इस कलयुग में पिछले नाम से नहीं बल्कि मौजूदा सन्त के दिये नाम से ही होगा आत्मा का उद्धार

 इस कलयुग में पिछले नाम से नहीं बल्कि मौजूदा सन्त के दिये नाम से ही होगा आत्मा का उद्धार



जो नाम बताऊंगा, यह आपको खींच करके सचखंड, अमर लोक, सतलोक के मालिक की गोद में बैठा देगा


उज्जैन (मध्य प्रदेश)।जीवों को इस दुनिया, चौरासी लाख योनियों और नरकों के दुःख से स्थाई छुटकारा दिलाने के लिए मनुष्य शरीर में आये हुए, सतलोक पहुंचे हुए और वक़्त गुरु होने के नाते सभी जीवों को भी पहुंचाने का रास्ता नाम दान देने के एकमात्र अधिकारी, इस समय के त्रिकालदर्शी दुःखहर्ता मौजूदा पूरे समर्थ सन्त सतगुरु उज्जैन वाले बाबा उमाकान्त जी ने बाबा जयगुरुदेव के मासिक भंडारा कार्यक्रम में 28 अप्रैल 2022 सायंकाल को उज्जैन आश्रम पर दिए व यूट्यूब चैनल जयगुरुदेवयूकेएम पर प्रसारित संदेश में बताया कि आप जो नए लोग (सतसंग में) आए हो, आप को रास्ता बताऊंगा। वह नाम बताऊंगा जिसे, हमेशा से सन्त आये और बताते रहे, चाहे पूरे या चाहे अधूरे रहे हो, चाहे थोड़ी जानकारी रखने वाले रहे हो, जैसे भी रहे हो लेकिन नाम को सब सन्तों ने बताया। जिन्होंने मेहनत किया वो उनसे भी आगे निकल गए।


*प्रभु के अनेकों नाम लेकिन इस समय कौन से नाम से उद्धार होगा*


बहुत से लोग नामदान दिलाने के लिए लाते हैं। भटके हुए को रास्ता बताना पुण्य का काम होता है, बताना चाहिए। लोग भटक रहे हैं, जानकारी नहीं है कि नाम दान क्या चीज होती है। केशों करोड़ नाम, लाख नाम कृष्ण के। जिसको जो नाम पता था, वो नाम उनको बता दिया। जब उस नाम को याद करते हैं, बुद्धि को लगाते हैं तो धार्मिक भावना जगती है, कुछ न कुछ फायदा होता है। लेकिन जब पूरे सच्चे नाम की जानकारी अपने प्रेमी कराते हैं, समझाते हैं तब नाम को लेने की, नाम की कमाई करने की इच्छा लोगों की जग जाती है।

*सुमिर सुमिर नर उतरही पारा।*

*कलयुग केवल नाम आधारा।।*

पीछे के जितने भी नाम हैं, उनसे कोई काम बनने वाला नहीं।

*नाम रहा संतन आधीना।*

*संत बिना कोई नाम न चीन्हा।।*

नाम सन्तों के आधीन रहता है और संतों की कृपा के बिना कोई भी नाम को पहचान नहीं सकता। सन्त ही नाम को बताते हैं।


*नाम की कमाई करने, जपने पर क्या फायदा होता है; जब करोगे तो पता चलेगा*


आपको कोई लाया-बताया होगा। जब इसको करोगे तब आपको फायदा होगा। यह संकल्प जब बनाओगे कितनी भी विध्न बाधा आएगी लेकिन हमको विश्वास के लिए करते रहना है, छोड़ना नहीं है तो आपको यह नाम फलदाई हो जाएगा। यह नाम की आवाज जो ऊपर से उतर रही है, ध्वन्यात्मक नाम जो बताऊंगा यही नाम आपको खींच कर के ले जाएगा और प्रभु की गोद में बैठा देगा, प्रभु का दर्शन करा देगा, जो सबका मालिक, सचखंड मालिक, अमरलोक के मालिक, सतलोक के वासी बताए गए उनकी गोद में आपको बैठा देगा।


*सन्त उमाकान्त जी के वचन*


सतगुरु के दया की दृष्टि से कर्म कर्जा आसानी से अदा हो जाता है। देशभक्त बनो और देश हित में काम करने वालों की मदद करो। सन्त सतगुरु जीवों के कर्मों को काटने के लिए समय-समय पर उपाय बताते रहते हैं। जब शाकाहारी हो जाओगे, जानवरों का कटना बंद हो जाएगा, हवा-पानी शुद्ध होगी तभी इन बीमारियों से निजात मिलेगी। जीवन दान देने वाली औषधियों को आप घर के गमलों में भी लगा सकते हो।