दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री का अपना दल एस के नेताओं ने किया स्वागत

 दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री का अपना दल एस के नेताओं ने किया स्वागत


---- अपना दल एस संगठन मजबूत करने पर दिया गया बल

बिंदकी फतेहपुर

उत्तर प्रदेश पशुधन विकास परिषद के दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री का अपना दल एस के नेताओं ने फूल मालाओं से लादकर भव्य स्वागत किया इस मौके पर उन्होंने अपना दल एस के संगठन को मजबूत करने पर बल दिया और कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार लगातार जनता के हितों के लिए कार्य कर रही है

     गुरुवार को बिंदकी क्षेत्र के भवानीपुर गांव में उत्तर प्रदेश पशुधन विकास परिषद के दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री अजय प्रताप सिंह का अपना दल एस के जिला महासचिव अनिल सिंह पटेल ने अपने आवास पर फूल मालाओं से लादकर भव्य स्वागत किया इस मौके पर दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री ने अपना दल एस के पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं से कहा कि संगठन को पूरी तरह से मजबूत करें आने वाले पंचायत चुनाव तथा विधानसभा 2022 के चुनाव को लेकर अभी से लोगों के बीच जाएं और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जो जनता के हितों के लिए कार्य किए जा रहे उनके बारे में लोगों को जानकारी दें उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जनता के लिए हर प्रकार से विकास कार्य कराए जा रहे हैं अधिक से अधिक योजनाएं लाई जा रही हैं उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश की जनता के लिए तमाम विकास योजनाएं लाने वाली है इस मौके पर अपना दल के जिला अध्यक्ष अनिल उमराव अपना दल एस के जिला महासचिव अनिल सिंह पटेल के अलावा दर्शन पटेल अशोक पटेल लालमन पटेल सुनील कुमार पटेल सहित तमाम लोग मौजूद रहे

Popular posts
अब बुजुर्गों और माता पिता की देखभाल के लिए मिलेगा 10 हजार रुपये, मोदी सरकार बदलेगी नियम न्यूज़।माता-पिता और बुजुर्गों की देखरेख के लिए अब केंद्र सरकार नया नियम लाने जा रही है. दरअसल, मेंटनेंस और वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 पर मानसून सत्र में फैसला लिया जा सकता है. बता दें कि सोमवार से ही मानसून सत्र शुरू हो चुका है। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 केंद्र सरकार के एजेंडा में काफी समय से था. मानसून सत्र की शुरुआत में ही केंद्र सरकार इस बिल को लेना चाहती है. दिसंबर 2019 में पास कर दिया गया था ये नियम। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में पास कर दिया था। इस बिल का मकसद लोगों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को छोड़ने से रोकना है। विधेयक में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी जरूरतों, सुरक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ उनके भरण-पोषण और कल्याण का प्रावधान बनाया गया है। देश में कोविड-19 महामारी की दो विनाशकारी लहरों के मद्देनज़र आने वाला यह विधेयक मौजूदा सत्र में संसद द्वारा पास होने पर वरिष्ठ नागरिकों और अभिभावकों को अधिक पावर देगा. इस बिल को संसद में लाने से पहले कई बदलाव किये गये हैं. जानें इस नियम से संबंधित अहम जानकारी- वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में बच्चों का दायरा बढ़ाया गया है। इसमें बच्चे, पोतों (इसमें 18 साल से कम को शामिल नहीं किया गया है) को शामिल किया गया है. इस बिल में सौतेले बच्चे, गोद लिये बच्चे और नाबालिग बच्चों के कानूनी अभिभावकों को भी शामिल किया गया है। अगर ये बिल कानून बन जाता है तो 10,000 रुपये पेरेंट्स को मेंटेनेंस के तौर पर देने होंगे. सरकार ने स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग और पेरेंट्स की आय को ध्यान में रखते हुए, ये अमाउंट तय किया है। कानून में बायोलिजकल बच्चे, गोद लिये बच्चे और सौतेले माता पिता को भी शामिल किया गया है। मेंटेनेस का पैसा देने का समय भी 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दिया गया है।
चित्र
तू मेरी गीता पढ़ले मैं पढ़ लू तेरी कुरान, आपस मे भाई चारा निभा के बनायेगे नया हिंदुस्तान
चित्र
पाल सामुदायिक उत्थान समिति की ब्लाक इस्तरीय संगठनात्मक बैठक हुई सम्पन्न
चित्र
कानपुर में ठेले पर पान, चाट और समोसे बेचने वाले 256 लोग निकले करोड़पति
चित्र
योगी सरकार लोगों को देने जा रही फ्री वाईफाई सुविधा
चित्र