आम जनता से ज्यादा तो विद्युत कर्मी ही खेल रहे विद्युत विभाग के साथ खेल

 आम जनता से ज्यादा तो विद्युत कर्मी ही खेल रहे विद्युत विभाग के साथ खेल



मीटर रीडर कर रहे हैं विद्युत विभाग को गुमराह।


फतेहपुर। जनपद के हर क्षेत्र में विद्युत विभाग के कर्मचारियों खास तौर पर मीटर रीडर द्वारा विद्युत विभाग के साथ खेला जा रहा है। ऐसा खेल जिससे सिर्फ गरीब जनता ही नहीं बल्कि विद्युत विभाग के साथ-साथ सरकार भी त्रस्त है।

 आपको बताते चलें कि जनपद फतेहपुर के कई क्षेत्रों में चाहे वह ग्रामीण क्षेत्र या फिर शहर के नगर, मोहल्ले हो जिनमें मुख्यतः राधा नगर पश्चिमी नई बस्ती, राधा नगर पूर्वी नई बस्ती, खंबापुर, गंगानगर, हरिहरगंज, कलेक्टर गंज, देवीगंज, वर्मा चौराहा, सुंदर नगर, पीरनपुर, नासिर पीर आदि तमाम मोहल्लों में मीटर रीडर द्वारा विद्युत विभाग के साथ खेल खेला जा रहा है। जिसमें मीटर रीडर द्वारा जिन घरों में AC लगी हुई है या फिर जिनमें कल कारखाने चलाए जा रहे हैं या विद्युत उपयोग ज्यादा हो रहा है उन घरों से प्रतिमाह 100 से ₹200 लेकर बिजली के बिल को कम कर दिया जाता है जबकि निम्न तबके के लोगों के साथ विद्युत विभाग के यह कर्मचारी पैसे न मिलने की वजह से बिल को बड़ाकर निकालते हैं। इस तरह से विद्युत विभाग की नजरों में यूनिट भी पूरी हो जाती है और गरीब आदमी की जेब भी खाली हो जाती है। जबकि जिन घरों में AC लगी है या कारखाने चल रहे हैं उन घरों में बिल कम से कम निकाला जाता है। इसी तरह राधा नगर पश्चिमी नई बस्ती में संगीता देवी, नवल किशोर गुप्ता, राजेश गुप्ता, सोनू तिवारी, गणेश प्रसाद, राजेश सविता, विवेक कुमार, संतोष तिवारी आदि तमाम घरों में मीटर रीडर अवध नारायण के द्वारा बिजली का बिल यूनिट से ज्यादा निकाला जाता है। हद तो तब हो गई जब मीटर रीडर अवध नारायण ने संगीता देवी के घर का बिजली का बिल ₹18000 निकाल दिया जबकि रिकॉर्ड के अनुसार संगीता देवी के बिजली का बिल 1500 रुपए ही हो रहा था। वही गंगानगर के मीटर रीडर रूपेंद्र यादव ने गणेश प्रसाद के बिजली का बिल ₹15000 निकाल दिया है। जब रूपेंद्र यादव से बात की गई तो उसने कहा कि यह बिल गलती से निकल गया है मैं इसे सही करवा दूंगा। किंतु बिल सही नहीं करवाया गया और रूपेंद्र यादव द्वारा फोन भी नहीं उठाया जाता है। इसी तरह नवल किशोर गुप्ता का बिजली का बिल ₹12000 निकाला गया। बार-बार पीड़ितों द्वारा बिजली विभाग को लिखित पत्र दिया जाता है किंतु कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। वही राधा नगर पश्चिमी नई बस्ती में कई घरों में AC लगी हुई है किंतु मीटर रीडर अवध नारायण द्वारा उन घरों का बिजली का बिल 200 से ₹300 ही निकाला जाता है। जिन घरों में सिर्फ बल्ब टीवी का प्रयोग होता है उन घरों पर बिजली का बिल 1200 से 1500 रुपए प्रतिमाह निकाला जाता है। इसी तरह गंगानगर, देवीगंज व शहर के अन्य तमाम मोहल्लों में मीटर रीडर द्वारा बिजली का बिल कम या ज्यादा करके निकाल कर उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी किया जा रहा है। यदि बिजली विभाग इस पर ध्यान नहीं देता है तो मजबूरन लोगों को सड़क पर उतरना होगा तथा प्रदर्शन करना होगा जिसका जिम्मेदार विद्युत विभाग स्वयं होगा।