कम पड़ गए फास्टैग, समय बढ़ने से मिली राहत

 कम पड़ गए फास्टैग, समय बढ़ने से मिली राहत



टोल से निकलने वाले वाहनों में फास्टैग की अनिवार्यता 



टोल से निकलने वाले वाहनों में फास्टैग की अनिवार्यता की तिथि बढ़ जाने से टोल संचालकों को भारी राहत मिली है। गुरुवार को कानपुर-प्रयागराज हाईवे के बड़ौरी व कटोघन टोल में स्थिति यह रही की हर अप-डाउन की लेन में फास्टैग लगाने वाले दो-दो कर्मी मुस्तैद रहे। एक जनवरी से अनिवार्यता को लेकर जागरुक वाहन चालक फास्टैग बनवाते रहे जिससे टोल में फास्टैग कम पड़ गए। दोनों टोल में तीन सौ अधिक फास्टैग लगाए गए।


मध्य रात्रि से हाईवे पर फर्राटा भरने वाले वाहनों पर फास्टैग कार्ड अनिवार्य हो जाएगा, ऐसी परिस्थितियों में बिना फास्टैग लगे वाहनों को टोल प्लाजा में रुकना होगा। कुछ ऐसी ही दहशत बिना फास्टैग वाले वाहन चालकों में रही। कटोघन टोल प्लाजा में प्रतिदिन 10-12 हजार वाहन गुजरते हैं। बड़ी संख्या में ट्रक, डंपर, रोडवेज बसों के अलावा छोटी कारें टोल से गुजरते हैं। गैर प्रांत तक आवाजाही करने वाले वाहनों पर फास्टैग कार्ड लग चुके हैं। छोटी कारों व स्थानीय वाहनों में फास्टैग न लगने से टोल प्लाजा से वाहन लेकर गुजरने में समस्या उठानी पड़ेगी। वाहन चालकों को टोल प्लाजा में तत्काल फास्टैग कार्ड बनाकर दिए जा सके, इसके लिए


आईसीआईसीआई, इंडसलैंड बैंक, पेटीएम तथा बैंक आफ बड़ौदा के कर्मचारी कार्ड तैयार कर रहे हैं। दोपहर एक बजे आईसीआईसीआई द्वारा बिठाए गए कर्मचारी दीपक पटेल के पास छोटी कार में लगने वाले फास्टैग कार्ड समाप्त हो गए। बड़ौरी टोल में अलग-अलग लेन में तीन कर्मचारी फास्टैग बनाने में लगे रहे। टोल मैनेजर प्रभाकर मिश्र ने कहा कि टोल में फास्टैग बनाने का कार्य चलता रहेगा।


समस्या कम नहीं हुई


फास्टैग लगा होने के बाद भी वाहनों को कतार में रेंगना पड़ा। कटोघन व बड़ौरी में दो लेन के सेंसर काम ही नहीं कर रहे। टोल कर्मियों को हैंड मशीन से फास्टैग स्कैन करना पड़ा। इससे समस्या यह रही कि कोई भी वाहन फर्राटा के साथ नहीं निकल पाया। बिना फास्टैग वाले वाहनों की संख्या इतनी अधिक रही कि टोल संचालक इस बात को लेकर परेशान रहे कि शुक्रवार से फास्टैग अनिवार्य होने की स्थिति में बिना फास्टैग वाले वाहनों से कैसे निपटा जाएगा। वाहन चालकों से झगड़ा होने की संभावना को लेकर टोल संचालकों ने पुलिस से सुरक्षा की मांग कर ली थी।

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