किसान मजदूर मोर्चा ने प्रदर्शन कर एसडीएम को सौंपा 22 सूत्रीय ज्ञापन

 किसान मजदूर मोर्चा ने प्रदर्शन कर एसडीएम को सौंपा 22 सूत्रीय ज्ञापन


------ समस्याएं हल न होने पर जताई नाराजगी

------ तहसील परिसर में पंचायत कर किया पैदल मार्च


गिरिराज शुक्ला 

बिंदकी फतेहपुर,किसान मजदूर मोर्चा ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अमर सिंह पटेल के नेतृत्व में तहसील परिसर में पंचायत लगाई और किसानों की समस्या हल ना होने पर जमकर नाराजगी जताई इतना ही नहीं तहसील परिसर में पैदल मार्च कर सभागार कक्ष के सामने पहुंचे और जमकर नारेबाजी की गई इस मौके पर मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उप जिलाधिकारी को एक 22 सूत्री ज्ञापन सौंपा और कहा कि सभी समस्याएं हल की जाए वरना वृहद आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा

     मंगलवार को किसान मजदूर मोर्चा द्वारा तहसील परिसर में पंचायत लगाई गई जिसमें बार-बार आश्वासन दिए जाने के बाद भी क्षेत्रीय समस्याओं से लेकर प्रदेश इस्त्री और राष्ट्रीय स्तरीय समस्याएं हल ना होने पर जमकर नाराजगी जाहिर की गई और चेतावनी दी गई कि यदि उनकी समस्याएं हल नहीं की गई तो एक वृहद आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा किसान मजदूर मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमन सिंह पटेल के नेतृत्व में किसान मजदूर मोर्चा के लोगों ने तहसील परिसर में पैदल मार्च किया और तहसील के सभागार कक्ष के सामने पहुंचे वहां पर महामहिम राष्ट्रपति तथा महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश को संबोधित एक 22 सूत्री ज्ञापन उप जिलाधिकारी प्रियंका को सौंपा गया जिसमें पिछले 10 वर्षों से अधूरे पड़े बिंदकी बाईपास को बनवाने की मांग की गई इसके अलावा बिंदकी तहसील क्षेत्र के सभी गांव व नगर क्षेत्र में कम से कम 18 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग की गई इतना ही नहीं बिंदकी तहसील के अंतर्गत जिन लोगों को अभी तक आवास शौचालय नहीं मिले हैं उनको आवास शौचालय दिए जाने की मांग की गई ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि किसानों के नलकूपों की बिजली काट कर उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है अवैध वसूली भी की जा रही है इसे बंद किया जाए ज्ञापन में कृषि कानून में संशोधन करने की मांग की गई कहा गया कि सरकार को बुद्धिजीवी किसानों के साथ एक वार्ता कर तीनों कृषि कानूनों में संशोधन करना चाहिए ज्ञापन में किसान मजदूर आयोग के गठन करने की मांग की गई तथा प्रत्येक किसान मजदूर का 10 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा कराने की भी मांग की गई ज्ञापन में कहा गया कि किसान मजदूर की 60 वर्ष की उम्र होने पर उसे सरकार ₹5000 प्रतिमाह मासिक पेंशन देने का काम करें ज्ञापन में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता में आने के पहले वादा किया था कि यदि उनकी सरकार बनेगी तो किसानों की आय दुगनी होगी लेकिन किसानों की दुगनी आए नहीं हो सकी मांग की गई कि किसानों को उर्वरक कीटनाशक दवाओं तथा बीज आदि ने आधी छूट दी जाए प्रत्येक किसान का ₹800000 का फसल बीमा मुक्त किया जाए ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि उत्तर प्रदेश सरकार सभी जनपदों तहसील तथा ग्राम सभाओं में जो सरकारी जमीन में अवैध कब्जे हैं तालाबों में कब्जे हैं उन्हें हटाया जाए और कब्जा मुक्त जमीनों को गरीब मजदूरों किसानों को पता किया जाए इतना ही नहीं प्रदेश के सभी थानों में व्याप्त भ्रष्टाचार तथा धन उगाही तत्काल प्रभाव से बंद कराई जाए प्रदेश सरकार से जनपद तहसील तथा ग्राम क्षेत्र में संचालित मेडिकल कॉलेजों इंजीनियरिंग कालेज तथा अन्य संस्थाओं पर नियुक्ति होने पर जनपद के स्थानीय बच्चों को प्राथमिकता देने की मांग की गई बिंदकी तहसील के अंतर्गत जिन लोगों के अभी तक राशन कार्ड नहीं बने हैं लंबित पड़े हैं ऐसे गरीबों के राशन कार्ड बनवाने का काम किया जाए तथा प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाएं ठीक की जाए चिकित्सकों की व्यवस्था की जाए तथा दवा भी उपलब्ध कराई जाएं ज्ञापन लेने के बाद उप जिलाधिकारी प्रियंका ने किसान मजदूर मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमर सिंह पटेल को आश्वासन दिया कि उनकी सभी मांगों को जल्द हल करने का काम किया जाएगा इस मौके पर किसान मजदूर मोर्चा के प्रदेश सचिव रामबरन गौतम जंग बहादुर कुशवाहा मंडल सचिव महावीर गौतम जिला सचिव श्री गोपाल सोनकर के अलावा किसान मजदूर मोर्चा के विश्वजीत सिंह तेजपाल सक्सेना सुधा गुप्ता याकूब हाफिज दिनेश कुमार सोनकर बलराम यादव राम प्रकाश मिश्रा संतोष पटेल सत्तो देवी निषाद गजराज पाल संगीता देवी निषाद धर्मेंद्र सिंह लल्लन सिंह दीपू शुक्ला सिखा देवी निर्मला सोनकर कल्लू गौतम सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

Popular posts
अब बुजुर्गों और माता पिता की देखभाल के लिए मिलेगा 10 हजार रुपये, मोदी सरकार बदलेगी नियम न्यूज़।माता-पिता और बुजुर्गों की देखरेख के लिए अब केंद्र सरकार नया नियम लाने जा रही है. दरअसल, मेंटनेंस और वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 पर मानसून सत्र में फैसला लिया जा सकता है. बता दें कि सोमवार से ही मानसून सत्र शुरू हो चुका है। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 केंद्र सरकार के एजेंडा में काफी समय से था. मानसून सत्र की शुरुआत में ही केंद्र सरकार इस बिल को लेना चाहती है. दिसंबर 2019 में पास कर दिया गया था ये नियम। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में पास कर दिया था। इस बिल का मकसद लोगों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को छोड़ने से रोकना है। विधेयक में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी जरूरतों, सुरक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ उनके भरण-पोषण और कल्याण का प्रावधान बनाया गया है। देश में कोविड-19 महामारी की दो विनाशकारी लहरों के मद्देनज़र आने वाला यह विधेयक मौजूदा सत्र में संसद द्वारा पास होने पर वरिष्ठ नागरिकों और अभिभावकों को अधिक पावर देगा. इस बिल को संसद में लाने से पहले कई बदलाव किये गये हैं. जानें इस नियम से संबंधित अहम जानकारी- वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में बच्चों का दायरा बढ़ाया गया है। इसमें बच्चे, पोतों (इसमें 18 साल से कम को शामिल नहीं किया गया है) को शामिल किया गया है. इस बिल में सौतेले बच्चे, गोद लिये बच्चे और नाबालिग बच्चों के कानूनी अभिभावकों को भी शामिल किया गया है। अगर ये बिल कानून बन जाता है तो 10,000 रुपये पेरेंट्स को मेंटेनेंस के तौर पर देने होंगे. सरकार ने स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग और पेरेंट्स की आय को ध्यान में रखते हुए, ये अमाउंट तय किया है। कानून में बायोलिजकल बच्चे, गोद लिये बच्चे और सौतेले माता पिता को भी शामिल किया गया है। मेंटेनेस का पैसा देने का समय भी 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दिया गया है।
चित्र
तू मेरी गीता पढ़ले मैं पढ़ लू तेरी कुरान, आपस मे भाई चारा निभा के बनायेगे नया हिंदुस्तान
चित्र
पाल सामुदायिक उत्थान समिति की ब्लाक इस्तरीय संगठनात्मक बैठक हुई सम्पन्न
चित्र
कानपुर में ठेले पर पान, चाट और समोसे बेचने वाले 256 लोग निकले करोड़पति
चित्र
योगी सरकार लोगों को देने जा रही फ्री वाईफाई सुविधा
चित्र