डॉक्टर एस.पी. सिंह ने टोक्यो ओलंपिक जागरूकता रिले मुख्य दल को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

 डॉक्टर एस.पी. सिंह ने टोक्यो ओलंपिक जागरूकता रिले  मुख्य दल को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना


न्यूज ऑफ़ फतेहपुर

लखनऊ,22जुलाई। लखनऊ पब्लिक स्कूल्स एंड कॉलेजेज के संस्थापक प्रबंधक डॉ. एस. पी. सिंह ने प्रदेश स्तरीय टोक्यो ओलंपिक जागरूकता रिले के मुख्य दल को लखनऊ से हरी झंडी दिखाकर रवाना  किया l इस अवसर पर लक्ष्मण  पुरस्कार विजेता रविकांत मिश्रा, डायरेक्टर हर्षित सिंह, एलपीसीपीएस डीन डॉ. एल.एस. अवस्थी, प्रिंसिपल अनीता चौधरी उपस्थित रहीं l माननीय प्रधानमंत्री जी एवं माननीय खेल मंत्री भारत सरकार की प्रेरणा से खेल जगत फाउंडेशन द्वारा उत्तर प्रदेश के 51 जनपदों में 3625 किलोमीटर की प्रदेश स्तरीय टोक्यो ओलंपिक रिले का आयोजन किया जा रहा है  l डॉ. एस.पी. सिंह ने कहा कि इस आयोजन से निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश ओलंपिक संघ, स्पेशल ओलंपिक संघ, पैरा ओलंपिक संघ , नेहरू युवा केंद्र संगठन एवं युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग आदि द्वारा समर्थित इस रिले से निश्चित ही ओलंपिक खेल में प्रतिभाग ले रहे खिलाड़ियों के साथ अन्य खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी, और साथ ही प्रदेश के अलग-अलग जिलों में इसके माध्यम से लोगों में खेल के प्रति रुचि विकसित होगी l

Popular posts
अब बुजुर्गों और माता पिता की देखभाल के लिए मिलेगा 10 हजार रुपये, मोदी सरकार बदलेगी नियम न्यूज़।माता-पिता और बुजुर्गों की देखरेख के लिए अब केंद्र सरकार नया नियम लाने जा रही है. दरअसल, मेंटनेंस और वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 पर मानसून सत्र में फैसला लिया जा सकता है. बता दें कि सोमवार से ही मानसून सत्र शुरू हो चुका है। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 केंद्र सरकार के एजेंडा में काफी समय से था. मानसून सत्र की शुरुआत में ही केंद्र सरकार इस बिल को लेना चाहती है. दिसंबर 2019 में पास कर दिया गया था ये नियम। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में पास कर दिया था। इस बिल का मकसद लोगों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को छोड़ने से रोकना है। विधेयक में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी जरूरतों, सुरक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ उनके भरण-पोषण और कल्याण का प्रावधान बनाया गया है। देश में कोविड-19 महामारी की दो विनाशकारी लहरों के मद्देनज़र आने वाला यह विधेयक मौजूदा सत्र में संसद द्वारा पास होने पर वरिष्ठ नागरिकों और अभिभावकों को अधिक पावर देगा. इस बिल को संसद में लाने से पहले कई बदलाव किये गये हैं. जानें इस नियम से संबंधित अहम जानकारी- वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में बच्चों का दायरा बढ़ाया गया है। इसमें बच्चे, पोतों (इसमें 18 साल से कम को शामिल नहीं किया गया है) को शामिल किया गया है. इस बिल में सौतेले बच्चे, गोद लिये बच्चे और नाबालिग बच्चों के कानूनी अभिभावकों को भी शामिल किया गया है। अगर ये बिल कानून बन जाता है तो 10,000 रुपये पेरेंट्स को मेंटेनेंस के तौर पर देने होंगे. सरकार ने स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग और पेरेंट्स की आय को ध्यान में रखते हुए, ये अमाउंट तय किया है। कानून में बायोलिजकल बच्चे, गोद लिये बच्चे और सौतेले माता पिता को भी शामिल किया गया है। मेंटेनेस का पैसा देने का समय भी 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दिया गया है।
चित्र
तू मेरी गीता पढ़ले मैं पढ़ लू तेरी कुरान, आपस मे भाई चारा निभा के बनायेगे नया हिंदुस्तान
चित्र
पाल सामुदायिक उत्थान समिति की ब्लाक इस्तरीय संगठनात्मक बैठक हुई सम्पन्न
चित्र
कानपुर में ठेले पर पान, चाट और समोसे बेचने वाले 256 लोग निकले करोड़पति
चित्र
योगी सरकार लोगों को देने जा रही फ्री वाईफाई सुविधा
चित्र