महिला द्वारा अपने ही पति द्वारा पड़ोसियों को फर्जी फसाए जाने का लगाया आरोप

 महिला द्वारा अपने ही पति द्वारा पड़ोसियों को फर्जी फसाए जाने का लगाया आरोप



रिपोर्ट - श्रीकांत श्रीवास्तव 


बांदा - आज एक महिला ने जिलाधिकारी बांदा को प्रार्थना पत्र के माध्यम से अवगत करवाया बताया कि मेरा नाम सुदामा सिंह पत्नी नरेन्द्र सिंह ग्राम-तेन्दुरा, थाना-विसण्डा, जिला-बाँदा की निवासिनी है। मेरे पति नरेन्द्र सिंह को किसी ने घर से नहीं निकाला वह स्वयं अपने ही परिवार को उत्पीड़न करके गया है। वह शराब पीने का आदी है। हमेशा नशे की हालत में वाहन चलाता है इसी वजह से उसका अंग भंग हुआ है और अब ग्राम प्रधान रामलाल के भड़काने पर अधिकारियों के पास हमारे पड़ोसियों व त्रिभुवन सिंह की फर्जी शिकायत कराकर हमारी बदनामी करता व हमारे घर पुलिस भिजवाता है। जिससे पीड़िता का मान हानि व सामाजिक उत्पीड़न हो रहा है। वास्तविकता यह है कि नरेन्द्र ने मुझे व मेरे तीनों बच्चों सहित वर्ष-2003 में मारपीट कर घर से निकाल दिया था तब में लगमग 6 वर्षों तक अपने भाईयों के यहाँ पैतृक गाँव छिलोलर में रही। वर्ष-2009 में में बच्चों सहित अपने घर तेन्दुरा आ गयी उस समय मेरा पति घर पर नही था। मेरी सास गिरजा देवी थी। उसके नाम 12 बीघे जमीन थी। लगभग 1 वर्ष तक मेरी सास का बर्ताव मेरे प्रति ठीक था। इसके बाद मेरे पति व ननद के भड़काने पर सास मिरजा मुझे परेशान करने लगी और वर्ष- 2011 जुलाई माह में निवर्तमान प्रधान की पत्नी फूला देवी के नाम अपनी 12 बीघे जमीन 720000/-रु. में विक्रय कर पूरी धनराशि लेकर अपनी बड़ी लडकी (जो बाँदा में रहती है) के पास चली गयी और तब नरेन्द्र भी बौदा आ गया। 2 लाख रू. नरेन्द्र को व 02 लाख रू. उसके छोटे भाई वीरेन्द्र को दिया। जमीन बिक जाने के बाद में तीनों बच्चों सहित निराश्रित भूमिहीन हो गयी। दो दिन तक चूल्हा नहीं जला। रो-रोकर हमारा बुरा हाल था। भीख मांगने जैसी स्थिति थी। ऐसी स्थिति में मैंने अपने चाचा ससुर के बड़े लडके त्रिभुवन सिंह जो रिश्ते में मेरे दादा लगते है से मदद की गुहार लगाई तब उन्होंने विपत्ति में हमें सहारा दिया। मोजन आदि की,

व्यवस्था किया तथा अस्त-व्यस्त पड़े मकान को भी दुरूस्त कराया। ऐसे समाजसेवी परोपकारी नेक इंसान पर मेरा पति जो घटिया और बेतुका आरोप लगा रहा है। यह

सरासर गलत है। हमारे दादा जी वर्ष 2011 से हमारी भरपूर मदद कर रहे है व अपनी खेती से हमारे भरण पोषण की व्यवस्था करते हैं। नरेन्द्र अपनी असलियतनही बताता कि उसने अपने ही परिवार पत्नी और बच्चों का कितना मानसिक, शारीरिक व आर्थिक उत्पीडन किया है। हमारे दादा जी के विरुद्ध ग्राम प्रधान तेन्दुरा रामलाल जैन हमारे पति को भड़काकर अधिकारियों से फर्जी शिकायतें कराता है, क्योंकि दादा जी ने उसके अपराधिक चरित्र को उजागर करते हुये जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से उसकी गिरफ्तारी की माग करते हुये दिनांक- 04.05.2022 को प्रार्थना पत्र दिया है। इसलिए बदले की भावना से प्रेरित होकर रामलाल द्वारा कराई गई तथा मेरे पति द्वारा की जा रही शिकायत फर्जी व मनगढन्त है। हमें न तो किसी ने जबरजस्ती रखा हुआ है और न ही हमारे मकान में किसी का कब्जा है। मैंने अपने पति को कभी घर आने से मना नही किया।

मेरा पति नरेन्द्र व रामलाल ये दोनों भगोडा है। चोर-चोर मौसेरे भाई हो गये हैं। मेरा पति अपने पारिवारिक दायित्वों से लगभग 19 वर्षों से भगोड़ा है तथा दूसरा रामलाल सात वर्षों से फतेहपुर पुलिस द्वारा वांछित भगोड़ा है। फतेहपुर पुलिस को चकमा देकर जेल जाने से बच रहा है और अब मेरे पति की ग्राम- अलोना थाना-पैलानी स्थित अचल सम्पत्ति को आज अपने नाम रजिस्ट्री कराने की साजिश कर रहा है। यदि रामलाल अपने षड्यंत्र में सफल होता है तो बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जायेगा और तब पीड़िता के पास खुदखुशी करने के अतिरिक्त और कोई विकल्प नहीं बचेगा। जिसकी जिम्मेदारी दोनों भगोड़ो सहित पुलिस प्रशासन की भी होगी।आज उपरोक्त दोनों भगोड़ो को तलब कर प्रथम भगोड़े मेरे पति नरेन्द्र को उसके अपने पारिवारिक जिम्मेदारी

निमाने के लिए आदेशित करते हुये मेरे साथ ग्राम-तेन्दुरा भेजने तथा दूसरे भगोड़े रामलाल को न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुये फतेहपुर पुलिस को सौपने की कृपा

करें।