आगामी दिनों में उत्तर भारत में पांच डिग्री तक गिरेगा तापमान,पहाड़ों पर लगातार हो रही बर्फबारी

 आगामी दिनों में उत्तर भारत में पांच डिग्री तक गिरेगा तापमान,पहाड़ों पर लगातार हो रही बर्फबारी



(न्यूज़)।उत्तर भारत ठंड की चपेट आ गया है। मौसम विभाग ने कहा है कि अगले दो-तीन दिनों में उत्तर भारत में रात के तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। इसके अलवा पंजाब में ठंड का प्रकोप और बढ़ सकता है। हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर पश्चिम राजस्थान में भी ठंड की स्थिति बनी रहेगी। तापमान गिरने से उत्तर भारत के अधिकतर हिस्से में कोहरे का असर दिखने लगा है। मौसम विभाग ने कहा कि 16 से 18 दिसंबर के बीच की राज्यों में बारिश हो सकती है। दिल्ली में सोमवार को अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री कम 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान भी 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस वजह से दिल्ली में ठिठुरन बढ़ गई है। हालांकि दिन में धूप निकलने से थोड़ी राहत रही, लेकिन बर्फीली हवा के चलते ठंड महसूस की गई।

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अब बुजुर्गों और माता पिता की देखभाल के लिए मिलेगा 10 हजार रुपये, मोदी सरकार बदलेगी नियम न्यूज़।माता-पिता और बुजुर्गों की देखरेख के लिए अब केंद्र सरकार नया नियम लाने जा रही है. दरअसल, मेंटनेंस और वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 पर मानसून सत्र में फैसला लिया जा सकता है. बता दें कि सोमवार से ही मानसून सत्र शुरू हो चुका है। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 केंद्र सरकार के एजेंडा में काफी समय से था. मानसून सत्र की शुरुआत में ही केंद्र सरकार इस बिल को लेना चाहती है. दिसंबर 2019 में पास कर दिया गया था ये नियम। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में पास कर दिया था। इस बिल का मकसद लोगों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को छोड़ने से रोकना है। विधेयक में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी जरूरतों, सुरक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ उनके भरण-पोषण और कल्याण का प्रावधान बनाया गया है। देश में कोविड-19 महामारी की दो विनाशकारी लहरों के मद्देनज़र आने वाला यह विधेयक मौजूदा सत्र में संसद द्वारा पास होने पर वरिष्ठ नागरिकों और अभिभावकों को अधिक पावर देगा. इस बिल को संसद में लाने से पहले कई बदलाव किये गये हैं. जानें इस नियम से संबंधित अहम जानकारी- वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में बच्चों का दायरा बढ़ाया गया है। इसमें बच्चे, पोतों (इसमें 18 साल से कम को शामिल नहीं किया गया है) को शामिल किया गया है. इस बिल में सौतेले बच्चे, गोद लिये बच्चे और नाबालिग बच्चों के कानूनी अभिभावकों को भी शामिल किया गया है। अगर ये बिल कानून बन जाता है तो 10,000 रुपये पेरेंट्स को मेंटेनेंस के तौर पर देने होंगे. सरकार ने स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग और पेरेंट्स की आय को ध्यान में रखते हुए, ये अमाउंट तय किया है। कानून में बायोलिजकल बच्चे, गोद लिये बच्चे और सौतेले माता पिता को भी शामिल किया गया है। मेंटेनेस का पैसा देने का समय भी 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दिया गया है।
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