शिक्षक संकुल साईं की बैठक सम्पन्न

 


शिक्षक संकुल साईं की बैठक सम्पन्न

गिरिराज शुक्ला

बिंदकी फतेहपुर

आज संकुल साईं  न्याय पंचायत मौहार  में एआरपी, संकुल शिक्षक व प्रधानाध्यापकों की दिसम्बर माह की मासिक बैठक का आयोजन  ए आर पी डॉ0 सुनील तिवारी जी के कुशल  निर्देशन  में  किया गया उन्होंने अपने  ऊर्जावान सम्बोधन में  कहा कि समय के अनुसार सभी को अपने आप को अपडेट रखना होगा तथा मिशन प्रेरणा को सफल बनाना है  और  ब्लॉक को प्रेरक बनाने हेतु उन्मुखीकरण किया गया  बैठक में  मिशन प्रेरणा से संबंधित  विभिन्न गतिविधियों  जैसे - प्रेरणा लक्ष्य, प्रेरणा सूची, प्रेरणा तालिका, ई- पाठशाला, रीड एलांग , दीक्षा ऐप  पर परिचर्चा की गई।  इसके साथ ही साथ शिक्षण योजना  बनाने, पुस्तकालय की स्थापना करने, बुक क्लब गठित करने, रीडिंग लर्निंग कॉर्नर की स्थापना करने,  SAT-2 रिपोर्ट कार्ड , कायाकल्प  के बिंदुओं का संतृप्तीकरण, मिशन शक्ति , बाला पेंटिंग जनपद के  विभागीय यूट्यूब चैनल को सभी शिक्षकों द्वारा सब्सक्राइब करने  पर  भी  चर्चा की गई। बैठक में श्रीमती कल्पना द्विवेदी, शिखा खत्री, स्नेहलता, द्विवेदी कृष्णा, सरस्वती यादव, मीना वर्मा, अंकित शुक्ला, सुनीता,  आदि उपस्थिति रहीं।

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अब बुजुर्गों और माता पिता की देखभाल के लिए मिलेगा 10 हजार रुपये, मोदी सरकार बदलेगी नियम न्यूज़।माता-पिता और बुजुर्गों की देखरेख के लिए अब केंद्र सरकार नया नियम लाने जा रही है. दरअसल, मेंटनेंस और वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 पर मानसून सत्र में फैसला लिया जा सकता है. बता दें कि सोमवार से ही मानसून सत्र शुरू हो चुका है। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 केंद्र सरकार के एजेंडा में काफी समय से था. मानसून सत्र की शुरुआत में ही केंद्र सरकार इस बिल को लेना चाहती है. दिसंबर 2019 में पास कर दिया गया था ये नियम। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में पास कर दिया था। इस बिल का मकसद लोगों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को छोड़ने से रोकना है। विधेयक में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी जरूरतों, सुरक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ उनके भरण-पोषण और कल्याण का प्रावधान बनाया गया है। देश में कोविड-19 महामारी की दो विनाशकारी लहरों के मद्देनज़र आने वाला यह विधेयक मौजूदा सत्र में संसद द्वारा पास होने पर वरिष्ठ नागरिकों और अभिभावकों को अधिक पावर देगा. इस बिल को संसद में लाने से पहले कई बदलाव किये गये हैं. जानें इस नियम से संबंधित अहम जानकारी- वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में बच्चों का दायरा बढ़ाया गया है। इसमें बच्चे, पोतों (इसमें 18 साल से कम को शामिल नहीं किया गया है) को शामिल किया गया है. इस बिल में सौतेले बच्चे, गोद लिये बच्चे और नाबालिग बच्चों के कानूनी अभिभावकों को भी शामिल किया गया है। अगर ये बिल कानून बन जाता है तो 10,000 रुपये पेरेंट्स को मेंटेनेंस के तौर पर देने होंगे. सरकार ने स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग और पेरेंट्स की आय को ध्यान में रखते हुए, ये अमाउंट तय किया है। कानून में बायोलिजकल बच्चे, गोद लिये बच्चे और सौतेले माता पिता को भी शामिल किया गया है। मेंटेनेस का पैसा देने का समय भी 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दिया गया है।
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