राम-सीता विवाह के समय बरसे फूल

 राम-सीता विवाह के समय बरसे फूल



अमौली (फतेहपुर)।अमौली क्षेत्र के चांदपुर श्री गूढेश्व़र अखंड धाम  में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा में मंगलवार को भगवान राम-सीता के विवाह का सचित्र वर्णन किया गया।   कथा व्यास स्वामी बाल जी महाराज ने कहा कि भगवान राम द्वारा भगवान शिव के धनुष के दो टुकड़े करते ही आसमान में बिजली कड़कने लगी और देवताओं ने पुष्प वर्षा की। धनुष खंडन की ध्वनि जैसे ही भार्गव परशुराम के कानों मे पड़ी तो उनकी समाधि टूट गयी और वे मिथिला रंगशाला मे आ गए  और धनुष को दो खंडों मे भूमि मे पड़ा देख क्रोध मे बोले -"कहु जड़ जनक धनुष केहि तोरा" यदि मेरे सामने धनुष तोड़ने वाले को न लाया गया तो सम्पूर्ण राज्य की वसुंधरा को उलट पलट डालूँगा लक्ष्मण जी से परशुराम जी का संवाद हुआ और फिर भार्गव जी वन को चले गये अनुजों समेत भगवान श्री राम का विवाह संपन्न हुआ कथा मे म. प्र. से पधारे भक्तों सहित ग्रामीण स्रोता व समिति के पवन पांडेय, अमित पांडेय, अर्जुन सिंह व गोरे सेंगर मंदिर महंत शिवशिवानंद आदि लोग रहे