भारत के श्रम बाजार के अनुकूल नहीं- अशोक सिंह

 भारत के श्रम बाजार के अनुकूल नहीं- अशोक सिंह 



नई दिल्ली । राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक सिंह ने लेवर कोड में म जोड़े जा रहे इस प्रावधान को भारत जैसे देश के श्रम बाजार के अनुकूल नहीं माना है ।उनका कहना है कि कोविड- 19 आपदा के चलते वर्क फ्राॅम योजना को एक प्रकल्प के रूप में लागू किया जा सकता है, लेकिन भविष्य के रोजगार संकट को देखते हुए इसे लम्बे समय तक जारी रखना ठीक नहीं होगा । हालाँकि विकसित देशों में वर्क फ्राॅम होम योजना नई नहीं है । विद्यार्थी, छात्र या अपने अतिरिक्त समय में श्रमदान करके लोग अतिरिक्त आय जुटाने के लिए अल्पावधि में वर्क फ्राॅम होम योजना का लाभ लेते हैं ।इससे यातायात प्रदूषण व अनुपयोगी खर्चों से बचा जा सकता है । करोना काल में यह स्कीम आर्थिक गतिविधियों को पुनर्सचालित करने में मददगार साबित हुई है । लेकिन इसको कानूनी जामा पहनाने से रोजगार संकट पैदा होने के आसार हैं ।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक सिंह ने कहा कि इस योजना की आड़ में कामगारों की वर्तमान आय में कटौती होने की संभावनाएं भी है ।श्रम मंत्रालय को यह सुनिश्चित करना पड़ेगा कि वर्क फ्राॅम होम के बहाने व्यवसायिक घराने कामगारों की आय में प्रति कूल असर न डालने पाएँ । उनका कहना है कि यदि साफ और स्वच्छ नीति से इसका अनुपालन हो तो यह योजना अल्पावधि के रोजगारों का सृजन करने में भी सहायक हो सकती है।