कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब में किसान आंदोलन: कृषि व रेल मंत्री 13 को किसान यूनियनों से करेंगे वार्ता

नई दिल्ली। कृषि सुधार को लेकर संसद से पारित कानून के विरोध में पंजाब के किसान यूनियनों के आंदोलन को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें बातचीत करने के लिए आमंत्रित किया है। दिवाली पूर्व 13 नवंबर को होने वाली इस बैठक में केंद्र सरकार किसानों की सुनेगी और उन्हें कानून की बारीकियों से अवगत भी कराएगी। किसानों के साथ बातचीत में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर और उपभोक्ता, खाद्य व रेलवे मंत्री पीयूष गोयल हिस्सा लेंगे।


कृषि सुधार के कानूनों का विरोध: पंजाब में किसानों को भ्रमित किया जा रहा है


पंजाब में किसानों के आंदोलन को राजनीतिक रंग देने से हालात और गंभीर हो सकते हैं। सत्तारुढ़ कांग्रेस और प्रमुख विपक्षी दल शिरोमणि अकाली दल भी कृषि सुधार के इन कानूनों का विरोध कर रहे हैं। केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि राज्य के किसानों को नये कानूनों के बारे में वास्तविक व सही जानकारी देने के बजाए उन्हें भ्रमित किया जा रहा है। आंदोलन में जिन मुद्दों को उठाया जा रहा है, उससे इन कानूनों का कोई वास्ता नहीं है।


13 नवंबर को वार्ता के लिए पंजाब के किसान यूनियनों को आमंत्रित किया गया


13 नवंबर को वार्ता के लिए पंजाब के तकरीबन ढाई दर्जन किसान यूनियनों को आमंत्रित किया गया है। इस दौरान उन्हें संसद से पारित कानून के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। बैठक में हिस्सा लेने वाले कृषि मंत्रालय के आला अफसरों की टीम भी रहेगी, जो किसानों की चिंताओं का समाधान करेगी। जबकि रेल मंत्री गोयल और कृषि मंत्री तोमर किसानों के हित संरक्षण का भरोसा देंगे।



पंजाब के 29 किसान यूनियनों को वार्ता के लिए बुलाया गया


कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने होने वाली वार्ता की पुष्टि की है। पंजाब में भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि उनके संगठनों को आमंत्रित किया गया है। राज्य के कुल 29 किसान यूनियनों को वार्ता के लिए बुलाया गया है, जबकि राज्य में कुल 32 यूनियनें हैं। उनकी ओर से मंत्रालय के अफसरों से संपर्क कर बाकी तीन यूनियनों को भी वार्ता में बुलाए जाने का अनुरोध किया गया है।


जब किसान नेता बैठक छोड़कर चले गए थे


पिछले महीने राज्य के किसान संगठनों को कृषि मंत्रालय ने कृषि सचिव संजय अग्रवाल के साथ वार्ता के लिए बुलाया था, लेकिन बैठक के आखिरी दौर में अचानक केंद्रीय मंत्रियों के उपस्थित न होने का बहाना बनाकर किसान नेता बैठक छोड़कर चले गए थे।


पंजाब में किसानों का आंदोलन रेलवे की पटरियों पर


किसानों का आंदोलन रेलवे की पटरियों पर हो रहा है, जिससे ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। त्योहारी सीजन में लोगों के आने जाने में जहां बड़ी दिक्कत हो रही है, वहीं कोयले की सप्लाई रुक जाने से बिजली उत्पादन पर विपरीत असर पड़ा। हालांकि धान की सरकारी खरीद पर कोई असर नहीं पड़ा है। पिछले सालों के मुकाबले अधिक संख्या में किसान अपना धान बेचने खरीद केंद्रों पर पहुंच रहे हैं।


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