स्थानीय चौकियों में सेटिंग की बदौलत भांग के ठेकेदार चलाते हैं गांजे की दुकान

 स्थानीय चौकियों में सेटिंग की बदौलत भांग के ठेकेदार चलाते हैं गांजे की दुकान



50 से 100 रुपये में बहुत आसानी से मिल जाती है गांजे की पुडिया


जिले के एक ही परिवार के लोग कई दशकों से इस गोरखधंधे से कमा रहे लाखों


स्थानीय चौकी पुलिस और आबकारी विभाग और क्राईमब्रांच की सेटिंग से बिक रहा गांजा


शहर के पक्का तालाब, वर्मा चौराहा, पटेल नगर,देवीगंज, राधानगर बिसौली, मुरादीपुर, सुकेती और लक्षमनपुर की दुकानों में धड़ल्ले से होती है बिक्री  


 


फतेहपुर शहर की लगभग सभी दुकानें गांजे की बदौलत चलती है...इन दुकानों में बैठने वाले सेलमैन 50 से 100 रुपये में बहुत आसानी से युवाओं को गांजे की पुड़िया मुहैया करवा देते है...पुलिस और आबकारी से तगड़ी सेटिंग के बादौलत ये भांग के ठेकेदार दुकानों में नाबालिग के जरिए ये गोरखधंधा करवाने में जुटे है...चंद पैसों की लालच में ठेकेदार जरुरतमंदों और मासूमों के जरिए इस कारोबार को अंजाम देने में जुटे है...और तो और पुलिस जब भी इन दुकानों पर शिकांजा कसती है तो ठेकेदार कार्रवाई इन्हीं लोगों पर करवाते है...और मामले को रफा-दफा करके पल्ला झांड लेते है...और कुछ दिनों के बाद ठेकेदार किसी दूसरे को दुकान में बिठाकर गोरखधंधा चलाने में जुट जाते है। अभी कल ही कल्याणपुर थाने की पुलिस और एसटीएफ ने मिलकर करीब 87 किलो गांजा एक ट्रक से बरामद किया है...सूत्र बताते हैं कि ये पूरा गांजा शहर के किसी सप्लायर के इशारे पर जिले में पहुंचा था...और इस मौत के सामान को इन्हीं भांग की दुकानों के जरिए युवा पीढ़ी की नशों में घल दिया जाता है...एसटीएफ को मिली सटीक मुखबिरी का नतीजा रहा कि गांजे की बड़ी खेप को धर दबोचा गया है...लेकिन आज भी शहर की पक्का तालाब, वर्मा चौराहा,पटेल नगर, बिसौली, मुरादीपुर, सुकेती और लक्षमनपुर की दुकानों में स्थानीय चौकी की सेटिंग के पूरे काम को अंजाम दिया जाता है...।