कोर्ट के आदेश के बाद भी निष्पक्ष जांच में हीला हवाली कर रहे जिम्मेदार

 कोर्ट के आदेश के बाद भी निष्पक्ष जांच में हीला हवाली कर रहे जिम्मेदार



रायपुर भसरौल ग्राम पंचायत में ग्रामीणों ने महा घोटाले की जताई की आशंका


पिछले पांच वर्षों में ग्राम पंचायत में जमकर हुआ था भ्रष्टाचार, करोड़ों गमन करने का अंदेशा


फतेहपुर। विजयीपुर विकासखंड की दूसरी सबसे बड़ी ग्राम पंचायत रायपुर भसरौल में उच्च न्यायालय ने ग्राम पंचायत में हुए घोटाले की शिकायत पर निष्पक्ष जांच का आदेश दिया था जिसमें जिम्मेदार अपने आप को फसता हुआ देख जांच करने में हीला हवाली कर रहे हैं और कोर्ट के आदेश को भी दरकिनार कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक विजयीपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत रायपुर भसरौल विकासखंड क्षेत्र में दूसरी सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है जहां विकास के नाम पर सरकार करोड़ों रुपए लुटाती है लेकिन इस ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचारियों ने सांठगांठ कर सरकारी पैसे का जमकर बंदरबांट किया और विकास के नाम पर करोड़ों रुपए गबन कर दिए जिसके बाद ग्रामीणों ने जिले के उच्च अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर ग्राम पंचायत में घोटाले का अंदेशा जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की लेकिन जिले के जिम्मेदारों से भ्रष्टाचारियों की पोल नहीं खोली जा सकी और भ्रष्टाचारी लगातार ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार करते रहे और सरकारी पैसे का खूब दुरुपयोग किया गया जिसके बाद शिकायतकर्ता ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में रिट दायर करते हुए पिछले 5 सालों में ग्राम पंचायत में हुए विकास कार्यों के निष्पक्ष जांच की मांग की जिस पर उच्च न्यायालय ने 11 अप्रैल को ग्राम पंचायत में निष्पक्ष जांच के आदेश दिए थे लेकिन जैसे ही यह जानकारी भ्रष्टाचारियों को लगी तो उनके हाथ पांव फूल गए और फिर अपने को बचाने के लिए इधर उधर दौड़ भाग शुरू कर भी शिकायतकर्ता ने शिकायत करते हुए पिछले 5 सालों में ग्राम पंचायत में हुए विकास कार्यों का ब्यौरा सूचना के अधिकार के तहत मांगा था जिसमें प्राप्त सूचनाओं के आधार पर शिकायतकर्ता को ग्राम पंचायत में महा घोटाले का अंदेशा समझ में आया जिससे बाद शिकायतकर्ता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए ग्राम पंचायत में निष्पक्ष जांच की मांग की जिस पर उच्च न्यायालय ने शिकायतकर्ता की दी गई दलील को सुनते हुए ग्राम पंचायत में निष्पक्ष जांच का आदेश 11 अप्रैल को पारित कर दिया लेकिन अब जिले के आला अधिकारी ग्राम पंचायत में हुए घोटाले की पोल खोलने से कतरा रहे हैं और अभी तक ग्राम पंचायत में निष्पक्ष जांच के लिए कोई भी सक्षम अधिकारी नहीं पहुंचा है शायद इसका कारण यह है कि ग्राम पंचायत में हुए घोटाले पर कहीं बड़े जिम्मेदारों का हाथ तो नहीं जिसकी वजह से ग्राम पंचायत में होने वाली जांच को टरकाया जा रहा है और भ्रष्टाचारियों को बचाने का नया तरीका अपनाया जा रहा है वही समय से जांच ना पूरी होने पर शिकायतकर्ता ने बताया कि अगर समय से ग्राम पंचायत में निष्पक्ष जांच नहीं की जाती तो एक बार पुनः मुझे उच्च न्यायालय की शरण में जाना पड़ेगा वहीं सूत्रों की मानें तो ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान व सचिव की मिलीभगत से करोड़ों रुपए का वारा न्यारा किया गया है यही कारण है कि ग्राम पंचायत में तैनात सचिव अभी तक जांच अधिकारी को अभिलेख उपलब्ध नहीं करा सके ।वही मामले को लेकर जब सचिव से संपर्क करना चाहा तो उनसे फोन पर संपर्क नहीं हो सका ।