बर्ड फ्लू बीमारी को देखते हुए कैसे करें बचाव ले पूरी जानकारी
बर्ड फ्लू बीमारी को देखते हुए कैसे करें बचाव ले पूरी जानकारी
फतेहपुर।मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि बर्ड फ्लू के सम्बन्ध में समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों का संज्ञान लेते हुये जन सामान्य को सूचित किया जाता है कि पक्षियों में होने वाली बर्ड फ्लू बीमारी से ग्रसित पक्षियों में पाये जाने वाले
लक्षण यथा कलंगी एवं वाटल का नीला पड़ना, पंजों का नीला पड़ना एवं रक्त स्त्राव , आंखों से पानी बहना चेहरे एवं
गर्दन पर सूजन का होना जबकि सामान्य फ्लू में नाक से पानी बहना एवं सॉस लेने में कठिनाई होना पाया जाता है।

बर्डफ्लू रोग का बचाव ही उपचार है रोग से बचाव कैसे करें:-

1. कुक्कुट फार्म में स्वच्छता रखें एवं कीटाणुनाशक का छिड़काव करें।

2, बीमार पक्षियों को हमेशा स्वस्थ्य पक्षियों से अलग रखें।

3. कुक्कुट एवं कुक्कुट उत्पाद 70 डिग्री सेन्टीग्रेट तापमान पर 30 मिनट तक पकाने से वायरस नष्ट हो जाता है इसके
उपरान्त ही प्रयोग करें।

4. कुक्कुट फार्मो के समीप सूकर पालन न करें।

5. कुक्कुट फार्म के प्रवेश द्वार पर फुटवाश अवश्य बनाये जिसमें सोडियम हाइड्राक्साइड का घोल रखें।

6. फार्म के मुख्य प्रवेश द्वार पर वाहन को कीटाणुरहित करने के पश्चात ही प्रवेश दें।

7. आगन्तुकों का फार्म में प्रवेश नियंत्रित रखें अतिआवश्यक होने पर प्रवेश कुछ सावधानियों को ध्यान में रखते हुये जैसे
गमबूट, डिस्पोजल कपड़े, मास्क पहन कर एवं हाथ साबुन से धोने तथा कीटनाशक घोल(लाल दवा, डिटाल, सेवलान आदि) से कीटाणुरहित करने के पश्चात ही प्रवेश दिया जाये।

8. कुक्कुट फार्म के शेड व आसपास सफाई रखें, परिसर के खरपतवार की सफाई करवायें व चूहों के रोकथाम के उपाय

9. फार्म में उपयोग में लाये जाने वाले उपकरण व बाहर से लाये नये उपकरण जैसे अण्डों की ट्रे इत्यादि को सोडियम हाइड्रोक्लोराइड से कीटाणुरहित करने के पश्चात ही उपयोग में लाये।

10. फर्श व दीवारों को कीटाणुरहित करने के लिये क्वाटरनरी अमोनियम साल्ट का प्रयोग करें।

11. नये लाये गये कुक्कुटों को कम से कम 30 दिनों तक फार्म के कुक्कुटों से दूर रखें।

12 फार्म परिसर में बिल्ली, कुत्ता व अन्य जंगली जानवरों का प्रवेश न होने दें।

13. फार्म के कुक्कुटों को प्रवासी पक्षी, बत्तख, वाटर फाउल आदि के सम्पर्क में न आने दें।

मृत पक्षियों का निस्तारण कैसे करें:-

1. मृत पक्षियों को जलाकर अथवा गहरे गड्ढे में दबाकर निस्तारित करें।
2. मृत पक्षियों को जलाने के लिये 100 कि0ग्रा0 मृत पक्षियों पर 05 कुन्टल लकड़ी होनी चाहिए।
3. गड्ढे में डालने के लिये कम से कम 2 मी0 लम्बा 2 मी0 चौड़ा एवं 2 मी०गहरा गड्ढा होना चाहिए। यह 1800 मृत पक्षियों के लिये उपयुक्त है। इसके उपरान्त कैल्शियम हाइड्राक्साइड की परत देकर मिट्टी की परत से दबाना चाहिये।
रखें।
Popular posts
जिला पंचायत व ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में बड़े बदलाव की तैयारी में योगी सरकार
इमेज
शनिवार से लगेगा कोरोना का टीका, इन लोगों से होगी शुरुआत
इमेज
शराब पीकर मरने वाले के घर से बरामद बोतलों पर लगे बारकोड की जांच में चौंकाने वाले तथ्य आया सामने
इमेज
जिलाधिकारी ने बांदा टांडा बाईपास नउवाबाग राधा नगर एवं गाजीपुर विजयीपुर मार्ग का किया निरीक्षण
इमेज
जानकी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य के सामयिक निधन से शिक्षा जगत में शोक व्याप्त
इमेज