नारी स्मिता फाउंडेशन ने वितरित की साड़ियां

 नारी स्मिता फाउंडेशन ने वितरित की साड़ियां


–नारी स्माइल किट से महिलाओं के चेहरों में आएगी मुस्कान: स्मिता सिंह 

फतेहपुर। नारी स्मिता फाउंडेशन द्वारा संचालित रोटी घर के माध्यम से आज आधारपुर गांव में साड़ियों का वितरण किया गया। संचालिका स्मिता सिंह की माने तो शहर से जुड़ा हुआ एक ऐसा कोना जो मूलभूत आवश्यकताओं से अछूता है। इसके बाबत आज चयनित 20 विधवा निराश्रित महिलाओं को साड़ी एवं अन्य खाद्य सामग्री का वितरण किया गया। साथ ही बताया कि कि प्रत्येक माह नारी स्माइल किट का भी वितरण किया जाएगा जिससे रोजमर्रा के जरूरत का सामान उपलब्ध कराया जा सके। इस कार्य हेतु आधारपुर से मिथिलेश को अध्यक्ष एवं रेनू को उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया। कहा की महिलाओं एवं बच्चों की पोषण एवं शिक्षा के साथ-साथ सामाजिकता की भी जिम्मेदारी हम सब की है जिसे यथार्थ ही निभाया जाएगा। इस अवसर पर नीरजा चौहान, शांता कुमारी, आनंद तिवारी, प्रशांत पाटिल, यश प्रताप सिंह, विक्रम आदि मौजूद रहे।

Popular posts
अब बुजुर्गों और माता पिता की देखभाल के लिए मिलेगा 10 हजार रुपये, मोदी सरकार बदलेगी नियम न्यूज़।माता-पिता और बुजुर्गों की देखरेख के लिए अब केंद्र सरकार नया नियम लाने जा रही है. दरअसल, मेंटनेंस और वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 पर मानसून सत्र में फैसला लिया जा सकता है. बता दें कि सोमवार से ही मानसून सत्र शुरू हो चुका है। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 केंद्र सरकार के एजेंडा में काफी समय से था. मानसून सत्र की शुरुआत में ही केंद्र सरकार इस बिल को लेना चाहती है. दिसंबर 2019 में पास कर दिया गया था ये नियम। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में पास कर दिया था। इस बिल का मकसद लोगों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को छोड़ने से रोकना है। विधेयक में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी जरूरतों, सुरक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ उनके भरण-पोषण और कल्याण का प्रावधान बनाया गया है। देश में कोविड-19 महामारी की दो विनाशकारी लहरों के मद्देनज़र आने वाला यह विधेयक मौजूदा सत्र में संसद द्वारा पास होने पर वरिष्ठ नागरिकों और अभिभावकों को अधिक पावर देगा. इस बिल को संसद में लाने से पहले कई बदलाव किये गये हैं. जानें इस नियम से संबंधित अहम जानकारी- वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में बच्चों का दायरा बढ़ाया गया है। इसमें बच्चे, पोतों (इसमें 18 साल से कम को शामिल नहीं किया गया है) को शामिल किया गया है. इस बिल में सौतेले बच्चे, गोद लिये बच्चे और नाबालिग बच्चों के कानूनी अभिभावकों को भी शामिल किया गया है। अगर ये बिल कानून बन जाता है तो 10,000 रुपये पेरेंट्स को मेंटेनेंस के तौर पर देने होंगे. सरकार ने स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग और पेरेंट्स की आय को ध्यान में रखते हुए, ये अमाउंट तय किया है। कानून में बायोलिजकल बच्चे, गोद लिये बच्चे और सौतेले माता पिता को भी शामिल किया गया है। मेंटेनेस का पैसा देने का समय भी 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दिया गया है।
चित्र
तू मेरी गीता पढ़ले मैं पढ़ लू तेरी कुरान, आपस मे भाई चारा निभा के बनायेगे नया हिंदुस्तान
चित्र
पाल सामुदायिक उत्थान समिति की ब्लाक इस्तरीय संगठनात्मक बैठक हुई सम्पन्न
चित्र
कानपुर में ठेले पर पान, चाट और समोसे बेचने वाले 256 लोग निकले करोड़पति
चित्र
योगी सरकार लोगों को देने जा रही फ्री वाईफाई सुविधा
चित्र