आजादी के 75 साल बाद भी विकास के लिए तरस रहा तिंदवारी विकासखंड का गोधनी गांव

 आजादी के 75 साल बाद भी विकास के लिए तरस रहा तिंदवारी विकासखंड का गोधनी गांव



संवाददाता बाँदा :- आपको बता दें उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा ग्रामीणों व किसानों से संबंधित  अनेकों योजनाएं संचालित हैं लेकिन क्या इन योजनाओं का सही से अनुपालन हो 

पाता है क्या ग्रामीण स्तर तक सभी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों और किसानों को मिल पाता है


आपको बता दें पूरा मामला बांदा जनपद के तिंदवारी विकासखंड अंतर्गत ग्राम गोधनी का है। जहां पर आज भी गांव विकास के लिए तरस रहा है गोधनी गांव के अंदर की गलियों में चारो तरफ गंदगी का लगा अंबार गांव के अंदर गलियों में पैदल निकलना होता है  मुश्किल वहीं कहीं आरसीसी तो पड़ी है लेकिन नालियां नहीं बनाई गयी हैं जिसके कारण गलियों में होता है जलभराव वही आपको बता दें बात करें हम गोधनी के गौशाला में जब हमारे मीडिया कर्मियों के द्वारा जाकर मौके पर देखा गया तो गौशाला सिर्फ नाम की बनी हुई है नाही गौशाला में कहीं गोवंशों के लिए छाया की व्यवस्था की गई है ना ही पीने के पानी की व्यवस्था की गई है ना ही साफ सफाई की गई है चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का साफ कहना है की एक भी गोवंश रोड में नहीं दिखना चाहिए ना ही अन्ना होना चाहिए सरकारों के द्वारा कितना बजट दिया जाता है इसके बावजूद भी ग्रामीण स्तर में सुधार नहीं हो पा रहा है आज ही गोवंश अन्ना टहल रहे हैं सिर्फ गौशालाओं के नाम पर फर्जीवाड़ा होता है वह इस मामले में गोधनी निवासी सुखलाल के द्वारा बताया गया कि आज तक गोधनी गौशाला में एक भी गोवंश नहीं रखा गया है इस मामले में जब ग्राम प्रधान घनश्याम से बात की गई तो उन्होंने इस बात को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह सब गलत बातें हैं और हमारे गांव में किसी तरह की किसी को कोई समस्या नहीं है

बात करें गौशालाओं की तो बांदा जिला अधिकारी अनुराग पटेल का भी हाल ही में निर्देश आया था एक कोई भी अन्ना गोवंश नहीं मिलना चाहिए अब देखने वाली बात यह है वही इस मामले में मुख्य विकास अधिकारी वेद प्रकाश मौर्या  को जब इन हालातों की जानकारी दी गई तो उन्होंने बताया कि हम संबंधित गांव के लिए टीम गठित करके जांच कराई जाएगी इसके बाद दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई कराई है अब देखने वाली बात यह है यह क्या कार्रवाई होती है