सिक्खों की बात करूं तो भारत सिखों के लिए तो गुरुघर है-सरदार पतविंदर सिंह
सिक्खों की बात करूं तो भारत सिखों के लिए तो गुरुघर है-सरदार पतविंदर सिंह

सिख भारत को ही अपनी मातृभूमि और पुण्यभूमि मानता।

विदेशी देशों में मुट्ठीभर सिरफिरे खालिस्तानियो की हरकतों को भारत के सामान्य राष्ट्रभक्त सिखो से जोड़ना वास्तव में किसी अपराध से कम नहीं माना जाएगा।

  नैनी प्रयागराज/ भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि आज खालिस्तान आतंक के पीछे असल में सिख नहीं है बल्कि सिक्खो जैसी वेशभूषा पहनकर सिख और भारत को बदनाम करने वाले विदेशी ताकतो की एजेंट हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले 9वर्षों में तमाम बार हरमंदिर साहिब स्वर्ण मंदिर सहित देश के प्रमुख गुरुद्वारों में जाकर माथा टेक चुके हैं वह विशेष रूप से सिखों की देशभक्ति,बहादुर,सेवा और समर्पण को रेखांकित करते आए हैं। भारत का कोई भी नागरिक पंजाब, पंजाबियों और सिखों के बिना अपने देश की कल्पना नहीं कर सकता।क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने आगे कहा कि जिस देश की आजादी के लिए सिखों ने 80% कुर्बानियां दी वह सिख देश विरोधी कभी नहीं हो सकता।इधर हाल के दौर में विभिन्न विदेशी देशों में मुट्ठीभर सिरफिरे खालिस्तानियो की हरकतों को भारत के सामान्य राष्ट्रभक्त सिखो से जोड़ना वास्तव में किसी अपराध से कम नहीं माना जाएगा।
क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने आगे कहा कि भारत के सिखों की भारत को लेकर निष्ठा पर प्रश्न चिन्ह लगाने का सवाल ही नहीं पैदा होता। सिख पंथ की स्थापना ही राष्ट्र पर जी जान न्यौछावर करने के संकल्प के साथ हुई थी।सिख स्वाभिमानी, संतोषी,वीर और समावेशी है।
क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने आगे कहा कि अगर बात सिक्खों की करूं तो भारत सिखों के लिए तो गुरु घर है इसलिए इसके प्रति उनकी अलग तरह की निष्ठा तो रहती ही है दुनिया के किसी भी भाग में बसा सिख भारत को ही अपनी मातृभूमि और पुण्यभूमि मानता है दरअसल भारत और सिख एक दूसरे के पर्याय हैं सिखों के बिना भारत की कल्पना भी नहीं की जा सकती। क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने अंत में कहा कि भारत के सिखों को खालिस्तान से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है इन में से ज्यादा ड्रग तस्करी में लगे हैं और उन्होंने खालिस्तान का चोला ओढा रखा है इस तत्व को समझना ही होगा।
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