पत्नी ने पति को मारपीट कर किया घायल एवं घर से हुई फरार

 पत्नी ने पति को मारपीट कर किया घायल एवं घर से हुई फरार


जहानाबाद/फतेहपुर... थाना क्षेत्र के ग्राम कृपालपुर बिंदा में पति पत्नी मैं फोन को लेकर हुए झगड़े पर पत्नी ने पति के ऊपर  हसिया से वार कर दिया जिससे पति हो गया घायल और पत्नी घर से हो गई रफूचक्कर प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम कृपालपुर बिंदा के रहने वाले नीरज कुमार पुत्र रामधनी निषाद ने थाने में लिखित सूचना दिया कि कि मेरी पत्नी कल्पना देवी आए दिन मोबाइल में किसी दूसरे से बात किया करती है और कहने पर बात नहीं मानती है इसी बात को लेकर मैंने उससे मोबाइल में बात करने से मना किया तो उसने गाली गलौज करना शुरू कर दिया गाली गलौज देने से मना करने पर पत्नी ने पति के ऊपर हंसिया लेकर हमला कर दिया और इस हमले से पति घायल हो गया पत्नी ने पति को घायल अवस्था में देखते हुए वहां से रफूचक्कर हो गई इसके बाद नीरज कुमार ने थाना जहानाबाद में लिखित तहरीर दिया और पत्नी से अपनी रक्षा करने की गुहार लगाई हमारे संवाददाता को नीरज कुमार ने बताया कि पत्नी कल्पना देवी आए दिन मोबाइल से बात किया करती है तथा लाख समझाने पर भी वह किसी की बात नहीं मानती है और गाली गलौज आये दिन करती है तथा घर का कोई भी काम नहीं किया करती है इसी बात को लेकर हमने पत्नी से कहा तो उसने गाली देते हुए हसिया से वार कर दिया और घर से भाग गई ।

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अब बुजुर्गों और माता पिता की देखभाल के लिए मिलेगा 10 हजार रुपये, मोदी सरकार बदलेगी नियम न्यूज़।माता-पिता और बुजुर्गों की देखरेख के लिए अब केंद्र सरकार नया नियम लाने जा रही है. दरअसल, मेंटनेंस और वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 पर मानसून सत्र में फैसला लिया जा सकता है. बता दें कि सोमवार से ही मानसून सत्र शुरू हो चुका है। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 केंद्र सरकार के एजेंडा में काफी समय से था. मानसून सत्र की शुरुआत में ही केंद्र सरकार इस बिल को लेना चाहती है. दिसंबर 2019 में पास कर दिया गया था ये नियम। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में पास कर दिया था। इस बिल का मकसद लोगों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को छोड़ने से रोकना है। विधेयक में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी जरूरतों, सुरक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ उनके भरण-पोषण और कल्याण का प्रावधान बनाया गया है। देश में कोविड-19 महामारी की दो विनाशकारी लहरों के मद्देनज़र आने वाला यह विधेयक मौजूदा सत्र में संसद द्वारा पास होने पर वरिष्ठ नागरिकों और अभिभावकों को अधिक पावर देगा. इस बिल को संसद में लाने से पहले कई बदलाव किये गये हैं. जानें इस नियम से संबंधित अहम जानकारी- वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में बच्चों का दायरा बढ़ाया गया है। इसमें बच्चे, पोतों (इसमें 18 साल से कम को शामिल नहीं किया गया है) को शामिल किया गया है. इस बिल में सौतेले बच्चे, गोद लिये बच्चे और नाबालिग बच्चों के कानूनी अभिभावकों को भी शामिल किया गया है। अगर ये बिल कानून बन जाता है तो 10,000 रुपये पेरेंट्स को मेंटेनेंस के तौर पर देने होंगे. सरकार ने स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग और पेरेंट्स की आय को ध्यान में रखते हुए, ये अमाउंट तय किया है। कानून में बायोलिजकल बच्चे, गोद लिये बच्चे और सौतेले माता पिता को भी शामिल किया गया है। मेंटेनेस का पैसा देने का समय भी 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दिया गया है।
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