सरकारी अस्पताल में दिनदहाड़े घुसा चोर

 सरकारी अस्पताल में दिनदहाड़े घुसा चोर


---- स्टेबलाइजर मीटर ले जाते समय लोगों ने पकड़ा

----- पुलिस के किया हवाले की जा रही जांच

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दिनदहाड़े एक चोर ओपीडी हाल की ओर घुस गया और मास्टर चाबी उसे कई कमरों के ताले खोलकर उनके अंदर रखे स्टेबलाइजर मीटर तथा अन्य सामान ले जाने लगा तभी लोगों की नजर पड़ी तो दौड़ा कर पकड़ लिया पुलिस को सूचना कर हवाले किया गया पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है

        जानकारी के अनुसार रविवार को सुबह करीब 10:00 बजे एक चोर ओपीडी के हाल में घुस गया और अपनी मास्टर चाबी उसे ओपीडी के कई कमरों के ताले खोल दिए और अंदर घुसकर अलमारियों को भी खोल दिया बाद में वह स्टेबलाइजर मीटर सहित कई सामान लेकर जाने लगा तभी अस्पताल में मौजूद कुछ लोगों की नजर पड़ी तो शोर मचाया लोगों ने अंदर जाकर देखा तो हड़कंप मच गया चोर ने मेल लाइन से विद्युत आपूर्ति काट दी थी ताकि ओपीडी हाल तथा कमरों में अंधेरा रहे तथा चोरी करने में आसानी रहे दिनदहाड़े अस्पताल में चूर घुसने की जानकारी होने पर भारी संख्या में लोग अस्पताल के अंदर पहुंचे लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी पुलिस मौके पर पहुंची और पकड़े गए चोर को कोतवाली लेकर गए पुलिस इस मामले की जांच कर रही कि चोर का क्या नाम है कहां का रहने वाला है और उसके अपराधिक इतिहास को भी खंगाला जा रहा है हालांकि पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टा पकड़ा गया युवक मानसिक रूप से कुछ कमजोर भी प्रतीत होता है लेकिन पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है वही दिनदहाड़े सरकारी अस्पताल में घुसकर चोरी करने के मामले को लेकर लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ

Popular posts
अब बुजुर्गों और माता पिता की देखभाल के लिए मिलेगा 10 हजार रुपये, मोदी सरकार बदलेगी नियम न्यूज़।माता-पिता और बुजुर्गों की देखरेख के लिए अब केंद्र सरकार नया नियम लाने जा रही है. दरअसल, मेंटनेंस और वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 पर मानसून सत्र में फैसला लिया जा सकता है. बता दें कि सोमवार से ही मानसून सत्र शुरू हो चुका है। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 केंद्र सरकार के एजेंडा में काफी समय से था. मानसून सत्र की शुरुआत में ही केंद्र सरकार इस बिल को लेना चाहती है. दिसंबर 2019 में पास कर दिया गया था ये नियम। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में पास कर दिया था। इस बिल का मकसद लोगों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को छोड़ने से रोकना है। विधेयक में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी जरूरतों, सुरक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ उनके भरण-पोषण और कल्याण का प्रावधान बनाया गया है। देश में कोविड-19 महामारी की दो विनाशकारी लहरों के मद्देनज़र आने वाला यह विधेयक मौजूदा सत्र में संसद द्वारा पास होने पर वरिष्ठ नागरिकों और अभिभावकों को अधिक पावर देगा. इस बिल को संसद में लाने से पहले कई बदलाव किये गये हैं. जानें इस नियम से संबंधित अहम जानकारी- वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में बच्चों का दायरा बढ़ाया गया है। इसमें बच्चे, पोतों (इसमें 18 साल से कम को शामिल नहीं किया गया है) को शामिल किया गया है. इस बिल में सौतेले बच्चे, गोद लिये बच्चे और नाबालिग बच्चों के कानूनी अभिभावकों को भी शामिल किया गया है। अगर ये बिल कानून बन जाता है तो 10,000 रुपये पेरेंट्स को मेंटेनेंस के तौर पर देने होंगे. सरकार ने स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग और पेरेंट्स की आय को ध्यान में रखते हुए, ये अमाउंट तय किया है। कानून में बायोलिजकल बच्चे, गोद लिये बच्चे और सौतेले माता पिता को भी शामिल किया गया है। मेंटेनेस का पैसा देने का समय भी 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दिया गया है।
चित्र
तू मेरी गीता पढ़ले मैं पढ़ लू तेरी कुरान, आपस मे भाई चारा निभा के बनायेगे नया हिंदुस्तान
चित्र
पाल सामुदायिक उत्थान समिति की ब्लाक इस्तरीय संगठनात्मक बैठक हुई सम्पन्न
चित्र
कानपुर में ठेले पर पान, चाट और समोसे बेचने वाले 256 लोग निकले करोड़पति
चित्र
योगी सरकार लोगों को देने जा रही फ्री वाईफाई सुविधा
चित्र