दैनिक यूनिवर्स टाइम समाचार पत्र का हुआ विमोचन

 दैनिक यूनिवर्स टाइम  समाचार पत्र का हुआ विमोचन



जहानाबाद (फतेहपुर)।कस्बा जहानाबाद के एक गेस्ट हाउस में दैनिक समाचार पत्र यूनिवर्स टाइम का विमोचन हुआ जिसमें मुख्य अतिथि के रुप में समाचार पत्र के प्रधान संपादक सुजान सिंह उपस्थित रहे उप संपादक अब्दुल अहद , संपादक डॉ आर सी श्रीवास्तव की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन हुआ प्रधान संपादक जी ने कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि  आज के समय में पत्रकारिता का गिरता स्तर  चिंता का विषय है सभी पत्रकार साथियों को इस पर गहन विचार करके पत्रकारिता का स्तर सुधारने का सुझाव दिया तथा डॉ आर सी श्रीवास्तव ने बताया की मीडिया समाज का चौथा स्तंभ है जो समाज में परेशान जिनके साथ अन्याय हो रहा हो जिनकी कोई सुन ना रहा हो या जिनको प्रशासन या दबंगों के द्वारा सताया जा रहा हो उनको न्याय दिलाने का कार्य मीडिया के द्वारा किया जाता है मीडिया  के लोग अपनी ताकत को पहचाने कलम की ताकत को पहचाने और निष्पक्ष तरह से कार्य करने की कोशिश करें वही कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अब्दुल अहमद ने सबको एकजुटता बनाकर कार्य करने की प्रेरणा दी कार्यक्रम में दैनिक यूनिवर्सि टाइम के जिला फतेहपुर, जिला कानपुर देहात, कानपुर नगर ,हमीरपुर ,कौशांबी, उन्नाव, बांदा आदि जिले के ब्यूरो चीफ वा बिंदकी, घाटमपुर, जहानाबाद व अन्य जिलों के संवाददाता भी मौजूद रहे मुख्य अतिथि ने दैनिक यूनिवर्स टाइम के पूरे परिवार को इस कार्यक्रम के माध्यम से उत्साहवर्धन किया और लोगों को एकजुटता बनाते हुए निष्पक्ष ढंग से कार्य करने की नसीहत दी इस मौके पर जहानाबाद के अनेक पत्रकार साथी उपस्थित रहे जिनमें प्रमुख रूप से राजा अवस्थी, धर्मेंद्र सिंह यादव ,नूर मोहम्मद ,अविनाश श्रीवास्तव, संतोष त्रिपाठी ,जौहर रजा, नरेशओमर ,राम बहादुर निषाद ,प्रिया सिंह, रवि प्रजापति, मोहित दुवेदी ,सलमान खान सहित सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।

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अब बुजुर्गों और माता पिता की देखभाल के लिए मिलेगा 10 हजार रुपये, मोदी सरकार बदलेगी नियम न्यूज़।माता-पिता और बुजुर्गों की देखरेख के लिए अब केंद्र सरकार नया नियम लाने जा रही है. दरअसल, मेंटनेंस और वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 पर मानसून सत्र में फैसला लिया जा सकता है. बता दें कि सोमवार से ही मानसून सत्र शुरू हो चुका है। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 केंद्र सरकार के एजेंडा में काफी समय से था. मानसून सत्र की शुरुआत में ही केंद्र सरकार इस बिल को लेना चाहती है. दिसंबर 2019 में पास कर दिया गया था ये नियम। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में पास कर दिया था। इस बिल का मकसद लोगों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को छोड़ने से रोकना है। विधेयक में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी जरूरतों, सुरक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ उनके भरण-पोषण और कल्याण का प्रावधान बनाया गया है। देश में कोविड-19 महामारी की दो विनाशकारी लहरों के मद्देनज़र आने वाला यह विधेयक मौजूदा सत्र में संसद द्वारा पास होने पर वरिष्ठ नागरिकों और अभिभावकों को अधिक पावर देगा. इस बिल को संसद में लाने से पहले कई बदलाव किये गये हैं. जानें इस नियम से संबंधित अहम जानकारी- वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में बच्चों का दायरा बढ़ाया गया है। इसमें बच्चे, पोतों (इसमें 18 साल से कम को शामिल नहीं किया गया है) को शामिल किया गया है. इस बिल में सौतेले बच्चे, गोद लिये बच्चे और नाबालिग बच्चों के कानूनी अभिभावकों को भी शामिल किया गया है। अगर ये बिल कानून बन जाता है तो 10,000 रुपये पेरेंट्स को मेंटेनेंस के तौर पर देने होंगे. सरकार ने स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग और पेरेंट्स की आय को ध्यान में रखते हुए, ये अमाउंट तय किया है। कानून में बायोलिजकल बच्चे, गोद लिये बच्चे और सौतेले माता पिता को भी शामिल किया गया है। मेंटेनेस का पैसा देने का समय भी 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दिया गया है।
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