेल उमराव के कारण सिर्फ अरविंद केजरीवाल ही नहीं बल्कि आमिर खान और कन्हैया कुमार भी मुश्किल में पड़ चुके हैं. आमिर खान की फिल्म पीके रिलीज होने के बाद प्रशांत पटेल ने मूवी में हिंदुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने के आरोप लगाते हुए कोर्ट में रिट दाखिल की थी. इसके बाद उन्होंने जेएनयू में हुई नारेबाजी के मामले में कन्हैया कुमार द्वारा बेल की अर्जी दिए जाने पर इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेप किया था. कन्हैया कुमार को लेकर उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में रिट भी दायर की थी. प्रशांत ने सेंसर बोर्ड की अध्यक्ष रहीं लीला सैम्सन के खिलाफ भी भ्रष्टाचार को लेकर मोर्चा खोला था, जिसके बाद उन्हें हटा दिया गया था.बेहद शांत, गंभीर, मृदुभाषी और मिलनसार स्वभाव के चलते प्रशांत लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं. वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में गोवा सरकार की तरफ से स्टैंडिंग काउंसिल प्रशांत ने अभी तक जिस भी फील्ड में काम किया है वहां अपनी एक अलग पहचान बनाई है, अब देखना दिलचस्प होगा कि प्रशांत पटेल का राजनीतिक सफर कैसा रहेगा.

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